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नए साल पर स्वामी रामभद्राचार्य से जान लीजिये तरक्की और दौलत पाने का अचूक मंत्र

हली दफ़ा तुलसीपीठ के पीठाधीश्वर जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने अचूक मंत्र दिये हैं, या फिर यूँ कहे कि ऐसे लोगों के विनाश की भविष्यवाणी की है, जिनकी ज़िंदगी में बुरी आदतें अपना घर बना लेती हैं। जगत गुरु द्वारा बताई गईं, वो 5 आदतें कौन सी हैं, जिन्हें नये साल पर बॉय-बॉय बोलने में ही आपकी भलाई है आईये आपको बताते हैं।

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नये साल से नई ख़ुशियों की उम्मीदें, नये साल से एक नई ऊर्जा की उम्मीद, नये साल से नई ख्वाहिशों की उम्मीद, उम्मीदों का यही पिटारा अब जब खुलेगा, तो कितने ही लोगों की सोयी हुई क़िस्मत को जगा देगा लेकिन जब इन्हीं ख़ुशियों पर नज़र लग जाए, तब आप क्या करेंगे?  दुनिया जहान की ख़ुशियाँ आपको मिल सके, दिन पर दिन आप तरक़्क़ी करे और अपका हर एक सपना साकार हो सके..इसके लिए पहली दफ़ा तुलसीपीठ के पीठाधीश्वर जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने अचूक मंत्र दिये हैं, या फिर यूँ कहे कि ऐसे लोगों के विनाश की भविष्यवाणी की है, जिनकी ज़िंदगी में  बुरी आदतें अपना घर बना लेती हैं।जगत गुरु द्वारा बताई गईं, वो 5 आदतें कौन सी हैं, जिन्हें नये साल पर बॉय-बॉय बोलने में ही आपकी भलाई है। आईये आपको बताते हैं..

जगत गुरु स्वामी राभद्राचार्य अपने आप में एक ऐसी असाधारण शख़्सियत हैं, जो 80 से ऊपर ग्रंथ लिख चुके हैं। 22 भाषाओं का ज्ञान है बतौर कथावाचक दुनिया को आध्यात्म से परिचित करते है जो कि इनके नाम में ही प्रभु राम बसते हैं, जिस कारण प्रतिदिन मन की आँखों से प्रभु के साक्षात दर्शन करते हैं। इनके मुख से निकली प्रत्येक भविष्यवाणी सत्यता की कसौटी पर खरी उतरती है। फिर चाहे मोदी के प्रधानमंत्री बनने की भविष्यवाणी हो या फिर योगी के बैक टू बैक मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी । अब जब नये साल की शुरुआत में कुछ ही दिनों का समय शेष है, ऐसे में जगत गुरु द्वारा बताई कुछ आदतें ऐसे हैं, जो मूलतः व्यक्ति के विनाश का कारण बनता है।


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इस नये साल से अगर आप भी अपनी ज़िंदगी की एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं, तो सबसे पहले ख़ुद में बदलाव कीजिये और ये बदलाव आपकी आदतों से जुड़े हैं। इन्हीं आदतों को लेकर जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने ये बताया है कि  दिखावे की प्रवृति छोड़ देनी चाहिए, ये एक बुरी आदत है, जो व्यक्ति के व्यक्तित्व को हल्का बनाती है। दूसरी बुरी आदत पर जगत गुरु कहते हैं, जो लोग अपने सहायकों के साथ बुरा बर्ताव करते हैं, वो कभी एक अच्छा इंसान नहीं बन पाते और यही चीज उनके विनाश का कारण बनती है। जगतगुरु के अनुसार, तीसरी बुरी आदत है शारीरिक श्रम करनेवालों का मज़ाक़ उड़ाना या नीचा दिखाना, ऐसा करने वाले लोग जिंदगी में कभी तरक़्क़ी नहीं कर पाते हैं। इसी कड़ी में चौथी बुरी आदत है, नशे का सेवन। जगत गुरु का मानना है कि नशा करना एक बुरी आदत है, जो इंसान को मिट्टी में मिला देता है। इसके अलावा बुरी आदतों में जगत गुरु का ये भी कहना है कि हमेशा क्रोधित रहने या शिकायत करना, ऐसी ख़राब आदत है, जिससे ख़ुशियां घर का रास्ता भूल जाती हैं। 

जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य द्नारा बताई गई ये वो आदतें हैं, जिनका जीवित रहने ख़ुद के लिए काल को न्यौता देने के समान है…अगर आप भी इन बुरी आदतों के आदि है, तो इन्हें छोड़ने का नये साल पर एक नया संकल्प लीजिये। 
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