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जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सेना प्रमुख से मांगी ऐसी दक्षिणा, पाकिस्तान में मचेगा तहलका!

थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और उनकी पत्नी ने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से गुरु दिक्षा ली लेकिन जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने गुरु दक्षिणा में एक ऐसी चीज़ मांग ली जिसे सुनकर हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से उंचा हो जाएगा. स्वामी रामभद्राचार्य ने ख़ुद बताया कि उन्होंने सेना प्रमुख से पीओके की मांग कर दी.

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जगद्गुरु रामभद्राचार्य एक ऐसा नाम, जिनकी विद्वता, भक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण ने उन्हें आधुनिक भारत के संत समुदाय में एक विशेष स्थान दिलाया है. अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से लेकर सामाजिक उत्थान तक, उनकी भूमिका अविस्मरणीय रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई मंचों से रामभद्राचार्य जी महाराज के योगदान की सराहना कर चुके हैं. वहीं जब भी रामभक्ति, राष्ट्रनिष्ठा और संस्कृति की बात होती है तो रामभद्राचार्य जी का नाम श्रद्धा से लिया जाता है. और अब, उन्हीं के पावन आश्रम श्री तुलसीपीठ, चित्रकूट पहुँचे भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी. लेकिन उनकी ये यात्रा यह यात्रा सिर्फ एक औपचारिक भेंट नहीं, बल्कि सैन्य और आध्यात्मिक मूल्यों के संगम का प्रतीक बन गया है.

*जनरल द्विवेदी का आश्रम में आगमन
*रामभद्राचार्य जी महाराज से मुलाकात
*पूजन, सत्संग, और धर्मचर्चा की झलकियाँ
*रामभद्राचार्य ने कर दी सेना प्रमुख से बड़ी माँग

थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भगवान राम की तपोभूम चित्रकुट पहुंचे. यहां उन्होंने तुलसीपीठ पहुंचकर काँच मंदिर में पूजा अर्चना की. लेकिन सेना प्रमुख का ये दौरा काफी चर्चाओं में बना हुआ है. इसका कारण है जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से उनकी मुलाक़ात. क्योंकि इस मुलाक़ात में  स्वामी रामभद्राचार्य ने एक ऐसी माँग कर दी जिसे सुन हर कोई हैरान है. दरअसल, थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और उनकी पत्नी ने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य से गुरु दिक्षा ली लेकिन जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने गुरु दक्षिणा में एक ऐसी चीज़ मांग ली जिसे सुनकर हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से उंचा हो जाएगा. स्वामी रामभद्राचार्य ने ख़ुद बताया कि उन्होंने सेना प्रमुख से पीओके की मांग कर दी. 

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जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मुझसे राम मंत्र की दीक्षा ली. मैंने उन्हें उसी राम मंत्र की दीक्षा दी, जो मां सीता ने भगवान हनुमान को दी थी,जिसके बाद उन्होंने लंका पर विजय प्राप्त की थी. मैंने उनसे दक्षिणा मांगी है कि, मुझे पीओके चाहिए. मैंने उनसे पीओके की दक्षिणा मांगी जो पाक अधिकृत है और हमें मिलना चाहिए. जिसके जवाब में सेना प्रमुख ने कहा है कि निश्चित रूप से यह दक्षिणा मुझे मिलेगी. तुलसी पीठ आवास में जगद्गुरु ने अबने बयान में कहा कि सेना प्रमुख का सम्मान करने में उन्हें  बहुत गौरव महसूस हुआ है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के तरफ़ से अगर कोई आतंकवादी वारदात होगी तो उसे मिटा दिया जाएगा. क्योंकि उन्होंने सेना अध्यक्ष को उसी मंत्र की दिक्षा दी है जो मंत्र सीताजी ने हनुमानजी को लंका विजय के लिए दिया था. 

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बता दें कि ये कोई पहला मामला नहीं है जब रामभद्राचार्यजी ने पीओके पर अपनी आवाज़ बुलंद की हो. अलग-अलग मंचों से उन्हों हमेंशा पाकिस्तान के ख़िलाफ़ हुंकार भरी है और विश्वास जताया है कि जल्द पीओके हमारा होगा.  इससे पहले भी उन्हों कहा था कि हमने राम मंदिर बनने की बात कही थी तो राम मंदीर बना अब पीओके भी हमारा होगा. अपनी आवाज़ को मुखर करते हुए स्वामी जी ने  कहा सेना की अनुशासन और आश्रम की साधना—जब दोनों मिलें, तो एक नया सामाजिक संदेश जन्म लेता है. जनरल उपेंद्र द्विवेदी की यह यात्रा यह दर्शाती है कि राष्ट्र की रक्षा सिर्फ सीमाओं पर ही नहीं, संस्कृति की रक्षा से भी होती है. और स्वामी रामभद्राचार्य जी की ये माँग कब और कैसे पूरी होगी इसका इंतज़ार केवल रामभद्राचार्य जी को नहीं करोड़ों हिंदुस्तानियों को भी है.

 

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