Advertisement

Loading Ad...

महामृत्युंजय महादेव का ऐसा मंदिर जहाँ भगवान धन्वंतरि ने कुएं में डाली थीं औषधियां, आज भी दूर होती हैं बिमारियाँ!

वाराणसी में स्थित महामृत्युंजय महादेव मंदिर अपने चमत्कारी जल के लिए प्रसिद्ध है, इस जल को रोग निवारक माना जाता है. भक्त यहाँ बीमारियों से मुक्ति और असामयिक मृत्यु से सुरक्षा के लिए आते हैं. मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि ने इस मंदिर के कुएँ में औषधियां डालीं, जिससे इसका जल पवित्र और लाभकारी बन गया. आज भी धनतेरस जैसे त्योहारों पर भक्त यहां स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए पहुंचते हैं.

Loading Ad...

देश में कई ऐसे मंदिर हैं, जो अपनी अलग-अलग मान्यताओं की वजह से जाने जाते हैं. किसी मंदिर में दर्शन करने मात्र से कोर्ट-कचहरी के मामलों से राहत मिलती है, तो कई मंदिर ऐसे हैं, जहाँ मरीज रोगमुक्त होने की इच्छा लेकर पहुँचते हैं. वाराणसी में महामृत्युंजय महादेव ऐसा ही एक मंदिर है, जहाँ श्रद्धालु रोग मुक्ति के लिए आते हैं.

 

धनतेरस आने वाला है. इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है. भगवान धन्वंतरि को औषधियों का देवता माना जाता है, जिसकी कृपा से हर बीमारी से मुक्ति मिल जाती है. वाराणसी में भगवान शिव और धन्वंतरि का एक ऐसा मंदिर है, जहाँ पानी के स्पर्श से ही बीमारियों का नाश होता है.

Loading Ad...

स्वयं महादेव करते हैं भक्तों को रोगों से मुक्त!
वाराणसी में महामृत्युंजय महादेव का मंदिर है. माना जाता है कि भक्त यहाँ आकर असामयिक मृत्यु और रोगों से मुक्ति पाते हैं. इस मंदिर को मौत पर विजय पाने का स्थान भी कहा जाता है. मंदिर में एक चमत्कारी कुआँ भी है, जिसको लेकर मान्यता है कि कुएँ के पानी में भगवान धन्वंतरि की औषधि और आशीर्वाद है, जिसकी कृपा से रोगों से मुक्ति मिलती है. भक्तों का मानना है कि समुद्र मंथन के बाद भगवान धन्वंतरि ने इसी कुएँ में अपनी औषधियां डाली थीं, जिससे जल चमत्कारी बन गया.

Loading Ad...

मंदिर से जुड़ी पौराणिक मान्यता
मंदिर को लेकर लोगों के बीच एक और कथा प्रचलित है. माना जाता है कि महाभारत के साथ भगवान धन्वंतरि को तक्षक नाग ने डस लिया था और जहर के प्रकोप से बचने के लिए धन्वंतरि भगवान महादेव के शरण में आए और इसी कुएँ के पानी से खुद की जान बचाई. इस दौरान उन्होंने कुएँ में कई स्वास्थ्यवर्धक औषधियां भी छोड़ दीं ताकि आम जनमानस की मदद हो सके. भक्त रोगों से मुक्ति पाने के लिए कुएँ के जल को पीते हैं और दूर से आने वाले भक्त अपने परिजनों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जल अपने संग लेकर जाते हैं.

कुएँ के पानी से होता है अद्भुत चमत्कार!
इतना ही नहीं, मंदिर से जुड़े लोगों का मानना है कि कुएँ में मौजूद पानी कभी सूखता नहीं है और शरीर और आत्मा को शुद्ध करने का काम करता है. उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भी ये मानता है कि मंदिर की मिट्टी और पानी में कई औषधीय गुण मौजूद हैं.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

दिवाली के पर्व पर उमड़ती है भक्तों की भीड़
मंदिर में सिर्फ भगवान शिव का शिवलिंग स्थापित है, जिसकी पूजा करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. यहाँ महादेव की पूजा करने से मौत के भय से मुक्ति मिलती है. सावन और दिवाली के मौके पर मंदिर में खास पूजा का आयोजन होता है और भक्तों की भीड़ लगती है.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...