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जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने बताया भारत कब और कैसे बनेगा हिंदू राष्ट्र ?

आज हम बात कर रहे हैं तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी की. एक ऐसा करिश्माई व्यक्तित्व, जिसके ज्ञान के आगे दुनिया नतमस्तक है और आज इसी ज्ञान के बल पर हिंदू राष्ट्र बनाने का मंत्र उन्होंने आम जनमानस को दे दिया है. भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का ख़्वाब कब और कैसे पूरा होगा, इसको लेकर जगद्गुरु की कभी ना भुलाने वाली भविष्यवाणी क्या कहती है. देखिए हमारी इस रिपोर्ट में.

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संत समाज से आने वाली एक शख़्सियत ऐसी है, जिनके मुख से निकली हर एक बात चर्चा का विषय बन जाती है. जिनके नाम में प्रभु राम बसते हैं, वो PoK में भव्य राम मंदिर बनाने का ख़्वाब देखते हैं. राजनीति से दूर रहते हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक भविष्यवाणियाँ उन्हें राजनीति में ले आती हैं. जिन्हें पीएम मोदी पूजते हैं, लेकिन वो ख़ुद को पीएम मोदी का मित्र बताते हैं. हम बात कर रहे हैं तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी की. एक ऐसा करिश्माई व्यक्तित्व, जिसके ज्ञान के आगे दुनिया नतमस्तक है और आज इसी ज्ञान के बल पर हिंदू राष्ट्र बनाने का मंत्र उन्होंने आम जनमानस को दे दिया है. भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का ख़्वाब कब और कैसे पूरा होगा, इसको लेकर जगद्गुरु की कभी ना भुलाने वाली भविष्यवाणी क्या कहती है. देखिए हमारी इस रिपोर्ट में.

75 की उम्र तक आते-आते स्वामी रामभद्राचार्य ने इस समाज के लिए, ज़रूरतमंदों के लिए और दिव्यांग लोगों के लिए ऐसे-ऐसे असाधारण कार्य किए हैं, जिनके चलते भारत सरकार द्वारा उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है. चित्रकूट में स्थापित तुलसी पीठ नामक धार्मिक और सामाजिक सेवा संस्थान के वे संस्थापक हैं. वे उन लोगों के लिए एक मिसाल हैं, जो कठिनाइयों में हार मान जाते हैं. आपको ये जानकर ताज्जुब होगा कि बग़ैर आँखों की रोशनी के, वे आज 22 भाषाओं के ज्ञाता हैं, 100 से ज़्यादा ग्रंथों के रचनाकार हैं. और तो और, बतौर कथावाचक इस दुनिया को आध्यात्म से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं. सियासी गलियारों से लेकर संत समाज तक, जगद्गुरु रामभद्राचार्य की पकड़ कितनी मज़बूत है, इसका अंदाज़ा इसी से लगाइए कि जब पहली बार बतौर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शपथ ली, उस समारोह में स्वामी रामभद्राचार्य की उपस्थिति दर्ज थी. बीते साल जगद्गुरु के किताब विमोचन कार्यक्रम में पीएम मोदी चित्रकूट पहुँचे थे. आज भी जब देश के प्रधानमंत्री या फिर यूपी के मुख्यमंत्री चित्रकूट का दौरा करते हैं, तो जगद्गुरु के दर्शन करने, उनके निवास स्थान ज़रूर जाते हैं. पीएम मोदी और जगद्गुरु के बीच अगर दोस्ती का भाव है, तो महंत से मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ के लिए जगद्गुरु गुरु के समान हैं.

आज की परिस्थितियों को देखते हुए जगद्गुरु इस बात की भविष्यवाणी डंके की चोट पर करते हैं कि दो सालों के भीतर, यानी 730 दिनों में, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की वापसी होनी है और इसी वापसी के साथ ही PoK में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण होगा, जहां जाकर वे ख़ुद रामकथा सुनाएँगे. इन सबके बीच भारत को हिंदू राष्ट्र कब और कैसे बनाया जाए, इसका भी उन्होंने फ़ाइनल उपाय बता दिया है.

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21वीं सदी हिंदुओं की होगी,  यह भविष्यवाणी करने वाले स्वामी रामभद्राचार्य ने भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का रास्ता दिखा दिया है. लेकिन क्या उस रास्ते पर पीएम मोदी चलेंगे, जो ख़ुद जनसंख्या नियंत्रण बिल की पैरवी करते हैं? 'जनसंख्या विस्फोट' जैसे शब्द का इस्तेमाल कर पीएम मोदी देश की बढ़ती आबादी पर चिंता ज़ाहिर कर चुके हैं. वे ये मानते हैं कि अगर देश की जनसंख्या को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौतियाँ खड़ी कर सकती है.

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लेकिन सवाल उठता है कि इस बढ़ती जनसंख्या का ज़िम्मेदार किसे मानें? क्योंकि जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य हिंदुओं को ज़्यादा बच्चे पैदा करने की नसीहत दे रहे हैं. हिंदू राष्ट्र के लिए क्या हिंदू परिवारों का तीन-तीन बच्चे पैदा करना ज़रूरी है? इस पर आप अपनी राय ज़रूर दीजिए. लेकिन हिंदू राष्ट्र को लेकर जगद्गुरु ने जो मंत्र दिया है, उसे ज़रूर जान लीजिए.

21वीं सदी हिंदुओं की है. भारत हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा. जातिवाद को भूलकर हिंदू एक हों. तीन बच्चे उत्पन्न करें. जब देश की 80 प्रतिशत आबादी हिंदू हो जाएगी, तो भारत हिंदू राष्ट्र हो जाएगा. जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य के इस बयान से ये साफ़ हो जाता है कि उनके मुताबिक़ हिंदू राष्ट्र तभी मुमकिन है, जब हिंदू तीन-तीन बच्चे करें. लेकिन क्या ऐसा मुमकिन है?

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