Advertisement
हर पंक्ति, हर गाने में चंद्रमा को क्यों कहा जाता है मामा? जानिए वो रहस्य जिसे बहुत कम लोग जानते हैं
क्या आपने कभी सोचा है कि चांद को ‘मामा’ क्यों कहा जाता है? बचपन से सुनी इस बात के पीछे छिपी हैं गहरी पौराणिक कहानियां जहां समुद्र मंथन, गणेश जी और भगवान शिव का खास संबंध जुड़ा है. जानिए वो रहस्य, जिसने चंद्रमा को बनाया सबका प्यारा चांद मामा!
Advertisement
‘ओ चंदा मामा से प्यारा मेरा मामा, मेरी आँखों का मेरा मामा’ कविताओं से लेकर फिल्मी गानों तक हर जगह चंद्रमा को मामा कहा जाता है. आज भी छोटे बच्चों को यही सिखाया जाता है कि चांद तुम्हारे मामा हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर चंद्रमा को मामा क्यों कहा जाता है? इसके पीछे क्या धार्मिक कारण है? चलिए इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं.
आखिर क्यों चंद्रमा को मामा कहा जाता है?
Advertisement
पौराणिक कथाओं के अनुसार जब समुद्र मंथन से कई तत्व निकले तो उनमें मां लक्ष्मी और चंद्रमा भी थे. ऐसे में मां लक्ष्मी को मां का दर्जा दिया गया और चंद्रमा बने मामा. वहीं अगर भौगोलिक रूप से देखा जाए तो चंद्रमा पृथ्वी के चारों ओर लगातार घूमता है. पृथ्वी और चंद्रमा एक ही सौर परिवार से नाता रखते हैं. इसलिए पृथ्वी मां और चंद्रमा मामा कहलाए.
Advertisement
एक अन्य पौराणिक कथा
Advertisement
एक दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार एक बार गणेश जी ने अपनी माता पार्वती के कहने पर चंद्रमा को अपने घर भोजन पर आमंत्रित किया. चंद्रदेव वहां गए और खूब आदर-सत्कार पाया. पार्वती जी ने गणेश जी को बताया कि चंद्रमा उनके भाई के समान हैं. क्योंकि माता पार्वती हिमालय की पुत्री हैं और चंद्रमा का जन्म अत्रि ऋषि और अनसूया से हुआ था, जो माता पार्वती के मातृ पक्ष के माने जाते हैं. इसलिए भी इन्हें मामा कहा जाता है.
भगवान शिव और चंद्रमा का संबंध
Advertisement
यह भी पढ़ें
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण किया था, इसलिए उन्हें चंद्रशेखर के नाम से भी जाना जाता है. इस वजह से देवताओं में चंद्रमा का स्थान अत्यंत पवित्र माना जाता है.