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क्या पीएम मोदी की कुंडली में लिखा है राष्ट्रपति बनना? जानिए स्वामी योगेश्वरानंद गिरी जी की भविष्यवाणी

पीएम मोदी की 54 वर्षों की राजनीतिक तपस्या कहें या फिर समाज सेवा के प्रति उनकी ईमानदारी, सच तो यही है कि मोदी नाम अपने आप में 140 करोड़ भारतीयों का स्वाभिमान बन चुका है. तभी तो देश के इसी प्रधानमंत्री में भविष्य का राष्ट्रपति अभी से देखा जाना शुरु हो चुका है. लेकिन क्या मोदी जी प्रधानमंत्री से राष्ट्रपति बनकर भारत में एक नया इतिहास रच पाएँगे ?इसी को लेकर क्या कहती है स्वामी यो की ऐतिहासिक भविष्यवाणी, इस पर देखिये धर्म ज्ञान की ये स्पेशल रिपोर्ट.

क्या पीएम मोदी की कुंडली में लिखा है राष्ट्रपति बनना? जानिए स्वामी योगेश्वरानंद गिरी जी की भविष्यवाणी
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आज का भारत अब पहले जैसा नहीं रहा, और इसके पीछे एक ही कारण है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. इन दिनों देश के भीतर और देश के बाहर, चारों ओर मोदी की जय-जयकार हो रही है. आप इसे पीएम मोदी की 54 वर्षों की राजनीतिक तपस्या कहें या फिर समाज सेवा के प्रति उनकी ईमानदारी, सच यही है कि ‘मोदी’ नाम आज 140 करोड़ भारतीयों का स्वाभिमान बन चुका है. इसीलिए देश के इसी प्रधानमंत्री में अब भविष्य का राष्ट्रपति भी देखा जाने लगा है. लेकिन सवाल यह है  क्या मोदी जी प्रधानमंत्री से राष्ट्रपति बनकर भारत में एक नया इतिहास रच पाएंगे? इसी सवाल को लेकर सामने आई है स्वामी यो की ऐतिहासिक भविष्यवाणी. देखिए ‘धर्म ज्ञान’ की यह स्पेशल रिपोर्ट.

क्या आप जानते हैं कि 'मोदी' नाम का डंका अब विपक्षी खेमे में भी बज रहा है? जिन चेहरों को कभी मोदी विरोधी माना जाता था, आज वही चेहरे उनकी ढाल बनकर खुलकर तारीफ कर रहे हैं. कट्टर कांग्रेसी माने जाने वाले शशि थरूर, प्रधानमंत्री मोदी को देश की 'प्रमुख संपत्ति' (Prime Asset) बता रहे हैं। थरूर ने स्वीकार किया है कि प्रधानमंत्री मोदी की ऊर्जा, गतिशीलता और जुड़ाव की इच्छा भारत के लिए वैश्विक स्तर पर एक अनमोल संपत्ति बन चुकी है. वहीं दूसरी ओर, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बेहद भावुक नजर आए और ‘मोदी चालीसा’ पढ़ते दिखाई दिए. अब तो शिवगिरी मठ से पीएम मोदी की तुलना स्वयं महात्मा गांधी से की जा रही है. मठ के प्रमुख, स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी में महात्मा गांधी जैसी ईमानदारी, आदर्शों की शुद्धता, आध्यात्मिक गहराई और अनुशासन के गुण स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं.

इन सभी संकेतों को देखते हुए क्या यह अनुमान लगाया जा सकता है कि आज के प्रधानमंत्री मोदी, भविष्य के महामहिम (राष्ट्रपति) बन सकते हैं? अब तक भारत के इतिहास में कोई भी ऐसा राजनेता नहीं रहा जो प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों पदों पर आसीन रहा हो. अब तक भारत को 15 राष्ट्रपति मिले हैं, जिनमें वर्तमान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश की 15वीं राष्ट्रपति हैं. इसी तरह 15 प्रधानमंत्री भी देश को मिले हैं। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के पहले ऐसे नेता हैं जिन्हें जनता ने लगातार तीन बार देश की सत्ता सौंपी. अपने 54 वर्षों के राजनीतिक जीवन में प्रधानमंत्री मोदी ने एक चायवाले से लेकर देश के सर्वोच्च कार्यकारी पद तक का सफर तय किया है. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है,क्या भविष्य की नियति उन्हें देश के 16वें राष्ट्रपति पद तक ले जा सकती है? इसी पर आधारित है स्वामी यो की ऐतिहासिक भविष्यवाणी. जानिए पूरी बात नीचे दिए गए वीडियो में.

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