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इस्तीफे की मांग पर देवकी नंदन ठाकुर ने अविमुक्तेश्वरानंद महाराज का क्यों किया समर्थन?
महाकुंभ हादसे के बाद अविमुक्तेश्वरानंद महाराज पर कई सवाल उठाए जा रहे हैं क्योंकि उन्होंने महाकुंभ हादसे से दुखी होकर सीएम योगी को खूब खरी-खोटी सुनाई। इसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद लोगों के सवालों के घेरे में आ गए, लेकिन अब उनका समर्थन करते हुए देवकी नंदन ठाकुर ने क्या कहा, देखिए हमारी खास रिपोर्ट…
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144 सालों बाद आया ये महाकुंभ मौनी अमावस्या के दर्दनाक हादसे के कारण भी काफी सुर्खियों में रहा क्योंकि यही वो हादसा था जब महाकुंभ में आए कुछ लोगों की भगदड़ के कारण मौत हो गई।इस हादसे का दुख सभी सनातनी को है, वहीं हादसे के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सीएम योगी को खूब खरी-खोटी सुनाई और उनसे इस्तीफे की मांग भी कर दी, जिसके बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का ही विरोध शुरु हो गया, और उन्हें शंकराचार्य मानने से ही इनकार कर दिया। कुछ महंत भी काफी भड़के नजर आए, लेकिन देवकी नंदन ठाकुर ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करते हुए बड़ी बात कह दी।
प्रयागराज महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुआ वो हादसा तो आपको याद ही होगा जिसमें आधिकारिक तौर पर 30 लोगों की मौत की पुष्टि की गई, 60 लोग घायल हुए थे, इस घटना के बाद दुखी होकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सीएम योगी का इस्तीफा मांगते हुए कहा था कि,
"शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
"जब आपने 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की व्यवस्था की थी तो इतनी बड़ी घटना कैसे घटित हो गई? इसके बाद भी आपने घटना पर पर्दा बनाए रखा। आप बार-बार ट्वीट करते रहे कि अफवाहों पर ध्यान न दें। अखबारों में, न्यूज चैनलों में खबरें आने लगीं लेकिन आप बोलते रहे कि लोग गंभीर रूप से घायल हैं, किसी की भी मृत्यु की चर्चा आपने नहीं की। अब आप ही हमें बताइए कि मुख्यमंत्री ने धोखा किया या नहीं हमारे साथ, आपने देश के साथ झूठ क्यों बोला, झूठा मुख्यमंत्री है, हम तो कहते हैं ऐसे व्यक्ति को कुंभ रहते ही इस्तीफा दे देना चाहिए"
इसके बाद कई लोगों ने, तमाम- साधु संतो ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का जमकर विरोध भी किया, जैसे कि चिंदबरानंद महाराज, महंत राजू दास, जिन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद महाराज को खूब खरी-खोटी सुनाई। लेकिन अब देवकी नंदन महाराज ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन करते हुए बड़ी बात कह दी है।
"मुझे बहुत ही दुख हुआ जब किसी ने मुझे हमारे शंकराचार्य भगवान का चित्र दिखाया, इस चित्र को एक मौलाना के रूप में दिखाया गया है। हम और आप इतने नहीं गिर सकते कि जिससे हमारा धर्म लज्जित हो जाए, हो सकता है हमारे विचार अलग हों, आपके विचार अलग हों, लेकिन मत भूलिए सनातन धर्म के सर्वोच्च पद जो शंकराचार्य का है, उस पद पर वे बैठे हुए हैं। उनके विचार व्यक्तिगत हैं, मैं उनके बीच में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, ये अधिकार नहीं है मेरा कि मैं सनातन धर्म के शंकराचार्य को मौलाना घोषित कर दूं, ये गलत है, ये अपमान है और ये अपमान सिर्फ उनका नहीं हैं, बल्कि पूरे सनातन धर्म का हैं।"
एक तरफ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का विरोध हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थन में भी आवाज उठने लगी है, देवकी नंदन ठाकुर भी उन लोगो में शामिल हो गए है जो शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन कर रहें हैं, आपको बता दें कि देवकी नंदन ठाकुर लंबे समय से राम कथा, देवी भागवत, शिवपुराण, गीता, और श्री भागवत कथा पर प्रवचन भी देते हैं। इसके साथ ही इन्हें इन कामों के लिए यूपी रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।
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