Advertisement

Loading Ad...

झेल रहे हैं गरीबी की मार? तो जरूर करें रविवार का व्रत, जान लें सूर्य पूजा करने का सही तरीका

आश्विन मास की त्रयोदशी पर बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग अत्यंत शुभ माना गया है. इस दिन रविवार व्रत, सूर्य देव की पूजा और मंत्र जाप से साधक को सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है. ऐसे में आप भी इस तरह जरुर करें सूर्य देव की पूजा.

Loading Ad...

आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि रविवार को सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है. सूर्य कन्या राशि में, जबकि चंद्रमा 6 अक्टूबर को रात 12 बजकर 45 मिनट तक कुंभ राशि में रहेगा और इसके बाद मीन राशि में गोचर करेगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, रविवार के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 46 मिनट से शुरू होकर दोपहर के 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय शाम 4 बजकर 34 मिनट से शुरू होकर 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा. वहीं, त्रयोदशी का समय 4 अक्टूबर शाम 5 बजकर 9 मिनट से शुरू होकर 5 अक्टूबर दोपहर के 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा. इसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी.

ऐसे में अग्नि और स्कंद पुराणों में उल्लेख है कि रविवार का व्रत रखने से साधक को सुख, समृद्धि, आरोग्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है. रविवार का व्रत आप किसी भी महीने की शुक्ल पक्ष के पहले रविवार से शुरू कर सकते हैं. यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी है जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर है. 12 रविवार व्रत कर उद्यापन कर दें.

Loading Ad...

व्रत के दौरान जरूर करें ये कार्य

Loading Ad...

व्रत शुरू करने के लिए आप ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म स्नान आदि करें, मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें, उसके बाद एक चौकी पर कपड़ा बिछाकर पूजन सामग्री रखें, फिर व्रत कथा सुनें और सूर्य देव को तांबे के बर्तन में जल भरकर उसमें फूल, अक्षत और रोली डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें. ऐसा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है.

रविवार के दिन इन मंत्रों के जाप से होगी हर समस्या दूर!

Loading Ad...

इसके अलावा रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र मंत्र का पाठ करने और सूर्य देव के मंत्र "ऊं सूर्याय नमः" या "ऊं घृणि सूर्याय नमः" का जप करने से भी विशेष लाभ मिलता है. रविवार के दिन गुड़ और तांबे के दान का भी विशेष महत्व है. इन उपायों को करने से सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है. साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता मिलती है.

सर्वार्थ सिद्धि का ज्योतिष में महत्व?

यह भी पढ़ें

सर्वार्थ सिद्धि ज्योतिष में एक बेहद शुभ योग है, जो किसी विशेष दिन एक विशिष्ट नक्षत्र के मेल से बनता है. मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्य सफल होते हैं और व्यक्ति को सफलता प्राप्त करने में मदद मिलती है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...