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75 देशों में बजा महाकुंभ का डंका, चमक उठे योगी बाबा

योगी के आगे 75 देशों ने लगाई दौड़, विदेशी ज़मीन पर महाकुंभ का बजा डंका ,.संगम नगरी में अघोरी-सन्यासियों का मेला ।देखिये सिर्फ़ धर्म ज्ञान पर ।

75 देशों में बजा महाकुंभ का डंका, चमक उठे योगी बाबा
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अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक, फ़्रांस से लेकर इंग्लैंड तक, 56 मुस्लिम देशों को छोड़ दिया जाए, तो इस वक्त 75 देश ऐसे हैं, जहां महाकुंभ का डंका बज रहा है। इसका कारण यह है कि 12 साल बाद संगम नगरी प्रयागराज में नव्य, भव्य और दिव्य महाकुंभ होने जा रहा है। महाकुंभ की इस विराट पिक्चर में योगी बाबा ऐसे-ऐसे कारनामे कर रहे हैं, जिन्हें देखने की चाह में 75 देशों ने अभी से दौड़ना शुरू कर दिया है। विदेशी सरज़मीन पर महाकुंभ को मिल रहे हिट्स ने योगी बाबा को चमका दिया है।

गंगा-यमुना-सरस्वती के मिलन का केंद्र, अमृत की धरती, नागा-अघोरियों की तपोस्थली और करोड़ों सनातनियों की आस्था का केंद्र, तीर्थ नगरी प्रयागराज इन दिनों महाकुंभ की तैयारियों को लेकर गुलज़ार है। 12 साल बाद सनातन परंपराओं को दिखाने और बताने का समय आया है, और इस कारण तैयारियों में योगी बाबा ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है।

इस बार की भव्यता ऐसी है कि 5 एकड़ में महाकुंभ नाम का गाँव बसाया गया है। 30 भव्य प्रवेश द्वार हैं, ड्रोन कैमरे से हर एक गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है। मेडिकल से लेकर फ़ायर ब्रिगेड और सुरक्षा की ए-वन सुविधाएँ दी जा रही हैं। काशी के फूलों से अबकी बार का महाकुंभ महकेगा। फूलों की सजावट से प्रयागराज को खूबसूरत बनाया जा रहा है।

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और सबसे खास बात यह है कि अभी से विदेशी धरती पर महाकुंभ का प्रचार-प्रसार शुरू हो चुका है। 75 देशों से करीब 25 करोड़ लोग इस महाकुंभ में पहुँच रहे हैं। पिछले दिनों निरंजनी पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशा गिरि महाराज ने मलेशिया के प्रधानमंत्री को इस महाकुंभ में आने का न्यौता दिया। 194 देशों के दूतावासों को महाकुंभ का लोगो भेजा गया है।

गौर करने वाली बात यह है कि इस महाकुंभ में दुनिया की दिलचस्पी ऐसी है कि महाकुंभ की वेबसाइट पर विदेशी हिट्स मिल रहे हैं। ब्राज़ील, ऑस्ट्रेलिया, फ़्रांस या फिर जर्मनी, इन विदेशी ज़मीन से न सिर्फ़ हिट्स आ रहे हैं, बल्कि जमकर महाकुंभ से जुड़ी ऐप्स भी डाउनलोड की जा रही हैं।यह बात जग ज़ाहिर है कि हर 12 साल बाद महाकुंभ में पहुँचने वाले सन्यासी, चाहे वो अघोरी हों या नागा सन्यासी, दुनिया के कोने-कोने से आते हैं। अबकी बार के महाकुंभ को एक नया रंग देने के लिए स्पेशल सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होंगी। समूची प्रयाग नगरी आध्यात्म में डूबी होगी। यहाँ की मिट्टी में आध्यात्म की शक्ति की अनुभूति होगी।

हाईटेक इंफ्रास्ट्रक्चर, कड़ी सुरक्षा और शाही स्नान में उमड़ने वाली भीड़—हर एक व्यवस्था पर अभी से योगी बाबा अपनी पेनी नज़र बनाए हुए हैं। संगम नगरी की यही पिक्चर ये दर्शाने के लिए काफी है कि प्रयागराज की ओर 75 देशों ने दौड़ना शुरू कर दिया है।

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