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सनातन से पंगा लेने वाले पाकिस्तान को ओवैसी ने दिखाई औकात, कुरान खोल कर पाकिस्तान के इस्लामी ज्ञान की बखिया उधेड़ी!

भारत ने दिया ऑपरेशन सिंदूर नाम तो पाकिस्तान ने भी खेला धर्म कार्ड अपने ऑपरेशन का नाम कुरान की आयात से लिया. देखिए क्या है इस ऑपरेशन का नाम और क्या है अर्थ.

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जब पाप अपनी सीमाएं लांघता है, तब धर्म सिर्फ सहता नहीं वार करता है. जब निर्दोषों का खून धरती पर गिरता है, तब न्याय आकाश से बरसता है. यह कहानी है उस बदले की जिस भारत में नाम दिया गया ऑपरेशन सिंदूर. 22 अप्रैल 2025 जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में, वो जगह जो अमरनाथ यात्रा का मार्ग है, जिसे देवभूमि कहा जाता है. वहां एक ऐसा हमला हुआ जिसने इंसानियत को झकझोर दिया. 26 निर्दोष लोगों को उनका धर्म पूछकर  गोलियों से छलनी कर दिया गया.

भारत ने उस दिन कई निर्दोष लोगों को खोया लेकिन चुप नहीं रहा और फिर शुरू हुआ “ऑपरेशन सिंदूर” . जिसका नाम लिया गया था उन बोटियों के सिंदूर से जिसने अपने आखों के सामने अपने सुहाग को उजड़ता देखा. इस ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना ने 15 दिन के भीतर पीओके में आतंक के 9 ठिकानों को तबाह कर दिया. जिसके बाद पाकिस्तान ने बौखलाकर ड्रोन और मिसाइल हमलों की नापाक कोशिश की. लेकिन भारत सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया. 

अब पाकिस्तान इसपर कैसे चुप बैठ सकता है. पाकिस्तानी सेना ने भारत को जवाब देने के लिए नया ऑपरेशन शुरु किया बुनयान अल मरसूस.  ये नाम  कुरान की एक आयत से लिया गया  जिसका अर्थ है शीशे सी मजबूत दीवार. ये एक अरबी शब्द है. जिसका मतलब होता है एक ऐसा नींव जोकि मजबूती से रक्षा प्रदान करता है. जंग-ए-मैदान में कमजोर पड़ती पाकिस्तानी सेना ने धर्म का सहारा लेना शुरू कर दिया और भारत पर पलटवार करने के लिए उसने ऑपरेशन बुनयान अल मरसूस रख दिया. जिससे कम से कम इस्लाम धर्म के नाम पर पाकिस्तानी जवान भारत के खिलाफ लड़ाई में उतर सकें. नहीं तो खबर तो यहां तक आई थी कि खुद आसिम मुनीर भारत के हमले के डर से बंकर में छुप कर बैठा था. 

बुनयान अल मरसूस का मकसद है भारत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनानाथा. यह नाम कुरान की आयत से लिया गया है. इसमें कहा गया है कि निश्चित रूप से अल्लाह उनको पसंद करता है जो उसकी राह में एक मजबूत दीवार की तरह पंक्तिबंद्ध होकर युद्ध लड़ता है. पाकिस्तानी सेना इस नाम से अपनी एकता दिखाना चाहता है, लेकिन वो ये भूल रहा है  कि भारत कोई साधारण दीवार नहीं है.  यह वह चट्टान है जो कभी टूटती नहीं  केवल जवाब देती है. पाकिस्तान के बुनयान अल मरसूस के नाम पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दिन ओवैसी ने आइना दिखाया है. उन्होंने पाकिस्तान के ऑपरेशन बुनयान-उल-मरसूस का असली मतलब बताते गुए पाकिस्तान की सेना और सरकार को झूठा बताया. क्योंकि ये लड़ाई केवल सीमाओं की नहीं है, यह विचारों की लड़ाई है. भारत ने धर्म का रास्ता चुना है  और  जब-जब धर्म पर वार होगा तब-तब तो भारत रण में उतरता रहेगा है. 
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