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अयोध्या राम नवमी पर वो होगा जो बदलेगा इतिहास !

अयोध्या का राम मंदिर एक बार फिर सज चुका है, एक बार फिर करोड़ों भक्तों की भीड़ राम मंदिर पर लगने वाली है। इस बार राम नवमी पर ऐसा होगा जो इतिहास में इससे पहले कभी नहीं हुआ। जी हां, श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद इस बार राम मंदिर भव्य नजारा देखने लायक़ होगा जिसमें लगभग करोड़ों सनातनियों के आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसको लेकर योगी सरकार भी सजग नजर आ रही है।

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भगवान राम को हिन्दू धर्म में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है, हर माता भगवान राम जैसा पुत्र पाना चाहती है, हर पत्नी अपने पति में राम को ढूँढती है क्योंकि भगवान राम ने हमेशा से ही अपने कर्तव्यों का पालन बखूबी किया है। इस कलयुग में भी मर्यादा पुरुषोत्तम की मिशाल दी जाती है। प्रभु राम से जुड़ी राम नवमी समूचे भारत में मनाई जाती है, लेकिन अयोध्या में इसकी रौनक़ अद्भुत देखने को मिलती है। वर्षों के इंतज़ार के बाद अब जब रामलला अयोध्या में पधार चुके हैं। ऐेसे में अब जब मौक़ा राम नवमी का है तो मंदिर की गर्भगृह से एक नया इतिहास रचने जा रहा है। राम नवमी के दिन से रामलला की चौखट से प्रत्येक दिन कुछ ऐसा देखने को मिलेगा, जो इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। 

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ये तो आपको पता ही होगा कि हर साल भारत के कई हिस्सों में राम नवमी का उत्सव बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है, रामायण के पात्रों को दिखाते हुए जुलूस निकाले जाते हैं, जगह-जगह भव्य मेलों का आयोजन होता है, ये राम नवमी सिर्फ़ उत्सव नहीं बल्कि राम भक्तों के लिए एक विशेष दिन होता है जब सभी राम भक्त राम के नारे लगाते हुए जुलूस में शामिल होते हैं और अयोध्या में हर साल राम नवमी के शुभ अवसर पर भगवान राम को सुंदर आभूषणों से सजाया जाता है, मंदिर में भव्य पूजन किया जाता है, और ये नजारा सच में देखने लायक़ होता है। लेकिन इस बार राम नवमी के शुभ अवसर से रोज़ाना रामलला का पूरे 4 मिनट तक ख़ुद सूर्य देव तिलक करेंगे। जी हां, अब राम नवमी से हर सुबह सूर्य की किरणों से 240 सेकंड तक भगवान राम का तिलक होगा । जिस प्रकार उड़ीसा का कोणार्क मंदिर सूर्य के किरणों से रोज़ाना रोशन होता है, ठीक उसी तर्ज़ पर अब प्रत्येक दिन रामलला का सूर्य तिलक होता प्रत्येक राम भक्त देखेगा। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि मंदिर की गर्भगृह को इस प्रकार से डिज़ाइन किया गया कि सूर्य की पहली किरण गर्भगृह से होकर रामलला के ललाट को छू सके। बहरहाल भगवान सूर्य को समर्पित कोणार्क मंदिर भारत के प्राचीन मंदिरों में से एक ऐसा मंदिर है, जो 12 चक्रों वाली रथ के पहियों के साथ सात घोड़ों से सजा है। मान्यता अनुसार भगवान सूर्य के रथ में भी 12 पहिये और 7 घोड़े हैं। मंदिर के 12 चक्र साल के बारह महीनों को दर्शाते हैं और उसके अंदर लगी 8 तीलियां दिन के 8 पहरों को दर्शाती हैं। बिना किसी घड़ी के  इस मंदिर में सूर्य की किरण को देख समय का पता लगाया जा सकता है, और इसी मंदिर से प्रेरित होकर राम मंदिर की गर्भगृह बनाई गई ताकि रामलला का दरबार सूर्य की रोशनी से प्रकाशित हो सके। 

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अब बात करें, राम नवमी की तैयारियों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 21मार्च पहुंचे और सबसे पहले हनुमान गढ़ी में संकट मोचन के चरणों में नतमस्तक हुए। सभी साधु-संतों से मुलाक़ात कर उन्होंने श्रीराम के चरणों में अपनी हाजिरी लगाई। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने राम नवमी की तैयारियों को लेकर अफ़सरों से मुलाक़ात की और आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने क्या कुछ कहा, आइये वो भी आपको बताते हैं। सीएम योगी ने कहा, "जिसने राम पर लिखा है, वह महान हुआ है। इस धरती पर लिखने के लिए कोई महा मानव है तो वह है प्रभु राम। प्रभु राम पर लिखोगे तो लेखनी धन्य हो जाएगी।" इसके बाद मुख्यमंत्री योगी ने यह भी कहा कि "अयोध्या तो अब त्रेता युग का एहसास करा रही है, और आप 1-2 साल में देखिएगा, ये पूरा परिसर जब अपने भव्य रूप में आएगा तो दुनिया में अयोध्या धाम विकसित होगा। अयोध्या भारत के सनातन धर्म की आधार भूमि है!" 

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देखा जाए, तो महाकुंभ और होली के बाद अब हर जगह राम भक्त देखने को मिल रहे हैं। राम नवमी को लेकर योगी बाबा एक्शन मोड़ में है इसके पीछे का कारण है 1 करोड़ से ज़्यादा राम भक्तों का अयोध्या पहुँचने की उम्मीद। जिसके चलते भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन अलर्ट है।अब जो कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की ये दूसरी राम नवमी है, जिस कारण 280 सैकेंड तक प्रभु राम का सूर्य तिलक देखने की चाह राम भक्तों को अभी से अयोध्या खींच रही हैं। 

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