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मोदी की जीत की भविष्यवाणी करने वाले स्वामी रामभद्राचार्य की सबसे बड़ी प्रतिज्ञा !

अब उन्हीं के प्रिय मित्र जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य अब उनकी अग्निपरीक्षा ले रहे हैं लेकिन क्या इसी अग्निपरीक्षा से होकर पीएम मोदी चौथी बार भी प्रधानमंत्री बनेंगे ?

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2 महीने बाद मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बने 1 साल पूरा हो जाएगा. बीते 10 सालों की रिपोर्ट कार्ड में देश की जनता ने पीएम मोदी को A+ दिया और अब जब  अपने इस तीसरे कार्यकाल में पीएम मोदी को जनता के साथ-साथ संतों के सपनों को भी हक़ीक़त रूप देना है, इसलिए तीसरा टर्म पीएम मोदी के लिए चैलेंजिंग रहेगा. आलम ये है कि अब उन्हीं के प्रिय मित्र जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य अब उनकी अग्निपरीक्षा ले रहे हैं लेकिन क्या इसी अग्निपरीक्षा से होकर पीएम मोदी चौथी बार भी प्रधानमंत्री बनेंगे ? 

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कौन हैं जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य, आप कहेंगे, तुलसी पीठ के संस्थापक 22 भाषाओं के जानकार 80 से ज्यादा धर्म ग्रंथों के रचानाकार, कथावाचक, दार्शनिक, भविष्यवक्ता या फिर धर्म गुरु हक़ीक़त में देखें, तो संत समाज से तालुख रखने वाले स्वामी रामभद्राचार्य एक ऐसी असाधारण शख़्सियत है, जिनके नाम में बसने वाली राम नाम की शक्ति आम जनमानस का मार्गदर्शन करती आई है. जौनपुर में जन्में स्वामी रामभद्राचार्य ने प्रभु राम की तपोभूमि को अपनी कर्मभूमि बनाई और आज यही से लोगों को आध्यात्म का पाठ पढ़ा रहे हैं. पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य की यही ख्वाहिश है कि उन्हें आँखों की रोशनी नहीं, बल्कि भारत की पावनधरा पर बार-बार जन्म चाहिए. स्वामी रामभद्राचार्य का करिश्माई व्यक्तित्व ऐसा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके सानिध्य में आने की चाह रखते हैं. दोनों के बीच की मित्रता ऐसी है कि मित्र के बुलावे पर पीएम मोदी दौड़े-दौड़े चित्रकूट में स्थित तुलसीपीठ पहुँच जाते हैं और सबसे दिलचस्प बात ये कि मित्र को लेकर जगद्गुरु की कही गई प्रत्येक बात पत्थर की लकीर बन जाती है. जगत गुरु ने पीएम मोदी की जीत की भविष्यवाणी जितनी दफ़ा की, उतनी बार पीएम मोदी का राजतिलक हुआ. योगी बाबा को लेकर जगत गुरु की भविष्यवाणी कभी ख़ाली नहीं गई. इन्हीं कारणों के चलते मोदी-योगी के संदर्भ में जगत गुरु कुछ भी कहते हैं, विश्व शक्तियों के कान खड़े हो जाते हैं. अबकी बार जगत गुरु की भविष्यवाणी उन्हीं की प्रतिज्ञा में छिपी है. वृंदावन पहुँचे जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने पुनः अपनी दो प्रतिज्ञा दोहराई. पहली प्रतिज्ञा में उन्होंने कहा कि जब तक श्री कृष्ण जन्मभूमि का फ़ैसला नहीं आ जाता है, तब तक बाँके बिहारी के दर्शन नहीं करेंगे और अपनी दूसरी प्रतिज्ञा में उन्होंने भाषण की बजाए काम करने पर ज़ोर दिया है, साफ़ कह दिया है कि जब तक यमुना मैया शुद्ध और अविरल नहीं होती, तह तक कोटवन में कोई कथा करने नहीं आएँगे. 

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अब यहाँ गौर करने वाली बात ये कि जगत गुरु की इन्हीं भविष्यवाणियों में मोदी-योगी के पुनः  राजतिलक होने के संकेत मिलते हैं..भले ही अयोध्या मामले में जगतगुरु की गवाही ने राम मंदिर निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई हो, लेकिन योगी की सत्ता में पीएम मोदी के हाथों मंदिर की एक-एक ईंट रखी गई. इसी कड़ी में अब मथुरा की तस्वीर देखी जाने लगी है.जगत गुरु ने फ़ैसले से पहले बाँके बिहारी के दर्शन ना करने की प्रतिज्ञा लेकर, ये संकेत दिया है कि मोदी-योगी की पहुँच में अब मथुरा दूर नहीं है.

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2029 के चुनाव में एक लंबा समय है, लेकिन राजनीति पंडितों की माने..तो 2029 का चुनाव मथुरा पर ही लड़ा जाएगा. दुश्मनों को भारत की ताक़त दिखाकर , राष्ट्रवाद के मुद्दे पर पीएम मोदी 2019 का चुनाव जीतने में कामयाब रहे, फिर राम मंदिर निर्माण के रास्ते 2024 में जीत की हैट्रिक लगाई और अब क्या पता 2029 की ऐतिहासिक जीत मथुरा से होकर निकले। ना सिर्फ़ पार्टी चाणक्य ,बल्कि वरिष्ठ भाजपाई नेता साफ़ शब्दों में 2029 में पुनः पीएम मोदी के आने की भविष्यवाणी अभी से कर रहे है, हालाँकि इसको लेकर जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने पीएम मोदी की पुनः जीतने की भविष्यवाणी तो नहीं की, लेकिन मथुरा पर प्रतिज्ञा लेकर पीएम मोदी को जीत का मंत्र ज़रूर दे दिया है.

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