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स्वामी योगेश्वरानंद गिरी जी की चेतावनी, शनि का कर्म न्याय शुरू, जानें इन 138 दिनों में कौन होगा दंडित?

बीते 6 महीनों के 6 बड़े हादसे आपके सामने हैं और इन्हीं विकट परिस्थितियों के बीच एक बार फिर शनि की चाल में बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है. 1 हज़ार दिनों की तबाही में शनि का वक्री होना क्या मानवजाति के लिए ख़तरनाक है ? इसी पर आधारित आज के इस वीडियो को पूरा देखियेगा.

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शनि के चक्रव्यूह को पार कर पाना असंभव है, क्योंकि कर्म आधारित न्याय करना और दंडाधिकारी की भूमिका में रहकर अनुशासन का पाठ पढ़ाना, यही शनि का काम है और अपने इसी काम में माहिर शनि ने कभी किसी को बख्शा नहीं है, फिर चाहे वो देव हों, दानव हों या फिर इंसान. बीते 6 महीनों के 6 बड़े हादसे आपके सामने हैं और इन्हीं विकट परिस्थितियों के बीच एक बार फिर शनि की चाल में बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है. 1 हज़ार दिनों की तबाही में शनि का वक्री होना क्या मानवजाति के लिए खतरनाक है. इसी पर आधारित वीडियो आप खबर के अंत में जरूर देखें. 

जैसी करनी, वैसी भरनी इसी फॉमूले पर दंडाधिकारी शनि का डंडा चलता है. हालाँकि ऐसा ज़रूर नहीं किशनि की महादशा में व्यक्ति को बुरे दौर से ही गुजरना पड़े. किसी के लिए शनि की महादशा अत्यंत कष्टकारी होती है, तो किसी के लिए भाग्योदय का सूचक. कहते हैं शनि को तभी समझा जा सकता है कि जब तक की आप कर्म, न्याय, और अनुशासन की अहमियत को ना समझे. शनि अगर रंक से राजा बनाने की ताक़त रखते हैं, तो पलक झपकते ही अर्श से फ़र्श पर ले आते हैं. अबकी बार शनि ऐसे वक़्त में वक्री होने जा रहे हैं, जब विश्व शक्तियाँ युद्ध के चौखट पर हैं , मानवजाति के कपाल पर मंडराता काल है और प्राकृतिक आपदाओं का क़हर. इन्हीं भयावह परिस्थितियों में आध्यात्मिक गुरु स्वामी यो 1 हज़ार दिनों की तबाही की भविष्यवाणी कर चुके हैं, जिसमें पहलगाम आतंकी हमला और अहमदाबाद प्लेन क्रैश तबाही के ताज़ा उदाहरण हैं. इन सबके बीच 10 दिन बाद 13 जुलाई से उलटी तरफ़ शनि का मंद गति से चलना देश-दुनिया और आम जनमानस के लिए कितना चुनौती भरा रहेगा? 1 हज़ार दिनों की त

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