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Akhand Bharat की भविष्यवाणी करने वाले Russia के आगे PM Modi का धमाकेदार फ़ैसला

इतिहास गवाह है, प्राचीन काल में अखंड भारत कई गणराज्यों में बंट गया था, जिसे मौर्य वंश में एकजुट किया गया और वो भी चाणक्य के मार्गदर्शन में | चंद्रगुप्त मौर्य के समय में जिस अखंड भारत की नींव रखी गई थी, वो अखंड भारत पश्चिम में फारस यानी ईरान से पूर्व में बंगाल तक और उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में तमिलनाडु तक फैला था | और आज इसी अखंड भारत की तस्वीर को पुन: विश्व पटल पर देखने की इच्छा हर किसी की है और अतीत में देश के जिन राजा-महाराजाओं ने देश की अखंडता में निर्णायक भूमिका निभाई, उनके इसी योगदान को याद रखने के लिए पीएम मोदी ने विशालकाय म्यूज़ियम बनाने का फ़ैसला लिया है

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हम और आप, जिस अखंड भारत के नक़्शे की परिकल्पना करते हैं, उसमें भारत से सटे आज जितने भी आजाद देश हैं, उनका अपना संविधान है | सबकी अपनी राजनीतिक व्यवस्था और अर्थव्यवस्था है और जब यही सारे देश एक जुट होकर भारत के एक छत्र राज में जाएँगे, तब जाकर इनकी पहचान अखंड भारत के रूप में होगी और इसी पहचान के ख़ातिर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबकी बार एक ऐसा तूफ़ानी कदम उठाया है, जिसके आगे सात समंदर पार बैठे रूस की भविष्यवाणी सत्य होती दिख रही है | इस चुनावी मौसम में पीएम मोदी ने अखंड भारत को लेकर कौन सा तूफ़ानी ऐलान किया है, जिसकी गूंज रूस तक सुनाई दे रही है | क्या है ये पूरा मामला, आईये आपको बताते हैं |


इतिहास गवाह है, प्राचीन काल में अखंड भारत कई गणराज्यों में बंट गया था, जिसे मौर्य वंश में एकजुट किया गया और वो भी चाणक्य के मार्गदर्शन में | चंद्रगुप्त मौर्य के समय में जिस अखंड भारत की नींव रखी गई थी, वो अखंड भारत पश्चिम में फारस यानी ईरान से पूर्व में बंगाल तक और उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में तमिलनाडु तक फैला था | और आज इसी अखंड भारत की तस्वीर को पुन: विश्व पटल पर देखने की इच्छा हर किसी की है और अतीत में देश के जिन राजा-महाराजाओं ने देश की अखंडता में निर्णायक भूमिका निभाई, उनके इसी योगदान को याद रखने के लिए पीएम मोदी ने विशालकाय म्यूज़ियम बनाने का फ़ैसला लिया है, और इस म्यूज़ियम की नींव कहीं और नहीं बल्कि देश को एक सूत्र में बांधने वाले भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के स्थान पर रखी जाएगी |

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अखंड भारत को लेकर पीएम मोदी के इस फ़ैसले की हर कोई तारीफ़ कर रहा है | राजनीतिक पंडितों की मानें, तो रिज़ल्ट से पहले ही पीएम मोदी अखंड भारत का शंखनाद कर चुके हैं | लेकिन क्या आप जानते हैं, अखंड भारत का सपना हम भारतीयों के अलावा रूस भी देखता है | तभी तो रूस में अखंड भारत पर लेख लिखे जाते हैं | बीते दिनों रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने अखंड भारत पर एक लंबा चौड़ा लेख लिखा है | कट्टर फासीवादी, रूसी राष्ट्रपति के गुरु अलेक्जेंडर दुगिन अभी से अखंड भारत बनता देख रहे हैं और भारत की इसी बदलती तस्वीर को लेकर उनका कहना है - ‘भारत हमारी आंखों के सामने एक नए वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है।सिलिकॉन वैली समेत कई प्रमुख क्षेत्रों को नियंत्रित कर रहे हैं। ऋषि सुनक और विवेक रामास्वामी जैसे व्यक्ति ब्रिटेन और अमेरिका की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।भारतीय जनता पार्टी ने 1996 में सत्ता में आने पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लंबे समय से चले रहे प्रभुत्व को समाप्त कर दिया।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के तहत, भारत का आधिकारिक नाम बदलकर इसके संस्कृत संस्करण "भारत" कर दिया गया, जो एक रूढ़िवादी और पारंपरिक विचारधारा की ओर एक कदम का संकेत देता है।मोदी का प्रशासन "भारतीय दिमाग के उपनिवेशीकरण" और भारत को एक वैदिक सभ्यता-राज्य के रूप में बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जिसका लक्ष्य पूर्ण संप्रभुता है।अमेरिका और इजरायल के साथ गठबंधन करने के बावजूद, भारत को चीन के साथ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और उसने इस्लामी दुनिया के साथ संबंधों को प्रगाढ़ किया है।’ 

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अखंड भारत, ग्रेट इंडिया के नाम से अलेक्जेंडर दुगिन ने जो लेख लिखा है, उसमें उन्होंने सब कुछ लिखा है। मतलब ये कि अपनी इन बातों से उन्होंने अखंड भारत की तस्वीर दिखाने की कोशिश की है, जो अब सत्यता की कसौटी पर खरी उतर रही है। अखंड भारत को लेकर आपके क्या विचार हैं, कमेंट करके ज़रूर बताइयेगा।

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