Advertisement

Loading Ad...

घर में क्लेश, पैसे की तंगी और बार-बार दुर्घटना का शिकार होना...क्या पितृ बन चुके हैं प्रेत? जानें किन उपायों से मिलेगी मुक्ति

हम अक्सर अपने आस-पास सुनते हैं कि अगर पितरों का पिंडदान और तर्पण न किया जाए तो पितृ प्रेत बन जाते हैं. अब इस बात में कितनी सच्चाई है इसे भी जानते हैं ज्योतिषाचार्य डॉ. मयंक से कि अगर पितर प्रेत बन जाएं तो क्या करना चाहिए? पितृ दोष से मुक्ति पाने के उपाय क्या हैं और किन मंत्रों के जाप से मिलेगी पितरों को मुक्ति?

AI Image
Loading Ad...

पितृ पक्ष का समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. ये समय पितरों के प्रति दुख और शोक व्यक्त करने का होता है. इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे कर्मकांड किये जाते हैं. क्योंकि पितरों के द्वारा ही हमें जीवन मिला है इसलिए इस ऋण से मुक्त होना बहुत जरूरी है. लेकिन हम अक्सर अपने आस-पास सुनते हैं कि अगर पितरों का पिंडदान और तर्पण न किया जाए तो पितृ प्रेत बन जाते हैं? अब इस बात में कितनी सच्चाई है इसे भी जानते हैं ज्योतिषाचार्य डॉ. मयंक से कि अगर पितर प्रेत बन जाएं तो क्या करना चाहिए? पितृ दोष से मुक्ति पाने के उपाय क्या हैं और किन मंत्रों के जाप से मिलेगी पितरों को मुक्ति?

ज्योतिषाचार्य डॉ. मयंक शर्मा के अनुसार पितृ प्रेत तब बनते हैं जब किसी व्यक्ति की अकाल मृत्यु हो जाती है या फिर व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसका दाह संस्कार, तेहरवीं या पिंडदान न किया गया हो तो ऐसी स्थिति में पितृ प्रेत बन जाते हैं. ऐसे में आत्माएं अपनी अधूरी इच्छाओं की पूर्ति के लिए भटकती रहती हैं. अपने प्रियजनों से मिलने का प्रयास करने लगती हैं. मोक्ष की तलाश में परिजनों को कई संकेत देने लगती हैं. तो ऐसी घटनाएं हों तो अपने पितरों का श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान या मृत्यु के बाद के कर्मकांड अच्छे से पूरे करने चाहिए. ताकि आपके पितर आपको नुकसान न पहुंचाएं.

Loading Ad...

जब पितर प्रेत बन जाएं तो किस तरह की परेशानियां आती हैं?

Loading Ad...

परिवार में क्लेश का बढ़ना: परिवार में अगर क्लेश बढ़ने लगे तो समझ जाएं कि पितरों की आत्मा अशांत है या फिर पितर प्रेत बन चुके हैं. ऐसे में घर में छोटी बातों पर क्लेश होने लगता है. तनाव जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे में आप पितृ पक्ष के दौरान गया जी जाकर पिंडदान जरूर करें.

आर्थिक संकट: अगर अचानक से आर्थिक संकट आ जाए, पैसे का खर्च बढ़ जाए, तो भी ये संकेत होता है कि पितर अपनी अधूरी इच्छा को पूरा करने के लिए भटक रहे हैं. ऐसे में आप पितृ पक्ष के दौरान पितरों को शांति दिलाने के लिए काले कौवे को भोजन जरूर करवाएं.

Loading Ad...

संतान संबंधी बाधा: अगर संतान प्राप्ति में बाधा आ रही है या फिर बच्चों का बार-बार स्वास्थ्य खराब हो रहा है तो भी हो सकता है पितर मोक्ष की चाह में आपको संकेत दे रहे हों. ऐसे में आपको पितृ पक्ष के दौरान पितरों के नाम से गरीबों में वस्त्र, खाने का सामान और चप्पल जरूर दान करनी चाहिए.

अचानक दुर्घटनाएं: अगर आप या फिर आपके परिजन किसी दुर्घटना का शिकार हो गए हैं या फिर बार-बार कोई अनहोनी हो रही है तो हो सकता है कि आपको पितर इन संकेतों के जरिये सावधान कर रहे हों. ऐसे में आपको सही तरह से पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करने की आवश्यकता है.

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...