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खेड़ापति हनुमान मंदिर: भोपाल के इस मंदिर में शिला पर लिखी जाती है मनोकामना, खुद हनुमान आकर मन्नत करते हैं पूरी

मध्य प्रदेश के भोपाल न्यू मार्केट में बना खेड़ापति हनुमान मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है. अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए भक्त दूर-दूर से बालाजी के दर्शन करने के लिए आते हैं. मंदिर अपनी एक शिला के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है. माना जाता है कि मंदिर में मौजूद एक शिला भक्तों की मनोकामना को पूरी करती है.

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बल, बुद्धि और शक्ति के देवता भगवान हनुमान को माना जाता है. अपने आराध्य के प्रति भक्ति कैसे की जाती है. इसका उदाहरण विश्व के सामने भगवान हनुमान ने ही दिया है और उनकी इन्हीं महानताओं ने उन्हें बाकी देवी-देवताओं से अलग बनाया है. भगवान हनुमान के भक्त उनके दर्शन करने के लिए देश के अलग-अलग मंदिर में जाते हैं लेकिन भोपाल में बना हनुमान जी का मंदिर सबसे खास है, जहां हर हनुमान भक्त को एक बार अर्जी लगाने के लिए तो जरूर आना चाहिए. 

मंदिर की एक शिला भक्तों की मनोकामना को पूरी करती 

मध्य प्रदेश के भोपाल न्यू मार्केट में बना खेड़ापति हनुमान मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है.  अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए भक्त दूर-दूर से बालाजी के दर्शन करने के लिए आते हैं. मंदिर अपनी एक शिला के लिए सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है. माना जाता है कि मंदिर में मौजूद एक शिला भक्तों की मनोकामना को पूरी करती है.  

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शिला मंदिर के ग्राउंड फ्लोर पर है, और भक्त शिला पर अपनी मनोकामना को लिखते हैं और पूरी होने पर खास आयोजन करते हैं. भक्तों का मानना है कि शिला पर लिखी हर मनोकामना खुद भगवान हनुमान आकर पूरी करते हैं. मनोकामना पूरी होने पर भक्त हनुमान बाबा को नारियल और लाल चोला अर्पित करते हैं. 

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बड़े राजनेता और मंत्री भी इस मंदिर में आते हैं

खेड़ापति हनुमान मंदिर सिर्फ आम जनों के लिए ही नहीं बल्कि राजनीतिक हस्तियों के लिए भी आस्था का केंद्र है. बड़े राजनेता और मंत्री अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए इसी मंदिर में आते हैं. 

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तीन मंजिला इमारत में बना है हनुमान बाबा का दरबार 

खेड़ापति हनुमान बाबा का दरबार तीन मंजिला इमारत में बना है, जहां ग्राउंड फ्लोर पर भगवान हनुमान को विराजमान किया गया है और मनोकामना शिला भी विराजमाना है, जबकि दूसरे फ्लोर पर भगवान श्रीराम और माता सीता को स्थापित किया गया है. अब जहां भगवान राम और मां सीता स्वयं हैं, वहां हनुमान भी होंगे ही. तीसरे फ्लोर पर मां भवानी को स्थान दिया गया है. मंदिर की बनावट और दीवारों पर देवताओं की सुंदर चित्रकारी की गई है और भक्तों की सुविधा के लिए कोरिडोर बनाने की व्यवस्था की जा रही है. 

21 एकड़ में बनाया जा रहा कोरिडोर 

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साल 2023 से मंदिर को भव्य बनाने के लिए खेड़ापति कोरिडोर बनाने की बात कही गई थी और बीते साल 2024 से कोरिडोर बनना भी शुरू हो चुका है.  खेड़ापति कोरिडोर 21 एकड़ में बनाया जा रहा है जिसमें 100 करोड़ का खर्च आएगा. मंदिर का सौंदर्यकरण करने के लिए वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर फ्लाइओवर और नई चौड़ी सड़कें बनाने का काम जारी है.

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