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संसद से सड़क तक लाने वाली Shani की दृष्टि अबकी बार किसे बनाएगी देश का राजा?

चुनावी डुगडुगी बजने से पहले ही पीएम मोदी ने संसद की चौखट से 400 पार का मंत्र पढ़ दिया था लेकिन कछुए की रफ़्तार से बीते दो चरणों की जो वोटिंग हुई है, उसे देखते हुए क्या 400 पार पहुँचा जा सकता है? राहुल की राह में रोड़ा बनकर खड़े शनि अबकी बार क्या पुनः पीएम मोदी को सिंहासन दिलाएँगे?

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इन दिनों चुनावी मौसम में शनि की आंधी चल रही है | जो कि सत्ता दंडाधिकारी शनि की है, इस कारण उम्मीद यही है कि अबकी बार के चुनावी परिणाम दुनिया को चौंका देंगे | अबकी बार अंकों का गणित ऐसा है कि रंक को राजा और राजा को रंक बनाने वाले शनि पूरी दुनिया पर भारी हैं | इसके पीछे का फंडा है, 2024 का अंक, जिसमें शनि और शुक्र की भागीदारी है | 24 अंक अपने आप में शुक्र का अंक है और 2024 शनि का अंक बन जाता है | यानी ये पूरा साल शनि के आधीन रहने वाला है। ये जग ज़ाहिर है कि राजनीति के शिखर पर पहुँचाने वाले भी शनि हैं और शिखर से धरातल पर लाने वाले भी शनि हैं | चुनावी डुगडुगी बजने से पहले ही पीएम मोदी ने संसद की चौखट से 400 पार का मंत्र पढ़ दिया था लेकिन कछुए की रफ़्तार से बीते दो चरणों की जो वोटिंग हुई है, उसे देखते हुए क्या 400 पार पहुँचा जा सकता है? राहुल की राह में रोड़ा बनकर खड़े शनि अबकी बार क्या पुनः पीएम मोदी को सिंहासन दिलाएँगे?


हालाँकि ऐसा नहीं है कि ज़ुबानी तीर सिर्फ़ राहुल की तरफ़ से छोड़े गये, पीएम मोदी भी कांग्रेसियों पर हमलावर हैं। लेकिन नतीजों के बाद कौन काँपने लगेगा, ये तो 4 जून की तस्वीर बताएगी | लेकिन अंकों के हिसाब से अबकी बार शनि की कृपा किस पर ज़्यादा हो सकती है, इसका अनुमान ज्योतिषों ने अभी से लगाना शुरु कर दिया है | 

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अंक गणित पर एक नज़र डाला जाए, तो देश के इस लोकसभा चुनाव में एक ओर जहां नरेंद्र मोदी हैं, जिनकी जन्म दिनांक 17.9.1950 है और दूसरी तरफ़ राहुल गांधी हैं, जो 19.6.1970 में जन्में हैं। ज्योतिष अनुसार, इनका जन्म 17.9.1950(8-5) शनि-बुध का कॉम्बिनेशन, अर्थ त्रिभुज ट्रायएंगल के सेकंड हाउस में आता है, जो कि रफ-टफ, बैलेसिंग तथा जमीनी तल से जुड़ता है। नरेंद्र मोदी सूर्य के वर्ष 73वें वर्ष में हैं, जो कि राजनीति दृष्टि से अति लाभकारी है। वहीं बात अगर राहुल गांधी की करें, तो इनमें 1-6=सूर्य और शनि का कॉम्बिनेशन है। यह एयर ट्रायल एंगल के फर्स्ट हाउस में आता है। यह एक गुड, इनडायरेक्ट बैलेसिंग तथा हवा में उड़ने वाला है। राहुल गांधी उम्र के 53वें वर्ष, शनि की चपेट में हैं, जो उन्हें कई स्थानों पर निगेटिव रिजल्ट दे सकता है।इसके अलावा, नरेंद्र मोदी का नाम बुध ग्रह(5) पर आता है। यह एक बैलेंसिंग और आत्मनिर्भर प्लेनेट है। राहुल गांधी का नाम मंगल ग्रह(9) के अंक पर आता है, जो कि अनलिमिटेड एनर्जी उत्पन्न करता है, लेकिन सही दिशा, सही मार्गदर्शन-सलाहकार मिलने पर विपरीत दिशा में परिणाम दे रहे हैं।


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ज्योतिषों की मानें, तो राहुल शनि की चपेट में हैं और पीएम मोदी शनि की कृपा में, ये सिर्फ़ Astrological Analysis हैं | शनि को कर्म प्रधान देवता माना गया है, कर्मों के अनुसार परिणाम देना उनका काम है, इसलिए 4 जून के दिन जिस भी चेहरे पर ऐतिहासिक जीत की मुहर लगेगी, आप समझ लीजियेगा शनि ने ही उसे राजा बनने का मौका दिया है।

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