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इजरायल की जमीन से मिलने लगे कयामत के आने के भयावह संकेत !

बीते कुछ सालों में इज़रायल में घट रही अजीबो-ग़रीब घटनाओं ने दुनिया को अचंभित कर दिया है. डेड सी में मछलियों का दिखाई देना, पश्चिमी दीवार से सांप का निकलना और दो हज़ार साल में पहली बार लाल बछिया का जन्म होना ये तीनों घटनाएँ एक के बाद एक सामने आई हैं, जिनके चलते अब खुद इज़रायल भी दहशत में है. लेकिन सवाल यह है कि इन सबके पीछे का कारण क्या है? क्या ये सिर्फ़ संयोग हैं या आने वाले किसी बड़े संकट का संकेत? जानिए इन रहस्यमयी घटनाओं की परतों को खोलती आज की ये विशेष रिपोर्ट.

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दुश्मनों के लिए काल बना इज़रायल अब रुकने को रेडी नहीं है. तभी तो हमास से लेकर सीरिया तक, इज़रायल की लगाई आग में दोनों जल रहे हैं. बर्बादी की कगार पर पहुँचे हमास और सीरिया को इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू किसी भी कीमत पर बख्शने को तैयार नहीं हैं. इसी कड़ी में ईरान-इज़रायल के युद्धविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. आलम ये है कि दुश्मनों के लिए इज़रायल मौत का सौदागर बन चुका है. लेकिन क्या आप जानते हैं, मौत के इसी सौदागर की ज़मीन से क़यामत के आने के संकेत मिलने शुरू हो चुके हैं. बीते कुछ सालों में इज़रायल में होने वाली अजीबो-ग़रीब घटनाओं से दुनिया अचंभित है. डेड सी में मछलियों का दिखना, पश्चिमी दीवार से साँप का निकलना और 2000 सालों में पहली दफ़ा लाल बछिया का जन्म होना  बैक टू बैक होने वाली इन विचित्र घटनाओं से इज़रायल खुद दहशत में है. लेकिन इसके पीछे का कारण क्या है? इसी पर देखिए आज की ये रिपोर्ट.


आज का इज़रायल दुनिया के नक़्शे पर छोटा सा दिखता है. मिज़ोरम से भी उसका साइज़ छोटा है. कुल 16 शहरों का ये देश है, जिसकी आबादी लगभग 1.4 करोड़ के आसपास आती है. लेकिन यही छोटा पैकेट आज शक्तिशाली देशों का बाप बना हुआ है. दुनिया के ताकतवर मुल्कों में इज़रायल की गिनती होती है. अपने आप में स्टार्टअप नेशन है. अमेरिका और रूस के बाद हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक है. अपने आप में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है. ऐसा कोई युद्ध नहीं जिसमें इज़रायल को घुटने टेकने पड़े हों. पिछले 25 सालों से इज़रायली मुद्रा दुनिया की सबसे मजबूत मुद्राओं में बनी हुई है. इन्हीं कारणों के चलते जिस किसी ने इज़रायल को आंख दिखाने की कोशिश की, उसकी आंखें इज़रायल ने नोच डालीं. ताज़ा उदाहरण हमास, सीरिया और ईरान जैसे अनगिनत देश हैं. हम सभी जानते हैं कि लगभग दो साल पहले, 7 अक्टूबर 2023 को हमास में बैठे आतंकियों ने इज़रायल पर हमला किया था. 1,200 बेकसूर आम लोगों की हत्या कर दी गई थी और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था. और इसी का बदला अब तक इज़रायली फ़ौज हमास से ले रही है. इज़रायल के हमलों से पूरा का पूरा हमास तबाह हो चुका है. इमारतें खंडहर हो चुकी हैं. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि जंग शुरू होने से अब तक 59,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. गेहूं के साथ घुन भी पिस जाता है, इस कारण आतंकियों के साथ-साथ गाज़ा के नागरिक भी बड़ी संख्या में मारे जा रहे हैं.

लेकिन क्या आप जानते हैं, दुश्मन देशों के लिए इज़रायल मौत का सौदागर साबित होगा, इसका संकेत साल 2018 में तब देखने को मिला जब मुल्क में लाल बछिया के पैदा होने की ख़बर सामने आई. लोगों के बीच यह धारणा है कि 2,000 साल में ‘पहली लाल बछिया’ का जन्म मानवता के लिए एक बुरा संकेत हो सकता है, जिसकी तस्वीर आज सबके सामने है. इसी कड़ी में डेड सी यानी मृत सागर में पहली दफ़ा बड़ी संख्या में मछलियाँ पनपती हुई दिखीं. जो कि अपने आप में बुरा संकेत है, क्योंकि बाइबिल के ज़माने से जो जगह शापित मानी गई, वहाँ ज़िंदगी का पनपना अशुभता का संकेत है. तीसरी अजीब घटना यह थी कि इज़रायल की ‘पश्चिमी दीवार’ पर एक साँप रेंगकर बाहर निकला, जिससे वहाँ प्रार्थना कर रहे लोग आश्चर्यचकित रह गए. ऐसा होना सर्वनाश का संकेत माना गया.

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गौर करने वाली बात यह है कि 2018 में लाल बछिया का जन्म हुआ, फिर डेड सी में मछलियों का दिखना और फिर साँप का पश्चिमी दीवार पर दिखना. इन अजीबोगरीब घटनाओं के 5 साल बाद तबाही मचनी शुरू हो गई और अब तक तबाही का मंजर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. आलम यह है कि हमास, सीरिया, ईरान के बाद अब इज़रायल यमन को धमका रहा है और चेतावनी दे रहा है कि तेहरान जैसा हाल कर देंगे. और ऊपर से इज़रायल की ढाल बना अमेरिका, जो विश्व पटल पर अन्य यूरोपीय और इस्लामिक देशों से उलझ रहा है. बीते कुछ समय में युद्ध की चिंगारी में जो तबाही मची है, उसे देखते हुए लोगों का यही मानना है कि क़यामत की रात इज़रायल के रास्ते ही आनी है. लेकिन क्या सच में ऐसा है?

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