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श्री केशवनाथेश्वर मंदिर: कर्नाटक की गुफा के अंदर मौजूद शिवलिंग का रहस्य!

दक्षिण भारत में कई ऐतिहासिक और रहस्यमयी मंदिर हैं. इन्हीं में से एक कर्नाटक के जंगलों में भी मौजूद है. माना जाता है कि यहां स्वयं भगवान शिव ने प्रकट होकर तपस्या की थी और आज भी जो भी भक्त यहां आता है उसे मानो स्वयं महादेव का एहसास होता है. ऐसे में मंदिर से जुड़ी जानकारी को चलिए विस्तार से जानते हैं…

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दक्षिण भारत अपने प्रसिद्ध और संपन्न मंदिरों के लिए जाना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कर्नाटक के जंगलों में प्रकृति की गोद में एक ऐसा रहस्यमयी मंदिर है जिसे देखने के बाद आपको अनुभव होगा कि मानो आज भी भगवान शिव यहां विराजमान हैं? चलिए इस मंदिर के बारें में विस्तार से जानते हैं… 

गुफा में बसा है श्री केशवनाथेश्वर मंदिर!

कर्नाटक के मुदूर गांव में गुफा के अंदर भगवान शिव का अद्भुत मंदिर श्री केशवनाथेश्वर मंदिर है, जहां तक पहुंच पाना हर किसी के बस की बात नहीं है. कर्नाटक से 50 किलोमीटर दूर कुंडापुरा के पास मुदूर गांव है, जो जंगलों के बीच बसा है. ऐसी ही प्रकृति के बीचों-बीच एक गुफा में, बहते झरने के पार भगवान शिव श्री केशवनाथेश्वर के रूप में विराजमान हैं.

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क्या भगवान शिव ने यहां तपस्या की थी? 

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गांव के लोगों का मानना है कि यहां भगवान शिव स्वयं अवतरित हुए थे और यहां गुफाओं में आकर उन्होंने तपस्या की थी. मंदिर में हर वक्त एक पुजारी रहता है, जो भगवान शिव की पूजा-अर्चना करता है. इसे दक्षिण भारत के सबसे पुराने शिव मंदिरों में से एक माना जाता है.

श्री केशवनाथेश्वर मंदिर पहुंचने का रास्ता क्यों है मुश्किल? 

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यह मंदिर पहले इतना प्रसिद्ध नहीं था, लेकिन जब साउथ सुपरस्टार जूनियर एनटीआर इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आए, तब से मंदिर की प्रसिद्धि बढ़ गई है. हालांकि, मंदिर तक पहुंचने का रास्ता बहुत मुश्किल है. मंदिर तक पहुंचने के लिए कोई सीधी सड़क नहीं है. जंगलों को पार करके ही भगवान शिव के अद्भुत दर्शन किए जा सकते हैं. गुफा के बाहर किसी तरह का कोई मंदिर नहीं है, लेकिन गुफा के अंदर गर्भगृह बना है. मंदिर के गर्भगृह में साल के ज्यादातर महीने में पानी भरा रहता है. भक्तों का मानना है कि पानी का जलस्तर साल भर एक जैसा स्थिर रहता है, लेकिन मानसून में थोड़ा बढ़ जाता है. वहीं गर्मियों में पानी सूखता भी नहीं है. इसलिए भक्त जल को चमत्कारी जल मानते हैं, जो साल भर हर मौसम में स्थिर रहता है.

श्री केशवनाथेश्वर मंदिर के बाहर बना है दिव्य कुंड!

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भक्त भगवान शिव के दर्शन करने के लिए घुटनों के बल चलकर गुफा के अंदर तक आते हैं. गुफा के पास ही झरने की सहायता से बना छोटा सा कुंड है, जिसमें रंग-बिरंगी मछलियां हैं. दर्शन करने आए श्रद्धालु दर्शन के बाद मछलियों को दाना भी खिलाते हैं. मंदिर के बाहर का प्रकृति का नजारा बेहद अद्भुत है, जो किसी का भी दिल मोह लेगा. मंदिर से 10 किलोमीटर की दूरी पर बेलकल तीर्थ झरने भी हैं. यह एक जाना-माना पर्यटक स्थल है.

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