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400 पार जाकर क्या PM Modi रखेंगे हिंदू राष्ट्र की नींव?
हम और आप जिस नये आत्मनिर्भर भारत की सनातन तस्वीर को देखना चाहते हैं, उसके लिए देश हित में पीएम मोदी को कितनी क़ानून बनाने पड़ेंगे | इसको लेकर क्या कहती है, धर्म से सनातनी कर्म से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की भविष्यवाणी?
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इन दिनों लोकसभा चुनाव अपने पूरे शबाब पर है | आर-पार की इस चुनावी लड़ाई में ज़ुबानी बाण छोड़े जा रहे हैं | नेताओं की जुबानबाजी चरम सीमा पर है | 400 पार का ख़्वाब देख रही भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी ताक़तों ने एड़ी-चोटी का ज़ोर लगा रखा है | कांग्रेस का आरोप हैं कि भाजपा 400 पार जाकर देश का संविधान बदल देगी | डे वन से कांग्रेसी राहुल गांधी तो देश के संविधान को ख़तरे में बता रहे हैं, लेकिन क्या सच में ऐसा है? आँकड़े बताते हैं, बीते 10 सालों में मोदी सरकार ने संविधान में 8 बड़े संशोधन किये हैं | लेकिन कांग्रेस के राज में 80 बार बदलाव किये गये। इतिहास गवाह है कि, इमरजेंसी के वक़्त इंदिरा सरकार में इस हद तक बदलाव किये गये कि ‘Constitution of India’ की जगह ‘Constitution of Indira’ कहा जाने लगा | इंदिरा गांधी ने एक ही संशोधन में 40 अनुच्छेद तक बदल दिए थे और आज जब हिंदू राष्ट्र की माँग हो रही है, राम राज्य की कल्पना की जा रही है, धर्मांतरण के ख़िलाफ़ क़ानून लाने की आवाज़ उठ रही है, तो ऐसे में कितनी दफ़ा पीएम मोदी को देश के संविधान में संशोधन करने पड़ेंगे? हम और आप जिस नये आत्मनिर्भर भारत की सनातन तस्वीर को देखना चाहते हैं, उसके लिए देश हित में पीएम मोदी को कितनी क़ानून बनाने पड़ेंगे? इसको लेकर क्या कहती है, धर्म से सनातनी, कर्म से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की भविष्यवाणी?
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