×
जिस पर देशकरता है भरोसा
Advertisement

गणेश चतुर्थी के 10 दिनों में रोजाना इस कथा का पाठ जरुर करें, बड़े से बड़ा संकट भी हो सकता है मिनटो में दूर

हर साल की तरह इस साल भी गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस दौरान आप भगवान गणेश से जुड़ी कथा को अपने घर में जरूर पढ़ें. साथ ही इस कथा को गणेश चतुर्थी के दौरान पढ़ने के क्या-क्या फायदे हैं वो भी जरूर जानिए.

Author
27 Aug 2025
( Updated: 11 Dec 2025
08:20 AM )
गणेश चतुर्थी के 10 दिनों में रोजाना इस कथा का पाठ जरुर करें, बड़े से बड़ा संकट भी हो सकता है मिनटो में दूर
AI Image: Ganesh Chaturthi
Advertisement

हिंदू धर्म में गणेश चतुर्थी का बहुत महत्व होता है, हर साल की तरह इस बार भी गणेश चतुर्थी का त्यौहार पूरे देश में धूम मचा रहा है. यह एक ऐसा पर्व है जो लगातार 10 दिनों तक चलता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि गणेश चतुर्थी से जुड़ी एक ऐसी कथा भी है जिसे इन 10 दिनों के दौरान जरूर पढ़ना चाहिए, इससे घर में शांति बनी रहती है.

आखिर कैसे हुआ भगवान गणेश का जन्म?
वैसे तो भगवान गणेश से जुड़ी कई सारी कथाएं प्रचलित हैं और उन्हीं में एक कथा है भगवान गणेश के जन्म की. शिव पुराण के अनुसार एक बार मां पार्वती ने स्नान के लिए बेसन का उबटन लगाया था. उन्होंने उस उबटन से एक पुतला बनाकर उसमें प्राण डाल दिए, जो बाद में कहलाए भगवान गणेश. इसके बाद मां पार्वती स्नान के लिए चली गईं और भगवान गणेश को आदेश दिया कि तुम यहीं द्वार पर खड़े रहना और किसी को अंदर मत आने देना. अपनी मां की बात का गणपति ने पूरे सम्मान से पालन किया. लेकिन जब मां पार्वती से मिलने शिव जी आए तो गणेश जी ने उन्हें अंदर आने से मना कर दिया. यह बात भगवान शिव को उनका अपमान करने जैसी लगी. भगवान शिव ने क्रोध में आकर गणेश जी का सिर धड़ से अलग कर दिया. जब मां पार्वती ने यह देखा तो उन्होंने क्रोध में आकर रोना शुरू कर दिया और धरती पर प्रलय शुरू हो गया. जिसके बाद सभी देवी-देवता चिंता में आ गए और मां पार्वती से शांत होने की प्रार्थना करने लगे. उसके बाद भगवान शिव ने गरुड़ जी से कहा कि उत्तर दिशा में जाएं और जो भी मां अपनी तरफ पीठ करके सो रही हो उसके बच्चे का सिर ले आओ. जिसके बाद गरुड़ जी एक हथिनी के बच्चे का सिर ले आए. भगवान शिव ने अपनी शक्तियों से गणेश के धड़ से उस सिर को जोड़कर उनके शरीर में प्राण डाल दिए. तब भगवान गणेश को कई सारे देवी-देवताओं का आशीर्वाद मिला जिसने भगवान गणेश को और देवताओं से अलग बनाया. यही कारण है कि उन्हें आज हर शुभ कार्य में सबसे पहले पूजा जाता है. उन्हें बुद्धि, ज्ञान और विघ्नहर्ता का देवता कहा जाता है.

Advertisement

गणेश चतुर्थी के दौरान क्यों करना चाहिए पाठ?

मान्यता है कि इस कथा को सुनने से जीवन की कई बाधाएं दूर होती हैं. यह कथा भक्तों को विश्वास दिलाती है कि मुश्किलों से डरना नहीं है, बल्कि उनका सामना कैसे करना है.

इस कथा को सुनाने से परिवार के बीच प्रेम बढ़ता है, पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं.

अगर आप किसी इच्छा की पूर्ति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं तो भी इस कथा को रोजाना सुनने मात्र से ही इच्छा की पूर्ति होती है.

Advertisement

यह भी पढ़ें

इस कथा को सुनने से ईश्वर और भक्त का रिश्ता मजबूत होता है, साथ ही भक्त की आत्मा की शुद्धि भी होती है.

Tags

Advertisement
टिप्पणियाँ 0
LIVE
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Close
ADVERTISEMENT
NewsNMF
NMF App
Download
शॉर्ट्स
वेब स्टोरीज़
होम वीडियो खोजें