Advertisement

Loading Ad...

PM Modi करेंगे त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर का उद्धाटन, जानें क्या है इतिहास और शक्तिपीठ की खासियत

PM Modi Tripura Visit: देश के प्रधानमंत्री 22 सितंबर को त्रिपुरा सुंदरी मंदिर परिसर का उद्धाटन करने वाले हैं. इसका ऐलान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को करते हुए कहा कि वो न सिर्फ उद्धाटन करेंगे बल्कि यहां पूजा-अर्चना भी करेंगे. लेकिन मंदिर का इतिहास और इस शक्तिपीठ की खासियत जाननें के लिए आगे पढ़ें...

Twitter/@TasniyaTripura
Loading Ad...

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने देश की सत्ता को संभालने के साथ-साथ सनातनी होने का फर्ज भी बखूबी निभाया है. 2020 में राम मंदिर की आधारशिला रखी, 2024 में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की. वाराणसी में बाबा विश्वनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण करवाया, उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर परिसर का पुनर्विकास करवाया, और अबू धाबी में हिंदू मंदिर का उद्घाटन कर सनातनी संस्कृति को मजबूत भी किया और अब त्रिपुरा सुंदरी मंदिर का उद्घाटन भी 22 सितंबर को करने जा रहे हैं.. लेकिन क्या आप जानते हैं इस मंदिर की खासियत क्या है? इस मंदिर का इतिहास क्या है? आखिर क्यों इसे सभी शक्तिपीठों में महत्वपूर्ण माना जाता है? आइए इसके बारे में भी आपको बताते हैं…

PC: Twitter/@itsmesabita

Loading Ad...

क्या है त्रिपुरा सुंदरी का इतिहास?

Loading Ad...

1501 ई. में इस मंदिर का निर्माण महाराजा धन्य माणिक्य के शासनकाल में किया गया था. यह मंदिर हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार यहां मां सती के सीधे पैर की उंगलियों के निशान आज भी मौजूद हैं. मां सती के 51 शक्तिपीठों में से एक होने के कारण यह मंदिर प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है. हजारों की संख्या में भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं. इसके अलावा बता दें कि यह मंदिर अगरतला-सबरूम मार्ग पर स्थित उदयपुर से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

दिवाली के दौरान क्यों बढ़ जाता है इस मंदिर का महत्व?

Loading Ad...

दिवाली के दौरान इस मंदिर में भव्य आयोजन होता है. इस आयोजन में हर साल लाखों की संख्या में भक्त सम्मिलित होते हैं. इसके अलावा बता दें कि एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मंदिर का निर्माण करने के बाद यहां भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित की गई थी.

भगवान विष्णु की मूर्ति हटाकर क्यों स्थापित की त्रिपुरा सुंदरी?

एक रात महाराजा धन्य माणिक्य के सपने में महामाया आईं और राजा से कहा कि उनकी मूर्ति चिट्टगांव से लाकर इस स्थान पर स्थापित कर दें. इसके बाद ही त्रिपुरा सुंदरी की स्थापना यहां की गई. इसलिए इसे कोलकाता के कालीघाट मंदिर और गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर के बाद पूर्वी भारत का तीसरा सबसे महत्वपूर्ण शक्तिपीठ माना जाता है.

Loading Ad...

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री ने किया ऐलान

यह भी पढ़ें

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को ऐलान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 सितंबर को त्रिपुरा के दौरे पर आएंगे और दक्षिण त्रिपुरा के उदयपुर स्थित प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मंदिर के पुनर्विकसित परिसर का उद्घाटन करेंगे. सीएम साहा ने बताया कि प्रधानमंत्री न केवल मंदिर का उद्घाटन करेंगे, बल्कि वहां पूजा-अर्चना भी करेंगे. यह मंदिर अगरतला से लगभग 65 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है. उन्होंने कहा, "मैंने पहले ही प्रधानमंत्री को इस मंदिर के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया था.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...