×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

2025 में अखंड भारत और मोदी को लेकर पुतिन के गुरु अलेक्जेंडर ने की कभी ना भूलाने वाली भविष्यवाणी

रूसी धरती से पीएम मोदी को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरु अलेक्जेंडर दुगिन की जुबान से निकली प्रत्येक भविष्यवाणी को भी कान लगाकर सुना जा रहा है,भारत की अखंडताउसकी सनातन पंरपरा और नेतृत्व शक्ति को लेकर लेक्जेंडर दुगिन ने जितनी भी भविष्यवाणी की है, उसे भूला पाना असंभव है। ऐसा हम क्यों कह रहे हैं, ये जानने के लिए बने रहिये धर्म ज्ञान के साथ..

2025 में अखंड भारत और मोदी को लेकर पुतिन के गुरु अलेक्जेंडर ने की कभी ना भूलाने वाली भविष्यवाणी
Advertisement

नये साल की नई शुरुआत में 96 घटों  का समय बचा है और इन्हीं 96 घंटों में दुनिया के कोने-कोने से भविष्यवाणी करने का सिलसिला आरंभ हो चुका है। जो कि ख़ुद के भविष्य को जानने की दिलचस्पी हर किसी में होती है, जिस कारण इन दिनों लोगों की व्यक्तिगत कुंडली खंगाली जा रही है। फ़ेस रिडींग की जा रही है,  Mystic Cards पढ़े जा रहे हैं। फ्रांसीसी भविष्यवक्ता मिशेल द नास्त्रेदमस और बुल्गारियां की बाबा वेंगा की भविष्यवाणियां पढ़ी जा रही है लेकिन क्या आप जानते हैं। इन सबके बीच रूसी धरती से पीएम मोदी को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरु अलेक्जेंडर दुगिन की जुबान से निकली प्रत्येक भविष्यवाणी को भी कान लगाकर सुना जा रहा है। भारत की अखंडता उसकी सनातन पंरपरा और नेतृत्व शक्ति को लेकर लेक्जेंडर दुगिन ने जितनी भी भविष्यवाणी की है, उसे भूला पाना असंभव है। ऐसा हम क्यों कह रहे हैं, ये जानने के लिए बने रहिये धर्म ज्ञान के साथ..

Advertisement

भारत-रूस की दोस्ती के चर्चा आज पूरी दुनिया की ज़ुबान पर है। मुश्किल समय में ना कभी भारत ने रूस का साथ छोड़ा और ना कभी रूस ने धोखा दिया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जब-जब  भारत किसी मुद्दे पर घिरा है, रूस की वीटो पॉवर ने ढाल बनकर अपना काम किया। भारत के समर्थन में रूस अबतक 4 बार अपनी वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर चुका है फिर चाहे 1957 में कश्मीर का मुद्दा हो, 1961 में गोवा का मुद्दा हो, 1961 में भारत-पाकिस्तान युद्ध हो या फिर 1971 में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश हो,  हर मुश्किल घड़ी में रूस भारत की ताक़त बना और ऐसा नहीं है कि ये दोस्ती एक तरफ़ा है। भारत भी कई मौक़ों पर रूस के पाले में नज़र आया है। 2023 में यूक्रेन युद्ध को लेकर चौतरफ़ा घिरे रूस के साथ मोदी सरकार खुलकर सामने आई थी। भारत-रूस की इसी अटूट दोस्ती को देखते हुए इस बार जब पुतिन के मार्गदर्शक या फिर यूँ कहे कि पुतिन के ब्रेन कहे जाने वाले अलेक्जेंडर दुगिन ने भारत और भारत के प्रधानमंत्री के संदर्भ में कुछ बोला, तो दुश्मनों के सीने पर साँप लोटने लगे। 


बतौर पॉल्टिकल साइंटिस्ट और महान दार्शनिक के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले अलेक्जेंडर दुगिन एक ऐसी प्रभावशाली शख़्सियत है, जिनके दिखाए पथ पर चलकर पुतिन रूस के राष्ट्रपति बने…बीते दिनों जब अलेक्जेंडर दुगिन से भारत-रूस के संबंध पर पूछा गया, तो उन्होंने रूसी धरती से दुनिया को  भारत का भविष्य दिखा दिया। पीएम मोदी को सुपर वर्ल्ड लीडर बताते हुए अलेक्जेंडर दुगिन ने अखंड भारत की भविष्यवाणी कर डाली । सबसे पहले उन्होंने तो भारत की वैदिक परंपरा को भाँपते हुए मुल्क की अखंडता पर भविष्यवाणी की इंडिया सिर्फ इंडिया नहीं है, वह अखंड भारत है। अखंड भारत जिसका साम्राज्य दूर तक फैला रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी वैदिक परंपरा वाले महानतम भारत की पुनर्स्थापना में लगे हैं, जहां वेद हैं, उपनिषद हैं, पुराण हैं, कर्मा है और पांरपरिक रीति-रिवाज हैं, सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्य उसे आत्मा और परमात्मा से जोड़ते हैं।

Advertisement


आज की डेट में भारत के लिए पीएम मोदी की क्या Importance है, इसका अंदाज़ा इसी से लगाइये पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान तक ये कहता है कि उसे भी मोदी जैसा वज़ीर-ए-आजम चाहिए। समूचा यूरोप पीएम मोदी को Boss बता चुका है, गल्फ़ देशों में पीएम मोदी का डंका बज रहा है। विकासशील देशों में रहकर भी पीएम मोदी ने भारत को विश्व पटल पर आत्मनिर्भर बनाया, तभी तो अतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत से सहायता की उम्मीद की जाती है। ऐसे में आने वाले समय में पीएम मोदी की अभूतपूर्व नेतृत्व शक्ति  देश को कहां से कहां पहुँचा देगी..इसी को लेकर अलेक्जेंडर दुगिन की भविष्यवाणी दुनिया को चौंकाती है। 


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे बड़े और महानतम देश के महान वर्ल्ड लीडर हैं। वह एक ऐसे नए भारत का निर्माण कर रहे हैं, जो स्वतंत्र है, निष्पक्ष है और संप्रभु है। जिसके पारंपरिक और वैदिक मूल्य हैं, जहां आंतरिक मानवता और समृद्धि है।वह दुनिया के सबसे दूरदर्शी, प्रभावशाली और मजबूत नेतृत्व वाले नेता हैं। आज पूरी दुनिया उनकी बात सुनती है। उनमें दुनिया को बैलेंस करने की अद्भुत क्षमता है, जो के किसी और लीडर में नहीं है। पीएम मोदी के संबंध जितने अच्छे राष्ट्रपति पुतिन से हैं, उतने ही अच्छे अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी हैं। वह एशिया से लेकर अफ्रीकी देश, अरब देश, इस्लामिक कंट्री, यूरोप व वेस्टर्न देशों में समान पकड़ रखते हैं। हमने आज तक दुनिया में इतना सुपर बैलेंसिंग और डायनमिक लीडर नहीं देखा। यह हिंदुत्व सिर्फ भारत के लिए नहीं, बल्कि दुनिया को मार्गदर्शन दे सकता है। पीएम मोदी भारतीय लोगों के माइंड को इसी धार्मिक, वैदिक और अखंड भारत की परंपरा की ओर मोड़ रहे हैं। भारत को विश्वगुरू की दिशा में ले जाने के लिए यह कदम जरूरी हैं।

Advertisement

यह भी पढ़ें


सौ बात की एक बात ये कि रूसी अलेक्जेंडर दुगिन ये मानते हैं कि पीएम मोदी ने जिस प्रकार से सनातन संस्कृति का अनुसरण करते हुए भारत की धार्मिक, वैदिक और अखंडता के लिए कार्य किया, उससे भारत का आने वाला समय स्वर्ण काल साबित होगा, आधिकारिक तौर पर भारत विश्व गुरु के तौर पर पुनः स्थापित होगा…लेकिन आप पुतिन के गुरु अलेक्जेंडर दुगिन की इन्हीं बातों से कितने सहमत हैं, 

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें