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महाकुंभ को लेकर निश्चलानंद सरस्वती ने मोदी-योगी पर कही बड़ी बात
हैरानी ये सोचकर होती है कि कैसे इतनी बड़ी आबादी संगम नगरी में पहुँच गई और संगम में डुबकी लगाकर भी चली गई। इसका जवाब किसी और ने नहीं, बल्कि पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज जी ने दिया है।मोदी-योगी पर ज़ुबानी कटाक्ष करने वाले स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने अबकी बार डबल इंजन सरकार की जमकर तारीख़ की है। महाकुंभ को लेकर पहली दफ़ा योगी पर सांकेतिक भविष्यवाणी की है।
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सनातन परंपरा का महोत्सव, मानवता का जमावड़ा, आस्था का सबसे बड़ा मेला, इस महाशिवरात्रि के मौक़े पर समाप्त हो चुका है। 13 जनवरी से संगम नगरी में लगा सनातन का सबसे बड़ा ग्लोबल इवेंट अब ख़त्म हो चुका है। नागा-अघोरी और देश का संत समाज अपने-अपने घर लौट आया है। सनातनियों की भीड़ भी ग़ायब हो चुकी है लेकिन महाकुंभ की चर्चा विश्व भर में बनी हुई है। मेले के आख़िरी दिन श्रद्धालु बड़ी संख्या में संगम नगरी पहुंचकर पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाने की कोशिश करते दिख रहे, जिसके चलते 60 करोड़ से भी ऊपर श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। मतलब ये कि देश की आधी आबादी से भी ज़्यादा लोग संगम नगरी में आकर त्रिवेणी में स्नान किये। आकड़ा वाकई में चौंकाने वाला है, हैरानी ये सोचकर होती है कि कैसे इतनी बड़ी आबादी संगम नगरी में पहुँच गई और संगम में डुबकी लगाकर भी चली गई। इसका जवाब किसी और ने नहीं, बल्कि पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाराज जी ने दिया है। मोदी-योगी पर ज़ुबानी कटाक्ष करने वाले स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने अबकी बार डबल इंजन सरकार की जमकर तारीख़ की है। महाकुंभ को लेकर पहली दफ़ा योगी पर सांकेतिक भविष्यवाणी की है।
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45 दिनों तक चले महाकुंभ में पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती महाराज शामिल हुए। डे वन से लेकर एंड तक, उन्होंने मेले की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। शिविर में पधारे सनातनियों से सरकार का फ़ीडबैक लिया। समय-समय पर योगी सरकार पर कटाक्ष भी किया। मोदी-योगी की मिली भगत बताई, खुलकर कहा था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बटोगे तो कटोगे और नरेन्द्र मोदी कहते हैं सबका विकास। हिन्दूओं का वोट नहीं कटे इसलिए एक हिन्दू का पक्षधर हो जाता है। दोनों की मिली भगत है। जेसे मोदी हैं वैसे ही योगी हैं।
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महाकुंभ के बीच शंकराचार्य ने हिंदू राष्ट्र को मुमकिन बताया, अपने अनुभव को साझा करते हुए ये कहा था कि जब हम पुरी में अपने कमरे में गए तो वहां एक दीवार पर मां भगवती का एक रूप है। जैसे ही हमने देखा तो हमारे मुख से तीन बार हिन्दू राष्ट्र, हिन्दू राष्ट्र, हिन्दू राष्ट्र शब्द निकल गए। जब मां भगवती ने बुलवाया है, तो हिन्दू राष्ट्र बनेगा ही।महाकुंभ ख़त्म हो चुका है, लेकिन विरोधियों का मोदी-योगी को कोसना बंद नहीं हुआ है। यही कारण है कि समूचे महाकुंभ को लेकर स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का अंतिम फ़ीडबैक दिया है। इस बार शंकराचार्य डबल इंजन की तारीफ करते हुए दिखे महाकुंभ आई देश की आधी से ज़्यादा आबादी पर उन्होंने ये कहा यह केंद्र और प्रदेश सरकार की प्रबल इच्छाशक्ति, वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार, यातायात की पर्याप्त सुविधा और संतों के सहयोग का सुखद परिणाम है। शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि दोनों सरकारों ने महाकुंभ मेला के आयोजन में कोई कोताही नहीं बरती। महाकुंभ मेले के आयोजन में कोई उपेक्षा नहीं बरती गई।
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शंकराचार्य का ये बयान इस बात को दर्शाता है कि महाकुंभ में योगी सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं से संत समाज संतुष्ट है। शंकराचार्य ने ये माना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में अच्छा तालमेल है। जिसके परिणाम वश सफल महाकुंभ का आयोजन हुआ है। ऐसे में ये कहना ग़लत नहीं होगा कि देर से ही सही, लेकिन महाकुंभ को लेकर योगी की ढाल बने शंकराचार्य ने विरोधियों को मुंहतोड़ जवाब दिया है।