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मंदिर-मस्जिद और UCC के बीच स्वामी रामभद्राचार्य ने दिखाई हिंदू राष्ट्र की रियल पिक्चर

पूरे देश में मंदिर-मस्जिद को लेकर घमासान मचा हुआ। ऐसे में देश का संत समाज जिस नये हिंदू राष्ट्र की माँग अब तक करता आया है, क्या उसके हक़ीक़त बनने का समय आ गया है। साल की समाप्ति से ठीक पहले मंदिर-मस्जिद के बीच जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ऐसा क्या कुछ बोल गये हैं, जिसे भविष्यवाणी के चश्मे से हर कोई देख रहा है।

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इसी साल 2024 में ऐसी-ऐसी घटनाएँ हुई, जिन्होंने एक नया इतिहास लिखा और जिन्हें भुला पाना हर किसी के लिए नामुमकिन भी होगा क्योंकि इसी साल अयोध्या में प्रभु राम पधारे। भव्य मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इसी साल जनता ने अपनी सरकार चुनी। जीत की हैट्रिक लगाकर मोदी जी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। इसी साल हिंदुओं की आस्था को तब झटका लगा,  जब तिरुपति के लड्डू में मिलाई जानी वाली सुअर की चर्बी का खुलासा हुआ और इसी साल इंसानियत को शर्मसार करने वाला कोलकाता महिला डॉक्टर के साथ हुआ रेपकांड सामने आया। मतलब ये कि मीठी और कड़वी यादों के साथ 2024 को याद किया जाएगा लेकिन जाते-जाते यही साल संभल की धरती से भगवान कल्कि के प्रकट होने का भी सुराग दे गया। जिसके चलते पूरे देश में मंदिर-मस्जिद को लेकर घमासान मचा हुआ। ऐसे में देश का संत समाज जिस नये हिंदू राष्ट्र की माँग अब तक करता आया है, क्या उसके हक़ीक़त बनने का समय आ गया है। साल की समाप्ति से ठीक पहले मंदिर-मस्जिद के बीच जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ऐसा क्या कुछ बोल गये हैं, जिसे भविष्यवाणी के चश्मे से हर कोई देख रहा है। आईये आपको बताते हैं अपनी इस ख़ास रिपोर्ट में।

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बीते दिनों संघ प्रमुख ने ऐसे नेताओं पर सवाल उठाए, जो मस्जिद-मस्जिद में मंदिर ढूँढकर हिंदुओं के नेता बनने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन भागवत जी की ये बातें जगत गुरु को क़तई स्वीकार नहीं है। जगत गुरु ने उलटा संघ प्रमुख को आईना दिखाते हुए ये कहा कि मोहन भागवत हमारे अनुशासक नहीं हैं. बल्कि हम उनके अनुशासक हैं। देखा जाए, तो मोहन भागवत ने नए मंदिर-मस्जिद विवादों के उभरने पर चिंता जाहिर की थी, लेकिन जगत गुरु को ये क़तई स्वीकार नहीं है। तभी तो अयोध्या मामले में राम मंदिर निर्माण के लिए सेतु का कार्य करने वाले जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने मथुरा-काशी से संभल मस्जिद का भविष्य बता दिया। इस मामले में एक सकारात्मक पहलू यह है कि वहां मंदिर होने के प्रमाण मिले हैं। हम इसे लेकर रहेंगे, चाहे वह वोट से हो, कोर्ट से हो, या फिर जनता के सहयोग से हो। मंदिर के मुद्दे पर मेरा संघर्ष जारी रहेगा और मैं इसके लिए सभी संभव रास्तों का उपयोग करूंगा।

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अब जब संभल की धरती से खुदाई में बावड़ी से लेकर प्राचीन मंदिरों के अवशेष निकल रहे है, तो ऐसे में मंदिर-मस्जिद विवाद दिन पर दिन तूल पकड़ता जा रहा है। जिसको लेकर दो टूक में स्वामी रामभद्राचार्य बोले हैं कि जहां-जहां सर्वे होगा हम वहां-वहां दावा करेंगे। उनके भी बड़ा दिल दिखाना चाहिए, वो हमारे मंदिरों को हमे सौंप दें।हमने हिंदुओं को कह रखा है कि अपना अधिकार लो।किसी का नुकसान मत करो।हम किसी पर अत्याचार करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। जगत गुरु की इसी बयान पर सवाल उठाते हुए जब उनसे ये पूछा गया कि देश के मुसलमानों का क्या होगा। तो इस पर जगत गुरु ने एक ऐसे नये हिंदू राष्ट्र की पिक्चर दिखाई, जिसमें 25 करोड़ आबादी वाले मुसलमान भी है, लेकिन UCC के साथ। 

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इस देश को समान नागरिक सहिंता हर हाल में चाहिए।जो भी नियम बनें वो सबके लिए हों, चाहे वो हिंदू हों या मुस्लिम।ऐसा नहीं होना चाहिए कि वो (मुस्लिम) 25-25 बच्चे पैदा करते रहें और हिंदुओं पर प्रतिबंध लगाए जाएं।मुस्लिम कहीं नहीं जाएं, यहीं रहें, लेकिन हमारे अस्तित्व का सम्मान करते हुए रहें. मैंने कभी नहीं कहा कि ये देश मुसलमानों का नहीं है. हिंदुओं का अस्तित्व मिटाकर उन्हें रहने की अनुमित नहीं दी जा सकती।जगत गुरु की इन सारी बातों से जो चीजें समझ आती है, वो ये कि जगत गुरु भारत में जिस नये हिंदू राष्ट्र का सूरज उगाने की चाहत रखते हैं, उसमें देश का मुसलमान भी है हिंदू भी है लेकिन भारत की सनातन संस्कृति के दायरे में एक ऐसा हिंदू राष्ट्र जहां नियम सबके लिए एक समान  हो..जहां अपने धर्म को सर्वोपरी दिखाने के लिए सनातन का अपमान ना किया जाए। 

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