Advertisement
इस मंगलवार कार्तिक सप्तमी पर बन रहा दुर्लभ त्रिपुष्कर योग, जानें हनुमान पूजा की सही विधि और लाभ
कल यानी मंगलवार को त्रिपुष्कर और रवि योग जैसे विशेष संयोग बन रहे हैं, जो इस दिन को और भी खास बना रहे हैं. ऐसे में हनुमान जी की पूजा करना अत्यंत शुभ होगा. लेकिन पूजा कैसे करनी है? किन बातों का ध्यान रखना है? हनुमान पूजा के क्या लाभ हैं? जानें…
Advertisement
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथी मंगलवार को है. इस दिन त्रिपुष्कर और रवि योग का संयोग बन रहा है. सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा रात 10 बजकर 14 मिनट तक धनु राशि में रहेंगे. इसके बाद मकर राशि में गोचर करेंगे. द्रिक पंचांग के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर 2 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर शाम 4 बजकर 15 मिनट तक रहेगा. इस दिन कोई विशेष त्योहार नहीं है, आप चाहें तो मंगलवार व्रत रख सकते हैं, जो कि राम भक्त हनुमान को समर्पित है.
मंगलवार के दिन क्यों बढ़ जाता है हनुमान जी की पूजा का महत्व?
स्कंद पुराण के अनुसार, मंगलवार के दिन ही राम भक्त हनुमान का जन्म हुआ था, जिस वजह से इस दिन उनकी पूजा का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. हनुमान जी को मंगल ग्रह के नियंत्रक के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट, भय और चिंताएं दूर हो जाती हैं. साथ ही, मंगल ग्रह से संबंधित बाधाएं भी समाप्त होती हैं.
Advertisement
Advertisement
इस मंगलवार किस तरह करें बजरंगबली की पूजा?
इस दिन बजरंगबली की पूजा करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म-स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ करें. फिर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा की सामग्री रखें और उस पर अंजनी पुत्र की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं. हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर बजरंगबली की आरती करें. इसके बाद आरती का आचमन कर आसन को प्रणाम करके प्रसाद ग्रहण करें.
Advertisement
हनुमान जी की पूजा करने से क्या लाभ होते हैं?
शाम को भी हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है. इस दिन लाल कपड़े पहनना और लाल रंग के फल, फूल और मिठाइयां अर्पित करना शुभ माना जाता है. इस पावन दिन पर हनुमान जी की आराधना कर जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करें.
इस मंगलवार बन रहे खास योग
Advertisement
यह भी पढ़ें
रवि योग ज्योतिष में एक शुभ योग माना गया है. यह तब बनता है जब चंद्रमा का नक्षत्र सूर्य के नक्षत्र से चौथे, छठे, नौवें, दसवें और तेरहवें स्थान पर होता है. इस दिन निवेश, यात्रा, शिक्षा या व्यवसाय से संबंधित काम की शुरुआत करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है. वहीं, इस दिन 'त्रिपुष्कर योग' भी बन रहा है. यह योग तब बनता है जब रविवार, मंगलवार या शनिवार के दिन द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी में से कोई एक तिथि हो.