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योगी को लेकर महाकुंभ से लौटे स्वामी कैलाशानंद का सबसे बड़ा फ़ीडबैक

महाकुंभ से लौटे स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपने फ़ीडबैक में किनकी हैसियत दुनिया के सामने लाकर रख दी है। 22-22 घंटे तपस्या में रहने वाले स्वामी कैलाशानंद ने योगी बाबा पर क्या कुछ बोला है। ये बताने से पहले आप ये जान लीजिये महाकुंभ को बदनाम करने वाले और महाकुंभ में ग़रीबी ढूँढने वाले दोनों को ही योगी का मुंहतोड़ जवाब क्या है।

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महाकुंभ को ख़त्म हुए 1 हफ़्ता बीत चुका है, मानवता का सबसे बड़ा जमावड़ा वापसी कर चुका है। अमृत स्नान करने आए नागा-अघोरी अपने-अपने धाम जा चुके हैं। विश्व पटल पर महाकुंभ की भव्यता पूरे 45 दिनों तक चरम पर रही। दुनिया में शायद ही कोई ऐसा देश छूटा हो, जिसने गूगल पर महाकुंभ को लेकर अपनी दिलचस्पी ना दिखाई हो महाशिवरात्रि के मौक़े पर योगी बाबा के नेतृत्व में महाकुंभ पूरी तरह से संपन्न हुआ और अब जब फ़ीडबैक देने का समय आया है, तो ऐसे में जिन लोगों ने योगी की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए, जिन्होंने दावा किया था कि कुंभ में डुबकी, देश की ग़रीबी को नहीं मिटा सकती है। जिन्होंने महाकुंभ हादसे का ज़िम्मेदार योगी बाबा को बताया था। जिन्होंने त्रिवेणी के जल पर संदेह किया था। इन्हीं आरोपों के बीच जिन विध्टनकारी ताक़तों ने योगी पर कीचड़ उछालने का भरपूर काम किया, ऐसे लोगों की औक़ात आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि महाराज ने दिखाई है और वो भी फ़ीडबैक देकर महाकुंभ से लौटे स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपने फ़ीडबैक में किनकी हैसियत दुनिया के सामने लाकर रख दी है। 22-22 घंटे तपस्या में रहने वाले स्वामी कैलाशानंद ने योगी बाबा पर क्या कुछ बोला है।ये बताने से पहले आप ये जान लीजिये, महाकुंभ को बदनाम करने वाले और महाकुंभ में ग़रीबी ढूँढने वाले दोनों को ही योगी का मुंहतोड़ जवाब क्या है। 

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अबकी बार का महाकुंभ आयोजन कितना सफल हो पाया, इसको लेकर स्वामी कैलाशानंद ने खुद सामने आकर योगी बाबा की जमकर तारीख़ की है। दरअसल लखनऊ पहुँचे स्वामी कैलाशानंद ने योगी बाबा से मुलाक़ात की उन्हें चुनरी ओढ़ाकर माला पहनाई और लोगों को ये संदेश दिया कि महाकुंभ का आयोजन अलौकिक रहा है। महाकुंभ में योगी की व्यवस्थाओं को अलैकिक बताते हुए कैलाशानंद  महाराज ने ये कहा महाकुंभ-2025 अलौकिक रहा। उसकी व्यवस्था अद्वितीय थी। हर श्रद्धालु और संतों का विशेष ध्यान रखा गया। यही कारण है कि दुनियाभर के लोग प्रयागराज खिंचे चले आए, 45 दिनों में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान करने से महाकुंभ अविस्मणीय बन गया।महाकुंभ को लेकर इतना अधिक दौरा किसी मुख्यमंत्री ने नहीं किया। बार-बार प्रयागराज आकर अधिकारियों के साथ बैठक करना, अखाड़ों और संतों के शिविर में जाकर उनकी समस्या पूछना फिर प्राथमिकता के आधार पर उसे दूर कराना साबित करता है कि मुख्यमंत्री महाकुंभ को लेकर कितना चिंतित थे।

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महाकुंभ में स्वामी कैलाशानंद पूरे 45 दिनों तक रहे, ज़मीनी स्तर की हक़ीक़त से अच्छे से अवगत हैं। उन्हीं की शरण में एप्पल के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल दिखी। उन्हीं के शिखर में अंबानी का पूरा परिवार नज़र आया और इन्हीं की शरण में हर्षा रिहर्षा रिछारिया से लेकर तमाम वीवीआईपी हस्तियाँ दिखी। विश्व पटल पर इनकी ख़ुद की अपनी एक पहचान है। निरंजनी अखाड़े के प्रमुख हैं, आध्यात्मिकता की राह पर ले जाने वाले कैलाशानंद गिरि महाराज योग गुरु भी हैं। हिन्दी, अंग्रेज़ी, और संस्कृत के जानकर होने के साथ-साथ द, पुराण, उपनिषदों के ज्ञाता। इन्हीं कारणों के चलते स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की हर एक बात को दुनिया गौर से सुनती हैं।

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