Advertisement
मकर संक्रांति पर उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक, इन पवित्र स्थलों पर स्नान करने का विशेष महत्व, पापों से मुक्ति और मोक्ष की होती प्राप्ति
मकर संक्रांति में स्नान का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. राज्यों की सीमाओं के साथ त्योहार का नाम भले ही अलग हो, लेकिन उसे मनाने का तरीका लगभग एक जैसा है.
Advertisement
14 जनवरी को देश के अलग-अलग हिस्सों में अपनी परंपरा के अनुसार मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाएगा. उत्तर भारत में जहां मकर संक्रांति 1 दिन की होती है, वहीं दक्षिण भारत में पोंगल (मकर संक्रांति) को चार दिनों तक सेलिब्रेट किया जाता है.
मकर संक्रांति में स्नान का विशेष महत्व होता है
राज्यों की सीमाओं के साथ त्योहार का नाम भले ही अलग हो, लेकिन उसे मनाने का तरीका लगभग एक जैसा है. मकर संक्रांति में स्नान का विशेष महत्व होता है. माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
Advertisement
हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी में स्नान करने का विशेष महत्व
Advertisement
उत्तर भारत में मकर संक्रांति के दिन हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी में स्नान करने का विशेष महत्व है. इस दिन हरिद्वार में 'हर की पौड़ी' पर श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ता है और पितृ पक्ष को प्रसन्न करने के लिए विशेष दान किया जाता है. वहीं ऋषिकेश में भी मां गंगा ही पापों से मुक्ति दिलाने में मदद करती है.
संगम में स्नान करने का विशेष महत्व
Advertisement
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और वाराणसी में भी स्नान करने से विशेष लाभ मिलता है. माना जाता है कि मकर संक्रांति को गंगा नदी में स्नान कर सारे पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं. संगम को बेहद पवित्र स्थल माना गया है, क्योंकि संगम में स्नान से एक नहीं, बल्कि तीन पवित्र नदियों का आशीर्वाद मिलता है. हर साल मकर संक्रांति पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं.
कावेरी और गोदावरी नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है
मकर संक्रांति के दिन दक्षिण भारत में कावेरी और गोदावरी नदी के पवित्र स्थानों पर स्नान करने की परंपरा चली आई है. तमिलनाडु, असम और केरल में पवित्र जलाशयों और कावेरी नदी में स्नान करना शुभ माना जाता है. इसके साथ ही स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ होता है. वहीं नासिक में गोदावरी नदी में भक्त आस्था की डुबकी लगाते हैं.
Advertisement
गंगासागर में भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ता है
पश्चिम बंगाल में मकर संक्रांति के दिन गंगासागर में भक्तों का जन सैलाब उमड़ पड़ता है. कहा जाता है "सब तीरथ बार-बार, गंगासागर एक बार.” यहां मकर संक्रांति के मौके पर देश का सबसे बड़ा मेला भी लगता है.
पुष्कर झील और गलता जी में भक्त पवित्र स्नान करते हैं
Advertisement
राजस्थान और मध्यप्रदेश में भी मकर संक्रांति के दिन स्नान और सूर्य उपासना का महत्व होता है. राजस्थान में पुष्कर झील और गलता जी में भक्त पवित्र स्नान करते हैं.
शिप्रा नदी और नर्मदा नदी में स्नान का विशेष महत्व
यह भी पढ़ें
जबकि मध्य प्रदेश में उज्जैन और जबलपुर में शिप्रा नदी और नर्मदा नदी में स्नान का विशेष महत्व होता है. भक्त लाखों की संख्या में घाटों पर पहुंचते हैं.