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अहमदाबाद प्‍लेन क्रैश को लेकर 100 फ़ीसदी सत्य सिद्ध हुई भविष्यवाणी, अब आगे क्या ?

विमान हादसे से ठीक एक हफ़्ते पहले एस्ट्रोलॉजर शर्मिष्ठा ने जो भयावह भविष्यवाणी की, 12 जून की दोपहर को उसे पूरी दुनिया ने अपनी आँखों के सामने होता हुआ देखा. लेकिन अब आगे क्या-क्या होना है ? देखिये इस पर हमारी ये ख़ास रिपोर्ट.

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विमान हादसे से ठीक एक हफ़्ते पहले एस्ट्रोलॉजर शर्मिष्ठा ने जो भयावह भविष्यवाणी की, 12 जून की दोपहर को उसे पूरी दुनिया ने अपनी आँखों के सामने होता हुआ देखा. दरअसल 
12 जून का दिन ऐसी मनहूसियत लेकर आया कि अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में मौत तांडव करने लगी. एयर इंडिया के बोइंग विमान के क्रैश हो जाने से आग की लपटों में लोगों ने अपनों को जलते हुए देखा. एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन, जिसने दोपहर 1 बजकर 38 मिनट पर लंदन के लिए उड़ान भरी और 2 मिनट के अंदर ही 1 बजकर 40 मिनट पर आग लगते ही मेडिकल एंड सिविल हॉस्पिटल की बिल्डिंग से जा टकराया और पूरी तरह से मौत के मुँह में जा गिरा. विमान में मौजूद 242 यात्रियों की जिंदगीयां जिसमें 12 क्रू मेंबर्स समेत 241 लोगों की ज़िंदगियाँ स्वाहा: हो गई. आलम ये है कि शवों की पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है. अब जब इस भयावह घटना के बाद चारों तरफ काला धुआं और मलबा आँखों के सामने हैं. तो ऐसे में चिंतित मन से यही सवाल उठ रहे हैं कि और कितना कुछ भयावह अभी और देखना बाक़ी है ? इसी को लेकर एस्ट्रोलॉजर शर्मिष्ठा की वायरल हो  रही भविष्यवाणी और 14 जून के बाद होने वाली घटनाओं की भविष्यवाणी क्या कहती है , इसी पर देखिये हमारी आज की ये रिपोर्ट

ज्योतिष के माध्यम से भविष्यवक्ताओं ने भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत दिया है। इसी कड़ी में इन दिनों एक नाम सबसे ज़्यादा चर्चित भी है और सोशल मीडिया में ट्रेंड कर रहा है। पेशे से ज्योतिष @AstroSharmistha एक ऐसी प्रभावशाली शख़्सियत हैं, जिन्होंने अहमदाबाद विमान हादसे से ठीक एक हफ़्ता पहले इसके होने की भविष्यवाणी कर दी थी. इसको लेकर 5 जून के दिन बक़ायदा ट्वीट किया था और विनाश की चेतावनी दी थी और यही ट्वीट अब तेज़ी से वायरल हो रहा है. 2025 में एविएशन सेक्टर में तेजी आएगी, लेकिन इसी दौरान बड़ी दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी होंगी।जब बृहस्पति (गुरु) मृगशिरा और आर्द्रा नक्षत्र में होगा, तब एविएशन में विकास तो होगा लेकिन सुरक्षा और स्थायित्व की कमी बनी रहेगी. “मैं अब भी विमान हादसे की भविष्यवाणी पर कायम हूं”.

5 जून की तारीख़ में किये गये इसी ट्वीट को हर कोई पढ़ रहा है और इतना ही नहीं, पुराने सारे ट्वीट भी खंगाले जा रहे हैं और इसी कड़ी में अब एस्ट्रोलॉजर शर्मिष्ठा की 14 जून के बाद होने वाली घटनाओं पर आधारित भविष्यवाणियों को भी कान लगाकर सुना जा रहा है. एक न्यूज़ बेवसाइट में छपे रेख में एस्ट्रोलॉजर शर्मिष्ठा ने अपने ज्योतिष अनुभव के चलते 14 जून के बाद की तस्वीर दिखाने की कोशिश की है. दरअसल एस्ट्रोलॉजर शर्मिष्ठा की कहना है कि बृहस्पति ग्रह मिथुन राशि के आर्द्रा नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र क्रांति, विद्रोह और तकनीकी उथल-पुथल का प्रतीक माना जाता है. इसलिए पिछले अनुभवों के आधार पर यह समय राजनीतिक विभाजन, प्राकृतिक आपदाएं और तकनीकी उन्नति के बड़े संकेत देता है. अब यहाँ समझने वाली बात ये है कि आर्द्रा नक्षत्र से भयभीत होने की ज़रूरत क्यों है. शास्त्रों के अनुसार, आर्द्रा नक्षत्र का जन्म स्वयं ब्रह्माजी के क्रोध से हुआ था. इस नक्षत्र को क्रोध से जन्मा विनाश और नवाचार का प्रतीक माना गया है. इसका स्वामी है रुद्र हैं जो शिव के उग्र रूप माने गए हैं. यह नक्षत्र विनाश, विरोध, विद्रोह और विज्ञान से जुड़ा है. इसलिए सभी 27 नक्षत्रों में इसे महत्वपूर्ण माना गया है. इसी नक्षत्र में गुरु के आते ही 14 जून के बाद की तस्वीर में क्या-क्या होता हुआ दिख सकता है..इसको लेकर एस्ट्रोलॉजर शर्मिष्ठा की भविष्यवाणी कहती हैं. 

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5 जून 2025 के बाद की भविष्यवाणियाँ 
- सरकारों और नेताओं का विरोध चरम पर होगा।दुनियाभर की राजनीतिक पार्टियों में आंतरिक बगावत बढ़ेगी. कई नेताओं की छवि को गहरा झटका लगेगा।कुछ देशों में सत्तापलट या राष्ट्रपति शासन जैसी स्थितियां उभर सकती हैं।ग्रह योग संकेत देते हैं कि ये समय सत्ता के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.
- सामाजिक असहमति और विद्रोह की लहर भी देखने को मिल सकती है. बड़ी आतंकी घटनाएं सामने आ सकती हैं, जिससे जनता में भय और अविश्वास फैलेगा। आर्द्रा के प्रभाव से उत्पन्न मनस्थिति अराजकता को जन्म दे सकती है.
- एयरलाइन और स्पेस इंडस्ट्री में क्रांति और त्रासदी की स्थिति बनती दिख रही है. हवाई तकनीक, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष मिशनों में तेजी आएगी.
- प्राकृतिक आपदाओं का तांडव भी देखने को मिल सकता है. बृहस्पति के आर्द्रा में गोचर भूकंप, बाढ़, तूफान, ग्लेशियर विस्फोट का खतरा बढ़ सकता है. जलवायु आपदाएं दुनिया भर में रिकॉर्ड तोड़ तबाही ला सकती हैं.
- भारत के उत्तर और उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों पर विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है. क्योंकि 2013 में गुरु आर्द्रा में ही था जब केदारनाथ बाढ़ में 6000 से अधिक जानें गई थीं. 

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अहमदाबाद विमान हादसे से ठीक एक हफ़्ते पहले की भविष्यवाणी आपके सामने हैं और अब 14 जून के बाद की तस्वीर भी दिखलाई जा चुकी है. आने वाला समय कितना चैलेंजिग आपको ख़ुद के लिए नज़र आता है.

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