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चंद्र ग्रहण पर 100 साल बाद बना पितृ पक्ष का दुर्लभ संयोग, इस दौरान भूलकर भी न करें ये 5 काम
ज्योतिषों के अनुसार इस बार पूर्णिमा पर लगने वाला ये ग्रहण प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ा सकता है. जैसे कि बाढ़, भारी बारिश या फिर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाएगा. इसके अलावा लोगों की जिंदगी और जानवरों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है.
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इस बार चंद्र ग्रहण और पितृ पक्ष का एक ही दिन आना बहुत खास योग बना रहा है, पिछले 100 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब पितृ पक्ष और साल का आखिरी पूर्ण चंद्र ग्रहण एक साथ लग रहा है. वैसे तो ग्रहण का लगना एक खगोलीय घटना है लेकिन इसका धार्मिक दृष्टि से भी काफी ज्यादा महत्व होता है. इस बार ये ग्रहण शनि की राशि कुंभ और गुरु के नक्षत्र पूर्वाभाद्रपद में लगने जा रहा है, जो कि खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए इस बार के चंद्र ग्रहण को देखते हुए लोगों के मन में कई सारे सवाल उठ रहे हैं कि इस बार सूतक कब लगेगा? इस दौरान किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए? क्या नहीं करना चाहिए? अगर आपके मन में भी ऐसे सवाल उठ रहे हैं तो जानिए…
कब से शुरु होगा चंद्र ग्रहण
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अगर ज्योतिषों की मानें तो ये चंद्र ग्रहण बेहद ही खतरनाक साबित हो सकता है. क्योंकि जब भी चंद्र ग्रहण लगता है तो 3 महीने पहले और 3 महीने के बाद तक इसका असर दिखाई देता है. वहीं इस बार चंद्र ग्रहण का आरंभ 7 सितंबर की रात 9 बजकर 58 मिनट से होगा और 8 सितंबर की आधी रात 1 बजकर 26 मिनट पर इसका समापन होगा. इसके अलावा चंद्र ग्रहण के सूतक काल की टाइमिंग 7 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 8 सितंबर को देर रात 01 बजकर 26 मिनट तक रहने वाली है.
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भारत के अलावा किन देशों में दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण?
इस बार का ये चंद्र ग्रहण भारत के अलावा यूरोप, एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, फिजी और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा.
क्या चंद्र ग्रहण बनेगा भारत पर खतरा?
ज्योतिषों के अनुसार इस बार पूर्णिमा पर लगने वाला ये ग्रहण प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ा सकता है. जैसे कि बाढ़, भारी बारिश या फिर पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ जाएगा. इसके अलावा लोगों की जिंदगी और जानवरों पर भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है.
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सूतक काल के दौरान भूलकर भी न करें ये काम
- इस दौरान मंदिर के कपाट बंद रखें.
- इस दौरान भोजन करने से भी बचें.
- विवाह, सगाई या फिर कोई भी शुभ कार्य करने से बचें.
- बाल, नाखून या फिर दाढ़ी बनवाने से भी बचें.
- रसोई में कुछ भी बनाने से परहेज करें.