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महाकुंभ के रंग में रंगे बिहार के राज्यपाल ने त्रिवेणी संगम में की पूजा और आचमन !

दुनिया भर में महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता के चर्चें दूर-दूर तक हो रहे है, दुनिया के हर कोने से लोग महाकुंभ से स्नान करने आ रहे है क्योंकि ये महाकुंभ 144 सालों बाद आया है और ऐसी मान्यता है के इस महाकुंभ के दौरान जो भी व्यक्ति स्नान करता है उस व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और मोक्ष को प्राप्त करने बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी महाकुंभ में पहुंचे है

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144 सालों बाद आया ये महाकुंभ दुनिया के मिलन का मेला है दुनिया के अलग-अलग कोने से साधु-संत और श्रद्धालु प्रयागराज के महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने आ रहे है , यहां न कोई छोटा है न ही कोई बड़ा यहां आया हर व्यक्ति एक समान है, यही वजह है कि इस बार तो आरिफ मोहम्मद खान भी महाकुंभ में पहुंच गये और ना सिर्फ गंगा आरती की बल्कि संगम तट पर गंगा जल से आचमन भी किया। ऐसे में आइये विस्तार से जानते है कौन है आरिफ मोहम्मद खान जो मुसलमानों के बहिष्कार की उठती मांग के बावजूद संगम नगरी पहुंचे। 

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इन दिनों प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में अमृत स्नान करने की हर एक व्यक्ति की इच्छा है क्योंकि यही वो स्थान है जहां समुद्र मंथन के दौरान जब देवताओं और असुरों के बीच युद्ध चल रहा था तो छीना-झपटी में अमृत की कुछ बूंदे प्रयागराज की मिट्टी में भी गिरी थी इसलिए ऐसा मना जाता है के महाकुंभ के दौरान यहां कि नदियों का पानी अमृत में बदल जाता है और जो भी व्यक्ति इस दौरान यहां स्नान करता है तो उसे मोक्ष की प्राप्ति हो ती है इसी मान्यता के चलते दुनिया भर से लोग यहां आस्था की डुबकी लगाने आते है और इस बार आरिफ मोहम्मद खान भी 7 फरवरी को महाकुंभ पहुंचे। जिनका योगी सरकार ने बड़े ही धूम-धाम से स्वागत भी किया इसके साथ बिहार के राज्यपाल मोहम्मद खान परमार्थ निकेतन शिविर के स्वामी चिदांनद सरस्वती जी से भी मिले और आध्यात्मिक भारतीय संस्कृति और वैश्विक शांति जैसे और विषयों पर भी चर्चा की। 

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दरअसल आरिफ खान मोहम्मद ने महाकुंभ की भव्यता और व्यवस्था को देखकर सरकार की जमकर तारीफ की इसके साथ ही पूरे भारत की आध्यात्मिक विरासत का गौरव बताया और कहा की आयोजन संपूर्ण विश्व को शांति, एकता और सेवा का संदेश देता है। इसके साथ ही आपको बता दें कि कोई भी व्यक्ति धर्म से नही बल्कि कर्म से बड़ा होता है और ये बात साबित कर दी है आरिफ मोहम्मद खान ने इससे पहले भी खान साहब आयोध्या प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी शामिल हुए है इसके साथ ही बिहार के राज्यपाल हमेशा से ही सनातन धर्म सम्मान करते आये है जब वे महाकुंभ में पहुंचे तो उन्होंने क्या कहा सुनिये .. सनातन संस्कृति की मूल भावना एकात्मता है , जहां सारे भेद समाप्त हो जाते है । 

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आपको बता दें कि आरिफ मोहम्मद खान वर्तमान में बिहार के राज्यपाल है , केरल के पूर्व राज्यपाल भी रह चुके है इसके साथ ही केन्द्रीय मंत्री होने के नाते उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम किया था।इनको स्कूल से ही लिखने का बहुत शौक है इसलिए उन्होंने टेक्स्ट एंड कॉन्टेक्स्ट , कुरान एंड कंटेम्पररी चैलेंजेस जैसी और भी कई किताबें लिखी है इसके बाद अब आरिफ मोहम्मद खान इस्लाम और सूफीवाद से संबंधित किताबें लिखने में मशरुफ है । 

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