Advertisement

Loading Ad...

25 फरवरी पंचांग: सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग, जानें तिथि, मुहूर्त और राहुकाल का समय

शुभ योग और मुहूर्त की बात करें तो बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा. शुभ कार्यों के लिए दिन बहुत अच्छा है. रवि योग दोपहर 1 बजकर 38 मिनट से 26 फरवरी की सुबह 6 बजकर 49 मिनट तक रहेगा.

Loading Ad...

सनातन परंपरा में पंचांग को समय की सबसे प्रमाणिक और व्यापक व्यवस्था माना गया है. आधुनिक कैलेंडर और घड़ी के बजाय पंचांग से शुभ-अशुभ मुहूर्त तय करते हैं. यह सूर्योदय, सूर्यास्त के साथ दिनभर के शुभ-अशुभ कालों की पूरी जानकारी देता है. 25 फरवरी को बुधवार है. इस दिन शुभ योगों का संयोग बन रहा है. 

इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा, जो सभी प्रकार के शुभ कार्यों, नई शुरुआत, व्यापार, विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश और अन्य महत्वपूर्ण कामों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही बुधवार होने से गणपति और बुध ग्रह की पूजा-अर्चना का भी विशेष महत्व है.

तिथि, नक्षत्र और ग्रह स्थिति

Loading Ad...

दृक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 25 फरवरी की सुबह 4 बजकर 51 मिनट तक है, उसके बाद नवमी तिथि रहेगी. नक्षत्र रोहिणी दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक, उसके बाद मृगशिरा है. योग विष्कम्भ और करण बालव दोपहर 3 बजकर 45 मिनट तक, उसके बाद कौलव रहेगा. चंद्रमा वृषभ राशि में संचार करेंगे. वहीं, सूर्योदय 6 बजकर 50 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 18 मिनट पर होगा.

Loading Ad...

शुभ योग और मुहूर्त

शुभ योग और मुहूर्त की बात करें तो बुधवार को सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा. शुभ कार्यों के लिए दिन बहुत अच्छा है. रवि योग दोपहर 1 बजकर 38 मिनट से 26 फरवरी की सुबह 6 बजकर 49 मिनट तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 10 मिनट से 6 बजे तक है, जो पूजा, ध्यान और अध्ययन के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. वहीं, अमृत काल सुबह 10 बजकर 38 मिनट से दोपहर 12 बजकर 8 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 29 मिनट से 3 बजकर 15 मिनट तक है.

Loading Ad...

अशुभ समय (इन समयों में करें परहेज)

यह भी पढ़ें

अशुभ समय की बात करें तो बुधवार को राहुकाल दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से 2 बजे तक है. इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं. यमगंड सुबह 8 बजकर 16 मिनट से 9 बजकर 42 मिनट तक गुलिक काल सुबह 11 बजकर 8 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक है. दुर्मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक और ज्वालामुखी योग सुबह 6 बजकर 50 मिनट से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक है. इस समय कोई नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...