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अगर कभी हुआ परमाणु प्रलय तब इन 5 देशों को नहीं आएगी कोई भी आंच

कुछ देश ऐसे हैं जो परमाणु हमले में भी सुरक्षित आने वाले समय में सुरक्षित रहेंगे. इन देशों की भौगोलिक स्थिति और भविष्य के खतरे से बचने के लिए तैयारियां अपने आप में मिसाल हैं. जानें कोन से हैं वो देश.

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पुराणों में कहा गया है जब अधर्म अपने चरम पर होगा, जब लोभ, मोह और युद्ध की ज्वालाएं चारों दिशाओं में फैलेंगी. तब प्रलय के संकेत धरती पर दिखाई देने लगेंगे. आज वही समय हमारे सामने खड़ा है. रूस-यूक्रेन के रण में रक्त बह रहा है, इज़राइल और हमास की लड़ाई ने मानवता को हिला कर रख दिया था, और अब भारत-पाकिस्तान के बीच की सीमा भी शांति से दूर होती जा रही है. यह केवल युद्ध नहीं, बल्कि एक ऐसी आहट है जो हमें आने वाले 'महायुद्ध' की चेतावनी दे रही है जहाँ परमाणु विनाश की आशंका सच्चाई बन सकती है. लेकिन क्या इस पृथ्वी पर कोई जगह ऐसी बची है, जो इस ‘प्रलय’ से अछूती रहेगी? क्या कुछ देश ऐसे भी हैं, जो युद्ध की इस आग में भी शांत रहेंगे? आइए, जानते हैं उन रहस्यमयी देशों के बारे में, जो सबसे ज्यादा सुरक्षित है.

दुनिया एक बार परमाणु हमले का परिणाम देख चुकी है. जब अमेरिका ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान पर इनका इस्तेमाल किया था. फिलहाल रूस कई बार यूक्रेन पर परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे चुका है. पाकिस्तान ने भी बार-बार परमाणु बमों के इस्तेमाल की धमकी दे रहा है. कई देश इन विनाशकारी हथियारों के इस्तेमाल से बचते हैं. लेकिन कुछ देश ऐसे हैं जो परमाणु हमले में भी सुरक्षित रहेंगे. इन देशों की भौगोलिक स्थिति और भविष्य के खतरे से बचने के लिए तैयारियां अपने आप में मिसाल हैं. इन 5 देशों की सूची में सबसे पहला नाम स्विट्जरलैंड का है.

स्विट्जरलैंड
स्विट्जरलैंड सबसे पसंदीदा टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक है. स्विट्जरलैंड को परमाणु हमले से सबसे ज्यादा सुरक्षित माना गया है. दरअसल, स्विट्जरलैंड में अपने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए बड़े स्तर पर न्यूक्लियर शेल्टर बनाए गए हैं. ये शेल्टर्स आने वाले किसी भी परिस्थिति के लिए अपने देश को तैयार रखता है.

आइसलैंड
आइसलैंड ने भी अब तक के युद्धों में किसी भी तरह से किसी का भी समर्थन नहीं दिया है ना ही किसी का पक्ष लिया है. आइसलैंड दुनिया की सबसे शांत जगहों में से एक है. इसीलिए इसे सुरक्षित देश बनाता है. 5 मई 1951 को, नाटो के माध्यम से आइसलैंड और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इस रक्षा संधि के अनुसार, संयुक्त राज्य अमेरिका ने अनिर्दिष्ट समय के लिए आइसलैंड की रक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्वीकार की.

न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड एक शांती प्रिय देश है. ये किसी भी तरह से किसी भी युद्ध के समर्थन में नहीं रही. यही नहीं ये देश पहाड़ों से घिरा हुआ है जो इसे परमाणु हमले से सुरक्षित माना जाता है. यही नहीं ग्लोबल पीस इंडेक्स में न्यूजूलैंड की पोजीशन हमेशा बेहतर रहा है. इस देश में सख्त परमाणु-विरोधी नीतियां है. 

भूटान
भूटान वैश्विक शक्तियों के साथ सीमित संपर्क इसे लक्ष्य बनने से बचाता है. भूटान एक ऐसा देश है, जो दुनिया की राजनीति से खुद को अलग रखता है. इस देश की भौगोलिक स्थिति और संस्कृति अपने आप में ही खास है. भूटान को 1971 में संयुक्त राष्ट्र की सदस्यता मिली थी. इस देश को परमाणु हमले से सबसे ज्यादा सुरक्षित देश माना गया है  यह देश पहाड़ी क्षेत्रों से घिरा हुआ है. 

इंडोनेशिया 
इंडोनेशिया की विदेश नीति स्वतंत्र है और अब तक हुए किसी भी युद्ध में इस देश ने किसी का पक्ष नहीं लिया है. यह इस देश की सुरक्षा का बड़ा कारण है. ऐसा कहा जाता है कि अगर तृतीय विश्व युद्ध होता है या फिर परमाणु हमला होता है तो इंडोनेशिया अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के कारण किसी एक पक्ष में नहीं होगा, जिससे यह इस हमले से भी सुरक्षित बच सकता है. 

तो ये थे वो देश जो अगर तीसरा युद्ध छिड़ता है तो कुछ देशों को उनकी राजनीतिक रिश्ते, भौगोलिक अलगाव और वैश्विक संघर्षों में कम भागीदारी के कारण सुरक्षित माना जाता है. वहीं भारत को बात-बात पर परमाणु को लेकर धमकी देने वाले पाकिस्तान को शिवभक्त मौदी ने कैसे दिया जवाब सुनिए.
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