×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

गजनवी द्वारा तोड़े गये खंडित शिवलिंग को क्या मोदी सोमनाथ मंदिर में करेंगे स्थापित ?

गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहकर उन्होंने कई इतिहास रचे और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर की वैभवता को बनाए रखा। अब जब तीसरी बार पीएम मोदी देश की कमान सँभाले हुए हैं, तो ऐसे में क्या गजनवी द्वारा तोड़े गए सोमनाथ शिवलिंग को पुनः अपने हाथों से स्थापित करेंगे ? सोमनाथ मंदिर की मिस्ट्री और हिस्ट्री के बीच शिवलिंग स्थापना का सच क्या है ?

गजनवी द्वारा तोड़े गये खंडित शिवलिंग को क्या मोदी सोमनाथ मंदिर में करेंगे स्थापित ?
Advertisement

भारत के कर्मशील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शिव भक्ति और सोमनाथ मंदिर के प्रति उनका गहरा लगाव  किसी से छिपा नहीं है। पार्टी कार्यकर्ता से लेकर देश के प्रधान सेवक तक का सफ़र तय करने वाले पीएम मोदी को जब भी मौक़ा मिला, महादेव की शरण में नज़र आए। गुजरात उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों रही। गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहकर उन्होंने कई इतिहास रचे और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से पहले ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर की वैभवता को बनाए रखा। अब जब तीसरी बार पीएम मोदी देश की कमान सँभाले हुए हैं, तो ऐसे में क्या गजनवी द्वारा तोड़े गए सोमनाथ शिवलिंग को पुनः अपने हाथों से स्थापित करेंगे ? सोमनाथ मंदिर की मिस्ट्री और हिस्ट्री के बीच शिवलिंग स्थापना का सच क्या है ?

सोमनाथ मंदिर का इतिहास खून से लिखा गया है। ना सिर्फ़ गजनवी, ख़िलजी की सेना, मुजफ्फर शाह , महमूद बेगदा और औरंगजेब इन तमाम आक्रांताओं ने ना सिर्फ़ सोमनाथ मंदिर में तबाही मचाई, बल्कि ज्योर्तिलिंग को खंडित भी किया। धर्म ग्रंथों की बात करें, तो श्रीमद भगवत गीता, स्कंद पुराण, शिव पुराण, ऋग्वेद सभी में सोमनाथ मंदिर का जिक्र है, लेकिन असल इतिहास किसी को नहीं पता और ना ही इस बात का पता है कि इसे कब बनाया गया हालाँकि ये दावा आज भी किया जाता है कि जब गजनवी आया था तब सोमनाथ मंदिर का शिवलिंग हवा में उड़ा करता था। देखा जाए तो, शिवलिंग की हिस्ट्री आज भी एक मिस्ट्री बनी हुई है, हालाँकि इन सबके बीच हाल ही में गुजरात निवासी और पेशे से पुजारी सीताराम शास्त्री के एक दावे ने दुनिया को चौंका दिया है। पुजारी सीताराम शास्त्री जी का ये कहना है कि उनके पास गजनवी द्वारा तोड़ गये सोमनाथ शिवलिंग के टुकड़े हैं, जिन्हें एक लंबे से सँभाल कर रखा गया और अब उन्हें मंदिर में प्रतिष्ठित किया जाना चाहिए। शास्त्री का दावा है कि 11वीं शताब्दी में मोहम्मद गजनी ने मंदिर और मूल शिवलिंग को ध्वस्त कर दिया था। सवाल उठता है कि अगर शास्त्री जी के पास मूल शिवलिंग के खंडित टुकड़े हैं, तो उन्हें ये कहां से मिले और अब तक छुपा कर क्यों रखा था। इसके लिए आप ये जान लें .पुजारी शास्त्री पिछले 21 वर्षों से पवित्र लिंगम के टुकड़ों को संरक्षित कर रहे हैं और अब वह चाहते हैं कि इसे सोमनाथ मंदिर में प्रतिष्ठित किया जाए। इस सिलसिले में उन्होंने आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से मुलाकात की है। रविशंकर ने उनका समर्थन किया है।


इस पूरे मामले में .पुजारी शास्त्री जी का कहना है “शिवलिंग के ये हिस्से मुझे 21 साल पहले मिली थीं। इससे पहले इन्हें मेरे चाचा ने रखा था। उन्होंने स्थापित करवाने का आदेश दिया था। ये सोमनाथ की असली मूर्ति है। 1000 साल हो गए हैं। ये मेरे चाचा को उनके गुरु प्रणवेंद्र सरस्वती जी ने दी थी। उसके बाद मेरे चाचा ने 60 साल तक इसकी पूजा की। ये मूर्ति मेरे, उनके और उनके गुरु के पास गुरु-प्रथा से ही आई है।"


Advertisement

पुजारी सीताराम शास्त्री के दावे के अनुसार, उनके पास गजनवी द्वारा तोड़ गये सोमनाथ शिवलिंग के टुकड़े हैं, जिन्हें पुनः मंदिर में स्थापित किये जाने के लिए वो देश के संतों के पास गये। आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने उन्हें इसके लिए आश्वासन दि। या फिर यूँ कहे कि मूल खंडित शिवलिंग को पुनः स्थापित किये जाने की गारंटी दी है। ऐसे में क्या शिवलिंग की स्थापना पीएम मोदी के हाथों होगी ? क्योंकि आज की डेट में भी पीएम मोदी सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं..सोमनाथ मंदिर का प्रबंधन सँभालने वाले न्यास के अध्यक्ष भी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या खंडित शिवलिंग के टुकड़े पीएम मोदी द्वारा सोमनाथ मंदिर में स्थापित होंगे।

यह भी पढ़ें

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें