इटली की लुक्रेशिया ने प्रयागराज में अपनाया सनातन, बोलीं- महाकुंभ ने बदली जिंदगी, आध्यात्म से मिली शांति
जब साल 2025 में लुक्रेशिया महाकुंभ के दौरान प्रयागराज आईं थी, तभी उन्होंने सनातन धर्म अपनाने का सोच लिया था.
Follow Us:
प्रयागराज (Prayagraj) इन दिनों तंबू सिटी बना हुआ है. संगम नगरी में माघ मेले की छठा बिखरी हुई है. देशभर के साथ-साथ दुनिया से भी श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने आ रहे हैं. संगम की रेती भजन-कीर्तन से गुंजायमान है. विदेशी श्रद्धालु भी भक्ति और भारतीय संस्कृति के इन रंगों में रंगे हुए हैं. इटली से आई श्रद्धालु लुक्रेशिया की तो जैसे माघ मेले ने जिंदगी ही बदल दी. माघ मेले में आई लुक्रेशिया सनातन संस्कृति से इतनी प्रभावित हुई कि खुद सनातनी बन गईं.
22 साल की लुक्रेशिया (Lucrezia) भी इटली से माघ मेला देखने आई हैं. यहां वो साधु संतों से मिलीं और भजन-कीर्तन में लीन हो गई. लुक्रेशिया महाकुंभ में भी प्रयागराज आईं थी. उसी समय उन्होंने सनातन अपनाने का फैसला ले लिया था. अब माघ मेले में आईं लुक्रेशिया ने बताया कि वह सनातन धर्म अपना चुकी है.
तीसरी बार की भारत यात्रा
लुक्रेशिया ने बताया पहली बार भारत साल 2024 में आईं थी. इसके बाद साल 2025 में महाकुंभ मेले में प्रयागराज आईं और अब तीसरी बार माघ मेला देखने आई हैं. इसके बाद वह बनारस जाएंगी. जहां आध्यात्म को और करीब से समझेंगी. लुक्रेशिया ने बताया कि माघ मेले में उनके गुरु ने उनको सिखाया है कि कैसे चीजों को लेट गो करते हैं, कैसे शांत, विनम्र और दयालु बनते हैं कैसे उन चीजों को छोड़ते हैं जिनकी आपकी जिंदगी में कोई जगह नहीं है. कैसे नकारात्मक विचारों को मन के भीतर से निकाला जाता है. लुक्रेशिया ने बताया, अब वह केवल भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को अपने जीवन का हिस्सा बना रही हैं.
माघ मेले में आईं इटली की लुक्रेशिया ने सनातन अपना लिया है. उन्होंने सनातन को सबसे पहले महाकुंभ में महसूूस किया. इसके बाद भजन-कीर्तन और आध्यात्म को ही अपना मार्ग बना लिया. #MaghMela #prayagraj pic.twitter.com/NmeCtjuYik
— NMF NEWS (@nmfnewsofficial) January 9, 2026 Advertisement
यह भी पढ़ें- 33 फीट ऊंचा, 210 टन वजनी, मोनोलिथिक...बिहार पहुंचा विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग, विराट रामायण मंदिर में होगा स्थापित
यह भी पढ़ें
सनातन और भारतीय संस्कृति के तरफ लुक्रेशिया के झुकाव की हर कहीं चर्चा हो रही है. वह साधु संतों के साथ अन्य भक्तों का हाथ जोड़कर स्वागत करती हैं, भजन और मंत्रों का उच्चारण करती हैं. पहनावा भले ही विदेशी हो लेकिन मन सनातन और आस्था से भरा है. लुक्रेशिया ने गुरु मनमौजी राम पुरी से दीक्षा ली है. माघ मेले में वह उनके आश्रम में ही ठहरी हुई हैं. वहीं, लुक्रेशिया ने माघ मेले में योगी सरकार के इंतजामों और व्यवस्थाओं की भी तारीफ की.
कृपया Google से लॉग इन करें टिप्पणी पोस्ट करने के लिए
Google से लॉग इन करें