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मोदी की तारीफ करने वाली पाकिस्तान ज़ुबान की उनकी सत्ता पर बड़ी भविष्यवाणी
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ख़ुद को पाक साफ़ बताने वाला पाकिस्तान ना सिर्फ़ पीएम मोदी की तारीफ़ कर रहा है, बल्कि उनकी हुकूमत कितने वर्षों तक रहेगी, इसकी भविष्यवाणी भी पाकिस्तान की धरती से होने लगी है.पीएम मोदी को नेशनलिस्ट और एनर्जेटिक बताने वाली पाकिस्तान ज़ुबान उनके राजनीतिक भविष्य पर कितनी बड़ी भविष्यवाणी कर रही है.देखिये हमारी इस ख़ास रिपोर्ट में
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ख़ुद को पाक साफ़ बताने वाला पाकिस्तान ना सिर्फ़ पीएम मोदी की तारीफ़ कर रहा है, बल्कि उनकी हुकूमत कितने वर्षों तक रहेगी, इसकी भविष्यवाणी भी पाकिस्तान की धरती से होने लगी है. पीएम मोदी को नेशनलिस्ट और एनर्जेटिक बताने वाली पाकिस्तान की ज़ुबान उनके राजनीतिक भविष्य पर कितनी बड़ी भविष्यवाणी कर रही है, देखिए हमारी इस ख़ास रिपोर्ट में.
2024 के बाद से भारतीय राजनीति में पीएम मोदी की रिटायरमेंट डेट पूछी जाने लगी. भारत के इतिहास में नेहरू के बाद पीएम मोदी पहले ऐसे सफल नेता हुए जिन्होंने बतौर प्रधानमंत्री केंद्र की राजनीति में जीत की हैट्रिक लगाई. अब जो कि उनका ये तीसरा कार्यकाल है, उसका एक वर्ष बीत चुका है. और पांच महीने बाद उम्र का 75 वाला आंकड़ा छू लेंगे, जिस कारण विरोधियों में पीएम मोदी के राजनीतिक संन्यास की चर्चा होने लगी.
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हालाँकि इन क़यासों पर ख़ुद सामने आकर देश के गृहमंत्री अमित शाह ने विराम लगाया. उन्होंने ऐलान किया कि ना सिर्फ़ पीएम मोदी अपना ये तीसरा कार्यकाल पूरा करेंगे, बल्कि अगला चुनाव भी उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा. मतलब ये कि पीएम मोदी का चौथा कार्यकाल देखने को मिल सकता है.
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लेकिन क्या आप जानते हैं? पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में बैठी जिहादी ताक़तें 2034 का इंतज़ार कर रही हैं. क्योंकि पहलगाम हमले के बीच पाकिस्तानी एक्सपर्ट पीएम मोदी के आगे के 10 सालों की सत्ता की भविष्यवाणी कर रहे हैं. खुलकर बोल रहे हैं कि 2034 तक मोदी की टक्कर में कोई नहीं है.
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर भारत के ख़िलाफ़ नए-नए प्रोपेगैंडा चलाए जा रहे हैं. शोएब अख्तर, आरज़ू काज़मी और सैयद मुज़म्मिल शाह जैसे पाकिस्तानी चैनलों पर भारत सरकार ने बैन लगा दिया है. इसी कड़ी में पाकिस्तान के कुछ न्यूज चैनल्स के यूट्यूब पेज को भारत में बैन किया गया है.
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भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री, झूठे और भ्रामक कथन, और गलत सूचना प्रसारित करने के खिलाफ इन यूट्यूब चैनलों पर कार्रवाई की गई है. हालाँकि कुछ पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल ऐसे भी हैं जो सच सामने रखने की हिम्मत रखते हैं.
इसी कड़ी में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित और एक्सपर्ट कमर चीमा की मोदी प्रशंसा हैरान करने वाली है. पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच जो हालात हैं, उस पर बात करते हुए अब्दुल बासित ने पीएम मोदी की जमकर प्रशंसा की है. पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का ज़िक्र करते हुए उन्होंने खुलकर कहा—
अब्दुल बासित:
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"मन की बात" कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी ने बड़ी अच्छी बातें कीं. जाती तौर पर मोदी साहब की सलाहियतों से मैं बड़ा मुतासिर हूं. खासतौर पर वो जो बात करते हैं और तकरीर करते हैं, बड़ी जबरदस्त तरीके से करते हैं. अच्छे सियासतदान हैं. अपने मुल्क के बारे में भी सोचते हैं, ये भी बड़ी अच्छी बात है.
वैसे तो मैं ज़्यादा पीएम मोदी के नजरिए और व्यूज को सपोर्ट नहीं करता हूं, लेकिन पीएम मोदी नेशनलिस्ट हैं, अखंड भारत की भी बात करते हैं और वह एक प्रभावशाली प्रधानमंत्री हैं. मुझसे कोई पूछ रहा था कि आप कब तक नरेंद्र मोदी को पीएम के तौर पर देख रहे हैं, तो अगला चुनाव तो 2029 में है और उनका कोई चैलेंज नजर नहीं आ रहा है. अभी उनमें एनर्जी भी है. विपक्ष में भी कोई टक्कर देने वाला नहीं है."
अब्दुल बासित मानते हैं कि पीएम मोदी के ख़िलाफ़ विपक्ष में कोई विकल्प नहीं है. वो विपक्ष को बंटा हुआ समझते हैं. उन्हें पीएम मोदी के आगे राहुल गांधी नज़र नहीं आते, क्योंकि जो एक बेसिक करिश्मा होता है किसी लीडर में, राहुल गांधी में वो नहीं दिखता. रही बात रीजनल पार्टियों की, तो अब्दुल बासित को यही लगता है कि नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, नवीन पटनायक, समाजवादी पार्टी — अभी बीजेपी को चुनौती देने की स्थिति में नहीं हैं.
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अब्दुल बासित ने जहां 2029 तक मोदी को प्रधानमंत्री बताया, वहीं पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने एक कदम आगे बढ़कर सत्ता के आंकड़े को 2034 तक बढ़ा दिया. डंके की चोट पर उन्होंने दावा किया कि 2034 तक पीएम मोदी को कोई हिला नहीं सकता.
कमर चीमा का कहना है —
"पाकिस्तान की सरकार 11 सालों में नरेंद्र मोदी को नहीं समझ सकी. नरेंद्र मोदी 2034 तक भारत के प्रधानमंत्री रहने वाले हैं. इसलिए आपको उन्हें समझना पड़ेगा."
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कमर चीमा की बात में स्पष्टता है. पिछले 11 सालों से पाकिस्तानी हुकूमत पीएम मोदी को समझ नहीं पाई. और अब जब आगे भी सत्ता के 10 साल पीएम मोदी के नाम रहेंगे, तो ऐसे में समझकर भी ना समझ बने रहने की कितनी बड़ी कीमत इस बार पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी — ये तो आने वाला समय ही बताएगा.
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