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पाकिस्तान को तोड़कर क्या मोदी पूरा करेंगे अखंड भारत वाली 52 साल पुरानी भविष्यवाणी
मीरा अलफासा है, जिन्हें श्री माँ के नाम से ख़ुद की पहचान बनाई. इन्होंने जिस अखंड भारत की भविष्यवाणी की, क्या उसी के सत्य होने का समय अब आ चुका है ? अखंड भारत में पाकिस्तान की वापसी और अखंड भारत पर 52 साल पुरानी भविष्यवाणी. पीएम मोदी का इससे क्या क्कनेक्शन है ?
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पाकिस्तान के टुकड़े होंगे, अखंड भारत लौटेगा लेकिन क्या पीएम मोदी के हाथों सत्य सिद्ध होगी 52 साल पुरानी भविष्यवाणी. भारत-पाकिस्तान के बीच की तनातनी में एक नाम ऐसा है, जिसकी चर्चा चारों तरफ़ है. भविष्यवाणी करने वाले कोई और नहीं, बल्कि मीरा अलफासा है, जिन्हें श्री माँ के नाम से ख़ुद की पहचान बनाई. इन्होंने जिस अखंड भारत की भविष्यवाणी की, क्या उसी के सत्य होने का समय अब आ चुका है ? अखंड भारत में पाकिस्तान की वापसी और अखंड भारत पर 52 साल पुरानी भविष्यवाणी. पीएम मोदी का इससे क्या क्कनेक्शन है ?
ऑपरेशन सिंदूर के रास्ते जब पहलगाम आतंकी हमले का बदला लिया गया. आतंक के आंकाओं को पाकिस्तान और PoK में घुसकर ढेर किया. 9 जगहों पर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया. पूरी की पूरी पाकिस्तानी हुकूमत और आर्मी, दोनों बौखला गई और आज अपनी इसी बौखलाहट में सीमा उल्लंघन कर रही है. बॉर्डर पर भारी बमबारी कर रही है, रॉकेट और ड्रोन हमले कर रही है. हालाँकि, पाकिस्तान के हमलों को नाकाम करने में लगी भारतीय सेना उनकी औक़ात दिखाने का भी मौक़ा नहीं छोड़ रही है. भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान में हाहाकार मचा हुआ है. पाकिस्तान के एयर डिफ़ेंस सिस्टम से लेकर एयर बेस ध्वस्त हो गये हैं..पाकिस्तान के शहरों में मौजूद आतंकी ठिकानों को मिट्ठी किया रहा है. हमलों में दिनों दिन तबाह होता पाकिस्तान क्या मिट्ठी हो जाएगा या फिर उसकी वापसी से अखंड भारत लौट आएगा ? इसी एक सवाल में छिपी है, मीरा अलफासा की 52 साल पुरानी भविष्यवाणी.
तमिलनाडु के विलुप्पुरम ज़िले में स्थित ऑरोवैली आश्रम उन्हीं मीरा अलफासा ने स्थापित किया , जो भारत आकर यहीं की आध्यात्मिक दुनिया में रम गई. उन्हीं के आश्रम में पीएम मोदी 2018 गये और तब उन्होंने इस आश्रम में उस अखंड भारत का नक़्शा देखा, जिसकी वास्तविकता की भविष्यवाणी आज से 52 साल पहले माँ यानी मीरा अलफासा ने किया था. दरअसल पेरिस के यहूदी परिवार में जन्मी मीरा अलफासा को बचपन में ही आध्यात्मिक अनुभूति हुई और श्री कृष्ण के प्रति उनका लगवा उन्हें भारत खींच लाया. कृष्ण के प्रति बढ़ी आसक्ति के बीच मीरा अल्फासा ने कई हिंदू ग्रंथों का विस्तार से अध्ययन किया, इस बीच जब उनकी मुलाक़ात क्रांतिकारी से महर्षि बने अरविंद जी से मुलाक़ात हुई, तब से वो सनातन धर्म को फ़ॉलो करने लगी और फिर उसके बाद उनके आश्रम की साधिका बन गई. क्रांतिकारी का मार्ग छोड़कर आध्यात्म के रास्ते पर चलने वाले महर्षि अरविंद , अतीत में एक ऐसी प्रभावशाली शख़्सियत रही, जिनके सानिध्य में आकर लोगों ने आध्यात्म की शक्ति से अपना जीवन बदला.
कहते हैं, 1947 में जब पाकिस्तान की नींव रखी जा रही थी, तभी महर्षि अरविंद ने पाकिस्तान के टूटने और फिर वापस भारत में मिलने की भविष्यवाणी की थी. अपने गुरु की इसी भविष्यवाणी को दोहराते हुए , साल 1973 में मीरा अलफासा यानी माँ ने अखंड भारत की भविष्यवाणी करते हुए ये कहा था कि पाकिस्तान अभी और कई टुकड़ों में टूटेगा और इन सारे टुकड़ों को धीरे-धीरे भारत में ही मिला दिया जाएगा। एक बार फिर से भारत एक अखंड राष्ट्र बनेगा.मीरा अलफासा की यही भविष्यवाणी उनके आश्रम में मौजूद अखंड भारत के नक़्शे को दर्शाती है, जिस पीएम मोदी भी देख चुके हैं और उनकी इस भविष्यवाणी से भी अवगत है. इन्हीं कारणों के चलते आज एक बार फिर माँ यानी मीरा अलफासा को याद किया जा रहा है. अखंड भारत को लेकर उनकी कही बातें को याद किया जा रहा है और अखंड भारत की वापसी को लेकर पीएम मोदी की तरफ़ उम्मीद भरी नज़रों से देखा जा रहा है. इस वक़्त जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनातनी का माहौल बढ़ता जा रहा है, पाकिस्तान के ख़ुद के अंदर विद्रोह की चिंगारी भड़की हुई है. PoK से लेकर बलूचिस्तान में पाकिस्तान से आज़ादी माँगी जा रही है, तो ऐसे में क्या अखंड भारत का सपना हक़ीक़त बन सकता है?
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