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भूकंप के बाद सत्य सिद्ध होती जापानी बाबा वेंगा की सुनामी वाली भविष्यवाणी

सुनामी की दहशत में न्यूक्लियर प्लांट खाली कराए जा चुके हैं. 20 लाख जापानी खुद का घर छोड़ने पर मजबूर हैं. भूकंप से उत्पन्न हुई सुनामी मौत बनकर तांडव करने लगी है. हालात इतने गंभीर हैं कि 14 साल बाद सत्यता की कसौटी पर जापानी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी मौत का एक नया इतिहास लिखने जा रही है.

भूकंप के बाद सत्य सिद्ध होती जापानी बाबा वेंगा की सुनामी वाली भविष्यवाणी
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रूसी धरती पर भूकंप ने जो तबाही मचाई, उसे पूरी दुनिया ने देखा. और अब सुनामी के साए में जापान है. एक बार फिर जापानी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी मौत बनकर लौटी है. सुनामी की दहशत में न्यूक्लियर प्लांट ख़ाली कराए जा चुके हैं, 20 लाख जापानी अपना घर छोड़ने पर मजबूर हैं. भूकंप से उत्पन्न हुई सुनामी मौत बनकर तांडव करने लगी है. हालात इतने गंभीर हैं कि 14 साल बाद, सत्यता की कसौटी पर जापानी बाबा वेंगा की भविष्यवाणी मौत का एक नया इतिहास लिखने जा रही है.

14 साल पुरानी तबाही के निशान आज भी जापान में दिखते हैं. क्योंकि 2011 में आए भूकंप के बाद सुनामी ने मौत का जो तांडव मचाया, उसमें 20 हज़ार ज़िंदगियाँ स्वाहा हो गईं. 11 मार्च 2011 की भयावह तस्वीर को भुला पाना मुश्किल है. क्योंकि 9.0 से 9.1 तीव्रता के भूकंप से उठी सुनामी ने जापान के आधे हिस्से को ख़त्म कर दिया था. 40.5 मीटर तक उठी सुनामी की लहरों ने फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में रिसाव किया और हज़ारों ज़िंदगियाँ मौत के मुँह में चली गईं. एक बार फिर 14 साल पुराने डरावने हालात लौटते दिख रहे हैं. क्योंकि 73 साल बाद रूस के सुदूर कामचटका में अब तक का दूसरा सबसे शक्तिशाली भूकंप आया है. 30 जुलाई की सुबह रूस में मौत का मंजर उस वक्त देखने को मिला, जब रिक्टर स्केल पर 8.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया. भूकंप के इन तेज़ झटकों से रूस, जापान और अमेरिका समेत कई प्रशांत तटीय देशों में सुनामी का हाई अलर्ट जारी है. आलम यह है कि जापान तक सुनामी की लहरें पहुँच चुकी हैं. जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी का कहना है कि 2 फीट ऊँची सुनामी की पहली लहर होक्काइडो के पूर्वी तट पर स्थित नेमुरो तक पहुंच चुकी है और अब ये लहरें टोक्यो खाड़ी की ओर दक्षिण में बढ़ रही हैं. मतलब ये कि पूरा जापान सुनामी की दहलीज़ पर खड़ा है. इसी के साथ ना सिर्फ जापान, बल्कि पूरी दुनिया को जापानी बाबा वेंगा कही जाने वाली रियो तात्सुवी की वह भविष्यवाणी याद आने लगी है. कौन हैं ये जापानी बाबा वेंगा, जिनकी भविष्यवाणियाँ बार-बार मौत बनकर लौटती हैं? आइए जानते हैं.

रयो तातसुकी पेशे से एक कलाकार हैं. लेकिन जब भविष्य को लेकर उनकी भविष्यवाणियों ने सत्यता की चादर ओढ़ी, तो लोगों ने उन्हें जापानी बाबा वेंगा कहना शुरू कर दिया. 2025 की शुरुआत में ही रयो तातसुकी ने समुद्र में बड़ी हलचल होने और भारी आपदा की भविष्यवाणी की थी. उनकी लिखी किताब The Future I Saw साल 1999 में पब्लिश हुई थी. इसी किताब में उन्होंने दावा किया कि 5 जुलाई को जापान में एक तबाही वाली घटना होगी. हालांकि इसके पीछे वे अपना सपना बताती हैं, जिसमें उन्होंने उबलते हुए समुद्र को, उठते हुए बुलबुले को और 2011 की सुनामी से भी भयंकर तबाही को मन ही मन महसूस किया. उनकी इस भविष्यवाणी को उस समय नज़रअंदाज़ कर दिया गया जब 5 जुलाई को कुछ भी ऐसा नहीं हुआ जैसा उन्होंने दावा किया था. 5 जुलाई के दिन ना तो भूकंप आया, ना ही सुनामी जैसा कोई खतरा दिखा और ना ही किसी ज्वालामुखी में विस्फोट हुआ. हालांकि इसके ठीक 25 दिन बाद, जब भूकंप के तेज़ झटकों से रूस में तबाही मची, तो हर किसी को जापानी बाबा वेंगा की वही सुनामी वाली भविष्यवाणी याद आने लगी.

आज के हालात ऐसे हैं कि सुनामी की लहरें फुकुशिमा न्यूक्लियर प्लांट तक पहुंच गई हैं. प्लांट के कर्मचारियों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है. राहत और बचाव की टीमें भी अलर्ट पर हैं. नागरिकों से तटों से दूर रहने की एडवाइजरी जारी कर दी गई है. हालांकि अभी तक जान-माल के किसी नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन सुनामी तबाही छोड़कर जाएगी, इसका खौफ अब भी जापान में बना हुआ है.

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