Advertisement

Loading Ad...

हिमाचल के त्रिलोकपुर में मां बाला सुंदरी का पावन धाम, चैत्र नवरात्रि में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़

चैत्र नवरात्रि में भक्त भारी संख्या में मंदिर दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. यहां 15 दिन तक लगने वाला मेला भी भक्तों के आकर्षण का बड़ा केंद्र होता है. नौ दिन तक मां के अद्भुत शृंगार के साथ दर्शन होते हैं.

Loading Ad...

19 मार्च से देशभर में चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है, और ऐसे में हर देवी मंदिर में खास तैयारी होने लगती है.

देश के कई ऐसे मंदिर हैं, जहां चैत्र नवरात्रि के आगमन के साथ ही मेले की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के त्रिलोकपुर में महामाया का देवी मां बाला सुंदरी मंदिर स्थित है, जहां 15 दिनों तक मेले का आयोजन चलता है.

महामाया मां बाला सुंदरी का पावन धाम

Loading Ad...

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के त्रिलोकपुर में महामाया की देवी मां बाला सुंदरी का मंदिर है, जहां दर्शन मात्र से ही भक्तों के पाप कट जाते हैं. मां बाला सुंदरी जी को शक्ति, समृद्धि और सुरक्षा की देवी के रूप में पूजा जाता है. ऐसा माना जाता है कि उनकी कृपा से आर्थिक कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है और पारिवारिक जीवन में शांति और शत्रुओं से छुटकारा मिलता है. लोगों का मानना ​​है कि कोई भी सच्चा भक्त अपने मंदिर से खाली हाथ नहीं लौटता.

Loading Ad...

गर्भगृह में विराजमान है अष्टभुजी स्वरूप

मंदिर के गर्भगृह में मां की अष्टभुजी प्रतिमा और पिंडी विराजमान हैं, जो अस्त्र और शस्त्र के साथ भक्तों को बाल्यावस्था रूप में दर्शन देती हैं. माना जाता है कि मां की पिंडी स्वयंभू है जो कि भक्त लाला रामदास को नमक की बोरी में मिली थी, और उन्होंने स्वप्न में आकर भक्त को मंदिर के निर्माण का आदेश दिया था. मान्यता के अनुसार, 1573 ईस्वी में लाला रामदास नामक एक स्थानीय दुकानदार को देवी मां की पिंडी स्वरूप में दर्शन दिए थे. दुकानदार नमक की बोरी को यूपी के सहारनपुर से लेकर आया था और त्रिलोकपुर में आकर मां का मंदिर बनवाया था.

Loading Ad...

राजाओं के सहयोग से बना भव्य मंदिर

स्थानीय मान्यता के मुताबिक लाला रामदास के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह मंदिर का निर्माण कर सकें. ऐसे में उन्होंने सिरमौर के राजा प्रदीप प्रकाश की मदद ली, जिसके बाद भव्य मंदिर का निर्माण हो सका. इसके बाद मंदिर को रखरखाव और जीर्णोद्धार का काम राजा फतेह प्रकाश और राजा रघुबीर प्रकाश ने कराया था. देवी मां बाला सुंदरी को राजपूतों की कुलदेवी भी माना जाता है, जो हमेशा विजय का वरदान देती हैं.

यह भी पढ़ें

चैत्र नवरात्रि में भक्त भारी संख्या में मंदिर दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं. यहां 15 दिन तक लगने वाला मेला भी भक्तों के आकर्षण का बड़ा केंद्र होता है. नौ दिन तक मां के अद्भुत शृंगार के साथ दर्शन होते हैं.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...