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इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण किन 3 राशियों के लिए लाएगा मुसीबत? किन उपायों से पा सकते हैं निजात
साल का आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सिंतबर को आने वाला है, लेकिन ये सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा, और इसके क्या प्रभाव पड़ने वाले हैं, ये आपको पता होना चाहिए.
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इस बार साल का आखिरी सूर्य ग्रहण आश्विन अमावस्या को यानि 21 सितंबर को लगने जा रहा है. हालांकि ये सूर्य ग्रहण भारत में तो दिखाई नहीं देगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए ये ग्रहण बहुत मुसीबत लेने वाला है. अगर आपकी राशि इनमें से एक है तो सावधान हो जाएं क्योंकि ये ग्रहण आपके लिए भी मुसीबत बन सकता है. ऐसे में आप कुछ उपायों को करके इस ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम कर सकते हैं. लेकिन पहले जान लीजिए कि आखिर कौन सी हैं ये तीन राशियां जिनके लिए ये सूर्य ग्रहण अंधेरा लेकर आने वाला है.
कन्या राशि
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ये ग्रहण कन्या राशि में ही हो रहा है तो इस राशि के जातकों को मानसिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा. साथ ही आपके निर्णय भी गलत होंगे इसलिए कोई भी निर्णय लेने से बचें और सूर्य मंत्र का जाप करें.
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मीन राशि
बता दें कि मीन राशि कन्या राशि के विपरीत होती है और राहु और केतु से भी प्रभावित होती है. इस राशि के जातकों को रिश्तों में तनाव, भ्रम जैसी कई परेशानियां लेकर आएगा. इसलिए अपने रिश्तों में स्पष्टता रखें.
मिथुन राशि
मिथुन राशि वालों के लिए ये ग्रहण कई मुसीबतें बढ़ा सकता है. कुछ जातकों को स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियां बढ़ सकती हैं, कई जातकों को धोखा मिलने की संभावना है. तो कई जातकों को धन की हानि हो सकती है ऐसे में आप इस दौरान जो भी कार्य करें सोच-समझ कर ही करें.
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राशि के अनुसार करें ये उपाय
कन्या राशि - इस दौरान सूर्य देव को जल अर्पित करें. ॐ घृणि: सूर्याय नम: सूर्य मंत्र का 108 बार जाप करें. गरीबों में गेहूं दान करें. साथ ही लाल कपड़े भी आप दान कर सकते हैं, ऐसा करने से सूर्य देव शांत होते हैं.
मीन राशि
मीन राशि के जातक इस दौरान ॐ बृं बृहस्पतये नम: मंत्र का जाप करें. पीले वस्त्र धारण करें. साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ भी आप कर सकते हैं. इससे भी आसपास की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है.
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मिथुन राशि
इस दौरान आप भगवान गणेश की पूजा करें क्योंकि मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए आप ॐ बुं बुधाय नम: मंत्र का जाप जरूर करें. इस दिन हरे वस्त्र पहनें, गरीबों में हरी मूंग की दाल से बनी खिचड़ी दान करें, साथ ही छोटे बच्चों को किताबें दान करें.