Advertisement
कब से शुरू हो रही है गुप्त नवरात्रि? जानिए सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
इस नौ दिवसीय पर्व में सच्चे मन से देवी मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की उपासना करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. इसके साथ ही विशेष कामों में शीघ्र सफलता भी मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
Advertisement
हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. साल में 4 नवरात्रि आती हैं, जिनमें दो गुप्त नवरात्रि भी होती हैं, पहली आषाढ़ माह में और दूसरी माघ माह में. माघ नवरात्रि हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाई जाती है. इस नवरात्रि का मुख्य उद्देश्य आत्मिक शुद्धि, साधना और मंत्र जाप माना गया है.
मां दुर्गा की उपासना करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस नौ दिवसीय पर्व में सच्चे मन से देवी मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की उपासना करने से भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. इसके साथ ही विशेष कामों में शीघ्र सफलता भी मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
Advertisement
कब से शुरू हो रही है गुप्त नवरात्रि?
Advertisement
वर्ष 2026 में गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी तक चलेगी. वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी को देर रात 1 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 2 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी. इस दिन को उदया तिथि माना जाता है, इसलिए गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी को घटस्थापना के साथ होगी.
जानें क्या है शुभ मुहूर्त
Advertisement
घटस्थापना का सबसे शुभ समय प्रातः 7 बजकर 14 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 46 मिनट तक है. इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक भी घटस्थापना की जा सकती है. साधक अपनी सुविधा के अनुसार इस समय में कलश स्थापना कर नवरात्रि की शुरुआत कर सकते हैं.
मां दुर्गा की पूजा करने से क्या लाभ मिलेगा?
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है. यह योग दिन में 11 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह 7 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगा. इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने से सुख, सौभाग्य और जीवन की हर प्रकार की बाधाओं से मुक्ति मिलती है. इस नवरात्रि का मुख्य उद्देश्य केवल देवी की पूजा ही नहीं, बल्कि एकांत साधना, मंत्र जाप और ध्यान भी है. कहा जाता है कि शांत और निजी साधना अधिक प्रभावशाली और फलदायी होती है.
Advertisement
गुप्त नवरात्रि में नौ दिनों तक देवी के किन स्वरूपों की पूजा होगी
यह भी पढ़ें
माघ गुप्त नवरात्रि में नौ दिनों तक देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. पहले दिन मां काली, दूसरे दिन मां तारा, तीसरे दिन मां त्रिपुरसुंदरी, चौथे दिन मां भुवनेश्वरी, पांचवें दिन मां छिन्नमस्तिका, छठे दिन मां त्रिपुर भैरवी, सातवें दिन मां धूमावती, आठवें दिन मां बगलामुखी, नौवें दिन मां मातंगी और दसवें दिन मां कमला की आराधना की जाती है. इन नौ दिनों में भक्तों को संयम, उपवास और साधना का पालन करना चाहिए, जिससे मन और आत्मा की शुद्धि होती है.