Advertisement

Loading Ad...

स्वामी रामभद्राचार्य के कहने पर योगी बाबा किसकी कब्र पर चलाएँगे बुलडोज़र ?

अबू आज़मी विवाद में जैसे ही जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी की एंट्री हुई, तो उन्होंने योगी से किसकी कब्र पर बुलडोज़र चलाए जाने की माँग कर डाली है।

Loading Ad...

महाराष्ट्र में बैठकर समाजवादी नेता अबू आज़मी ने औरंगजेब का महिमामंडन क्या किया , दिल्ली से लेकर यूपी में सियासी भूचाल आ गया। औरंगजेब प्रेम अबू आज़मी को इस कदर महँगा पड़ा कि महाराष्ट्र विधानसभा के मौजूदा सत्र से उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। वहीं मठाधीश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, जो उनका यूपी में इलाज करने की इच्छा जता चुके हैं हालाँकि बाबा के इसी बयान पर भड़के भैया जी अखिलेश यादव ने इसे नकारात्मक सोच का बचपना करार दिया है। इस पूरे विवाद में जैसे ही जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी की एंट्री हुई, तो उन्होंने योगी से किसकी कब्र पर बुलडोज़र चलाए जाने की माँग कर डाली है। 

Loading Ad...

तुलसी पीठाधीश्वर जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जिनके परिचय में उन्हें 22 भाषाओं का ज्ञाता,  80 ग्रंथों का रचियता, देश का सबसे बड़ा कथावाचक और वेद-उपनिषदों का प्रगाढ़ विद्धान बताया जाता है। मसला देश हित से जुड़ा हो या फिर सनातन से जुड़ा कोई भी विषय, बड़ी ही बेबाक़ी से अपनी बात रखने वाले स्वामी रामभद्राचार्य को पूरी दुनिया कान लगाकर सुनती है। राजनीतिक विषयों पर इनके द्वारा की गई भविष्यवाणी 99 फ़ीसदी सटीक बैठी है। जिसमें पीएम मोदी के तीन बार प्रधानमंत्री बनने से लेकर योगी के मुख्यमंत्री बनने रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति बनने और राम मंदिर निर्माण ये तमाम भविष्यवाणियाँ बैक टू बैक पिछले कुछ सालों में सत्यका की कसौटी पर खरी उतरी है। महाकुंभ से लौटे जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से जब औरंगजेब विवाद पर उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी ली गई। तो उन्होंने ना सिर्फ़ औरंगजेब की वास्तविक तस्वीर दुनिया के सामने लाकर रखी दी बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी बड़ी माँग कर डाली। 

Loading Ad...


समाजवादी नेता अबू आज़मी ने अपनी व्यक्तिगत राय बताते हुए ये दावा किया था कि औरंगजेब मुग़ल शासनकाल का महान शासक था, वो निर्दयी शासक नहीं था। अबू आज़मी का ये कहना था कि मैंने औरंगजेब के बारे में जितना पढ़ा है, उसने कभी भी जनता का पैसा अपने लिए नहीं लिया, उसका शासन बर्मा तक फैला हुआ था, उस समय देश को सोने की चिड़िया कहा जाता था। वो मंदिरों में दान दिया करता था। मुझे लगता है कि वह एक महान प्रशासक थे, उसकी सेना में कई हिंदू कमांडर थे।अबू आज़मी की इसी व्यक्तिगत राय पर देश का संत समाज भड़क गया है, आलम ये है कि ख़ुद सामने आकर स्वामी रामभद्राचार्य ने औरंगजेब की पुरानी कुंडली दुनिया के सामने लाकर रख दी औरंगज़ेब को लेकर स्वामी रामभद्राचार्य ख़ुद ये बताते है।औरंगजेब ने हजारों जनेऊ उतराए. हजारों ब्राह्मणों के गले काटे. पूरे राष्ट्र को तहस-नहस कर डाला. औरंगजेब हमारा आदर्श नहीं, हमारे आदर्श तो शिवाजी और राणा जी हैं।हमारे आदर्श भगवान राम और कृष्ण हैं. औरंगजेब कब से हमारा आदर्श हो गया ।औरंगजेब ने कहीं मंदिर नहीं बनवाया। बाला जी मंदिर में मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था तो भाग गया था। 

Loading Ad...


यह भी पढ़ें

स्वामी रामभद्राचार्य ने अबू आज़मी के औरंगजेब से जुड़े बयान की कड़ी निंदा करते हुए योगी बाबा से औरंगजेब की क्रब पर बुलडोज़र चलाए जाने की माँग कर डाली, संतों की समर्थन करते हुए साफ़ कहा कि औरंगजेब की कब्र पर बुलडोजर चलना चाहिए। हम सब जानते हैं कि बुलडोज़र चलाने वाले तो योगी बाबा ही है, लेकिन क्या बाबा जगतगुरु की इस माँग पर अमल करेंगे ? 

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...