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योगी की आँखों के सामने राम मंदिर को उड़ाने की किसने रची साज़िश ?

रामलला की चौखट को हैंड ग्रेनेड से उड़ाने की प्ल़ॉनिंग की गई थी। ISI की मदद से आंतकी हमले का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा था, जिसे मौक़े पर ही नाकाम कर दिया है। राम मंदिर की ढाल बने योगी से टकराना क्या ख़ुद के लिए यमराज बुलाने जैसा है ?

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क्षिप्रा किनारे बसी अयोध्या और अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर में विद्यमान रामलला, जिनके दर्शन पाकर प्रत्येक राम भक्त ख़ुद को धन्य समझता है। इन्हीं दर्शनों के लिए दशकों का संघर्ष, सालों का इंतज़ार और राम भक्तों का आंदोलन किसी से छिपा नहीं है, मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा को 1 वर्ष पूर्ण हो चुका है, लेकिन राम भक्तों की इसी आस्था को जड़ से मिटाने की नापाक साज़िशें अब तक जारी हैं। एक बार फिर राम मंदिर को दहलाने की कोशिश की जा रही थी। रामलला की चौखट को हैंड ग्रेनेड से उड़ाने की प्ल़ॉनिंग की गई थी। ISI की मदद से आंतकी हमले का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा था, जिसे मौक़े पर ही नाकाम कर दिया है। राम मंदिर की ढाल बने योगी से टकराना क्या ख़ुद के लिए यमराज बुलाने जैसा है ? 

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भव्य राम मंदिर में रामलला विद्यमान क्या हुए, अयोध्या की खोयी हुई रौनक़ वापस लौट आई। क्या गणतंत्र दिवस और क्या महा शिवरात्रि, अबकी बार अयोध्या में लाखों की संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा। आँकड़े बताते हैं, 30 घंटे में लगभग 25 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। महाकुंभ से लौटे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ख़ुद सदन में आकर इस बात की जानकारी दी कि अयोध्या में मात्र 52 दिनों में 16 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे, जो मक्का की तुलना में 12 गुना अधिक है। मतलब ये कि 2025 की शुरुआत में ही अयोध्या आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ ने मक्का का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है हालाँकि अयोध्या की इसी रौनक़ से चिढ़े बैठे देश के दुश्मन अपने नापाक इरादों से बाज नहीं आ रहे हैं। जैसे-तैसे राम मंदिर को मिट्ठी में मिलाने के लिए ISI द्वारा हमले की साज़िश रची जा रही है, जिसके चलते हाल फ़िलहाल में अब्दुल रहमान नाम का एक संदिग्ध आंतकी पकड़ा गया है। 

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गुजरात ATS और फरीदाबाद STF और योगी की यूपी पुलिस ने एक बड़े आंतकी हमले को नाकाम किया है, रियाणा के फरीदाबाद से पकड़े गए संदिग्ध अब्दुल रहमान को लेकर राम मंदिर को हैंड ग्रेनेड से उड़ाने की प्लानिंग का खुलासा हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों की मानें, तो अब्दुल रहमान के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई अयोध्या के राम मंदिर पर हमला करवाने की प्लानिंग कर रही थी। एक लंबे समय से अब्दुल रहमान ISI के टच में था, दुनिया की आधों में धूल झोंकने के लिए दिन में ऑटो चलाता और रात में मीट शॉप कई दफ़ा राम मंदिर की रेंकी करने, अयोध्या आयाबताया जा रहा है कि  आरोपी आतंकी अब्दुल रहमान को एक हैंडलर्स ने हैंड ग्रेनेड दिए, जिसे वापस लेकर ट्रेन से अयोध्या जाना था,  हालांकि वो ऐसा करने में सफल हो पाता, उससे पहले सेंट्रल एजेंसियों के इनपुट्स के आधार पर गुजरात ATS और फरीदाबाद STF ने उसे दबोच लिया। पूछताछ के दौरान उसने पाली इलाके के खंडहर मकान में छुपाए गए हथियारों की जानकारी दी, जिसके बाद एटीएस और फरीदाबाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।

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ऐसा नहीं है कि ये पहली बार है जब राम मंदिर पर होने वाले हमले को नाकाम किया गया हो, इससे पहले फ़ोन पर मिलने वाली धमकियाँ और स्लीपर शैल के जरीये अयोध्या में धमाके करने की जितनी भी प्लानिंग हुई, उसे समय रहते योगी के सहयोग से ख़ुफ़िया एजेंसियो के इनपुट से ATS ने नाकाम किया है। मतलब बिलकुल साफ़ है कि रामलला का सुरक्षा कवच बने योगी से टकराना ख़ुद के लिए काल बुलाना है।

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