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महाकुंभ की धरा को छोड़ काशी की तरफ क्यों भागे नागा सन्यासी !
महाकुंभ के बाद अब महाकाल की नगरी काशी में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आ रही है। लाखों की संख्या में लोग काशी में स्नान करने और भोले बाबा के दर्शन के लिए आ रहे हैं क्योंकि इस नगरी को मोक्ष का द्वार कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जो भी व्यक्ति मां गंगा में स्नान करके काशी विश्वनाथ मंदिर का दर्शन कर ले, उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है और इसी मोक्ष को प्राप्त करने रोजाना 4 से 5 लाख लोग रोजाना आ रहे हैं।
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13 जनवरी से शुरु हुआ महाकुंभ अब अपनी समाप्ति की ओर बढ़ रहा है लेकिन महाकुंभ में की धरा की रोनक अभी भी बरकरार है।लोग लगातार महाकुंभ में आ रहे है स्नान कर रहे और महाकुंभ का आनंद ले रहे है लेकिन ऐसा क्या हुआ की कुंभ नगरी से नागा सन्यासी कम दिखाई दे रहे और काशी में नागा साधुओं का भारी संख्या जमावड़ा देखने को मिल रहा और दुसरी तरफ महाकुंभ जैसी रोनक अब काशी में भी देखाई दे रही है।
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दरअसल महाशिव रात्रि के लिए नागा साधु माहाकुंभ की धरा को छोड़ काशी आने लगे है, और जिसकी वजह से लोग नागा सन्यासीयों का आशीर्वद लोने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच रहे है, काशी में श्रद्धालुओं के आने के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट रहे हैं। महाशिवरात्रि के 10 दिन पहले से भक्तों का ऐसा जमावड़ा शायद ही आपने इससे पहले कभी काशी में देखा हो। महाशिवरात्रि के पहले से ही इतनी भीड़ है तो आप सोचिए कि शिवरात्रि वाले दिन कितनी भीड़ होगी। आपको बता दें कि मंदिर प्रशासन की तरफ से जारी किए गए आंकड़े कहते हैं कि रोजाना लगभग 4 से 5 लाख लोग मंदिर के दर्शन करने आ रहे हैं और भोले बाबा के लिए भक्तों के दिलो में कितनी आस्था है, इस बात का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि सिर्फ देश से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी लोग मोक्ष की नगरी सनातन धर्म को पहचानने आ रहे हैं। इसके अलावा आपको बताते चलें कि महाकुंभ में लगे जाम के कारण कुछ नागा साधु प्रयागराज में ही हैं और कुछ नागा साधु काशी पहुंच चुके हैं।
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इसके अलावा आपकों जानकारी देते चले कि काशी में इन साधुओं के आने की खुशी में जूना अखाड़े की तरफ से पेशवाई भी निकाली जाएगी। बड़ी ही धूमधाम से जपेश्वर मठ से हनुमान घाट तक ये पेशवाई जाएगी। मोक्ष की नगरी काशी का यह दृश्य मनमोहक नजर आ रहा है। हर तरफ भोले बाबा के भक्त लंबी कतारों में दर्शन के लिए रुके हैं, मोक्ष प्राप्ति के लिए मां गंगा में स्नान करते नजर आ रहे हैं।
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काशी के घाटों में नागा साधु धुनी रमाए बैठे हैं और आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते नजर आ रहे है। इसके अलावा भी आपको जानकारी देते चलें कि श्रीकाशी में लाखों भक्तों की भीड़ को काबू करने में प्रशासन भी पूरा सहयोग कर रहा है। NDRF के जवान भी मौके पर तैनात नजर आ रहे हैं, क्योंकि मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान जो हादसा न हो, इसलिए प्रशासन पूरी तरह सजग नजर आ रहा है। लोगों को रास्ता बताने से लेकर लोगों को चलते रहने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।