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Karwa Chauth 2025: पति की लंबी उम्र के लिए ये शुभ मुहूर्त है बेहद खास, जानें पूजा विधि और जरूरी नियम
करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण व्रत है, ये पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है. इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना और चंद्रमा की पूजा करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसलिए सही शुभ मुहूर्त और नियमों का पालन करना बेहद जरुरी है. पूरी जानकारी के लिए आगे पढ़ें…
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शुक्रवार को करवाचौथ का त्योहार मनाया जाएगा. इस दौरान सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत करती हैं. विधि-विधान से पूजा अर्चना कर अपने सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं. ऐसे में इस दौरान करवा चौथ में पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है? चांद्रोदय का समय क्या है? किस विधि से पूजा करनी चाहिए? किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए जानते हैं...
करवा चौथ में पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है?
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इस बार करवा चौथ में पूजन का शुभ मुहूर्त 05 बजकर 55 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 09 मिनट तक रहने वाला है. इस दौरान आप पूजन कर सकते हैं.
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करवा चौथ में पूजा किस विधि से करें?
सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का पूजन बेहद ही खास है. इसके लिए आपको शिव परिवार की पूजा करनी होगी. करवा चौथ की शाम को लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं, इस चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय, गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर दें. लोटे में जल भरकर उसके ऊपर पूजा वाला नारियल रखकर कलावा बांध दें. इसके बाद धूप, दीप, अक्षत व फूल चढ़ाकर भगवान का पूजन करें, पूजा के दौरान भक्तिपूर्वक हाथ में गेहूं के दाने लेकर चौथमाता की कथा पढ़ें या सुनें. फिर रात में चांद्रोदय होने पर चंद्रदेव को अर्ध्य देकर बड़ों का आशीर्वाद लेते हुए व्रत को समाप्त करें.
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करवा चौथ में उपयोग होने वाली पूजन सामग्री
करवा चौथ में देसी घी, पान, सींक, कलश, हल्दी-रोली, मौली, मिठाई, छन्नी, लोटा, चावल, दान की सामग्री, अक्षत, चंदन, फल, पीली मिट्टी, फूल, दीया, धूप, शिव परिवार की तस्वीर, ठक्कन और करवा चौथ कथा की किताब जरूर लेकर बैठें.
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करवा चौथ व्रत के जरूरी नियम जान लें
- करवा चौथ का व्रत रखने से पहले आपको सरगी ग्रहण करना जरूरी है.
- व्रत के दौरान काले और सफेद रंग के कपड़ों से दूरी बनाकर रखें.
- करवा चौथ की कथा के दौरान दोनों हाथों को जोड़कर ध्यान से यह कथा सुनें.
- चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत का पारण करें.
- सुबह और शाम दोनों ही समय पूजा करें.
- व्रत के दौरान या फिर पूजन के बाद सुहागिनों को अपनी इच्छा के अनुसार चीजों का दान करें.
- करवा चौथ के बाद अपने बड़ों का आशीर्वाद जरूर लें.
- ध्यान रखें कि व्रत के दौरान किसी व्यक्ति के लिए बुरा न बोलें और न ही बुरा सोचें.