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Swami Rambhadracharya ने की वक़्फ़ बोर्ड पर भयावह भविष्यवाणी !

ख़ुद को मुसलमानों को रहनुमा बताने वाली ताक़तें मोदी सरकार पर वक़्फ़ बोर्ड को मिटाने की साज़िश का आरोप लगा रही है। जिस पर अब जाकर चित्रकूट की धरा से जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कुछ ऐसा कहा है, जिसे देश का आम आदमी भविष्यवाणी की चश्मे से देख रहा है। जग्द्गुरु की ज़ुबान से निकली किस बात ने ओवैसी-मदनी को भी टेंशन दे दिया है। क्या है ये पूरा मामला, देखिये इस पर हमारी ये ख़ास रिपोर्ट

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वक़्फ़ बोर्ड पर यही आरोप लगते आए हैं कि अल्लाह के नाम पर वक़्फ़ बोर्ड जिस किसी की ज़मीन पर नजर डालता, उसे अपनी जागीर बताते हुए उसे अपना बना लेता है..फिर चाहे वो ज़मीन सरकार की हो या फिर हिंदुओं की, ना ही आप वक़्फ़ बोर्ड के ख़िलाफ़ कोर्ट जा सकते हैं और ना ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वक्फ बोर्ट के फ़ैसले को चैलेंज कर सकते हो। यानी चट भी अपनी, पट भी अपनी हिंदुओं के तीर्थों को भी वक़्फ़ बोर्ड ने नहीं छोड़ा है और इसके पीछे की वजह है,1954 का वक़्फ़ एक्ट। अब जब आज मोदी सरकार वक़्फ़ बोर्ड की बढ़ती ताक़त को कम कर रही है। संसद के रास्ते वक़्फ़ बोर्ड की तस्वीर को बदलने जा रही है, तो उस पर देश के मौलवी, मौलाना, मज़हबी संगठन और यहाँ तक की सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी पीएम मोदी पर वक़्फ़ बोर्ड को मिटाने का आरोप लगा रहे हैं। ओवैसी अपने ज़ुबानी प्रहारों से पीएम मोदी पर मुस्लिमों की मस्जिदें, मज़ारों को छिनने का आरोप लगा रहे हैं। यहाँ तक पूछ रहे हैं कि क्या नरेंद्र मोदी अब हमारे घरों में भी झांकेंगे ?  सौ बात की एक बाय के कि ख़ुद को मुसलमानों को रहनुमा बताने वाली ताक़तें मोदी सरकार पर वक़्फ़ बोर्ड को मिटाने की साज़िश का आरोप लगा रही है। जिस पर अब जाकर चित्रकूट की धरा से जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कुछ ऐसा कहा है, जिसे देश का आम आदमी भविष्यवाणी की चश्मे से देख रहा है।  जग्द्गुरु की ज़ुबान से निकली किस बात ने ओवैसी-मदनी को भी टेंशन दे दिया है, क्या है ये पूरा मामला, देखिये इस पर हमारी ये ख़ास 

                     

वक्फ बोर्ड एक ऐसी मज़हबी संस्था जिसकी देशभर में 600 करोड़ से ऊपर की संपत्ति है। करोड़ों का मालिक वक़्फ़ बोर्ड अल्लाह के नाम पर जब चाहे जिस किसी पर अपना दावा करता आया है। उदाहरण के तौर पर दुनिया के सात अजूबों में से एक ताजमहल आपके सामने हैं। ताजमहल को हड़पने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत के सामने जब बोर्ड ने ये दलील दी कि शाहजहाँ ताजमहल वक़्फ़ के नाम करके गये। तब सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया कि जाओं पहले शाहजहां के सिग्नेचर लेकर आओं। ऐसी बहुत सी विवादित प्रोपर्टी हैं, जिन पर वक़्फ़ अपना मालिकाना हक़ जमाता आया है। राजधानी दिल्ली के कई हिंदुओं मंदिरों को वक़्फ़ अपना बता चुका है। तमिलनाडु का तिरुचिरापल्ली गाँव , जहां की 95 फ़ीसदी हिंदू आबादी है और 1500 साल प्राचीन शिव मंदिर है। इन दोनों पर भी वक़्फ़ अपना दावा ठोक चुका है…वक़्फ़ के पास इतनी प्रोपर्टी है कि गुजरात के बड़े-बड़े बिज़नेसमैन भी फेल हो जाए। ऐसे में वक़्फ़ की बढ़ती ताक़त को अब जब अंकुश लगाने का समय आया है , तो उसमें भी रोढे अटकाने का काम मौलनी, मुस्लिम नेताओं और भगोड़ा ज़ाकिर नाइक कर रहे हैं और जो की ये पूरी पिक्चर 22 भाषाओं के ज्ञाता और 80 से ज़्यादा ग्रंथों के रचियता जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य अपने अंतर मन की आँखों से देख चुके हैं, इस कारण अब उनका बड़ा बयान सामने आया है। 

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दरअसल एक चैनल को दिये इंटरव्यू में वक़्फ़ बोर्ड पर बोलते हुए स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि वे करोड़ों की संपत्ति को हथिया कर बैठे हैं, इसका संशोधन होना चाहिए। सरकार ठीक संशोधन ला रही है।भगवान करे दोनों सदनों से यह बिल पास हो।” अब यहाँ गौर करने वाली बात ये कि जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य यहाँ साफ़ बोल रहे हैं कि भगवान करें, कि दोनों सदनों से ये बिल पास हो जाए, यानी की वक़्फ़ संसोधन बिल अब जो कि जगद्गुरु की कही बातें कई दफ़ा सत्य हुई हैं। उनके मुख से निकली बातों को सत्यता की कसौटी पर खरा उतरते हुए दुनिया ने देखा है, यही कारण है कि जगद्गुरु के इस बयान से विरोधी चिंतित हैं। 


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बहरहाल ना सिर्फ़ वक़्फ़ को लेकर स्वामी रामभद्राचार्य ने टिप्पणी की है, बल्कि यूपी के भैया जी अखिलेश यादव को भी आड़े हाथ लिया है। कुछ समय पहले अखिलेश ने मठाधीशों की तुलना माफ़ियाँ से कर दी थी, हालाँकि उनका ये बयान योगी बाबा के संदर्भ में था लेकिन यहाँ उनकी क्लास लगाते हुए स्वामी रामभद्राचार्य ने ये कह दिया कि उन्हें धर्म के मामले में कुछ नहीं आता है। अखिलेश पर तंज कसते हुए कहे कि वे यूपी में 34 सीटें जीत लिए तो उन्हें लगाता है कि वे सिकंदर हो गए हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा. मठाधीश धर्म के रक्षक होते हैं और माफिया धर्म का भक्षक होता है."देखा जाएँ तो चित्रकूट की धरा से जगद्गुरु के ब्यान सिलसिलेवार तरीक़े से सामने आ रहे हैं।हाल फ़िलहाल में तिरुपति का बदला लिये जाने की भी बात कही है।सनातन बोर्ड गठन की भी माँग कर चुके हैंलेकिन वक़्फ़ को लेकर उनके मन की बात अबकी बार कितनी सत्य होती है, अब ये देखना दिलचस्प है। 

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