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नवरात्र के नौ दिनों तक क्या एक चीज खाकर मोदी का जोश हाई रहता है ?

एक बार फिर मां भगवती के प्रति पीएम मोदी की भक्ति चर्चा में है। हाल ही के एक पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने शक्ति उपासने के 9 दिनों का महत्व समझाया है। उपवास रखने के क्या मायने हैं, ये बताया है। नवरात्रि काल में शक्ति की भक्ति से खुद को कैसे जोड़ते हैं, इस बात का खुलासा किया है और किस प्रकाप से शक्ति की यही भक्ति पीएम मोदी के दुश्मनों को पनपने नहीं देती है।

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शिव भक्त पीएम मोदी की शक्ति के प्रति आगाध आस्था किसी से छिपी नहीं है। हमारे देश के कर्मशील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शक्ति उपासना में कितना यक़ीन रखते हैं, इसका अंदाज़ा Narendra Modi यू ट्यूब पेज पर जाकर पता लगाया जा सकता है, जिस पर नवरात्रि से जुड़े मां दुर्गा की उपासने करते हुए पीएम मोदी के अनगिनत वीडियो मौजूद हैं। एक बार फिर मां भगवती के प्रति पीएम मोदी की भक्ति चर्चा में है। हाल ही के एक पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने शक्ति उपासने के 9 दिनों का महत्व समझाया है। उपवास रखने के क्या मायने हैं, ये बताया है। नवरात्रि काल में शक्ति की भक्ति से खुद को कैसे जोड़ते हैं, इस बात का खुलासा किया है और किस प्रकाप से शक्ति की यही भक्ति पीएम मोदी के दुश्मनों को पनपने नहीं देती है।

शक्ति के प्रति ये पीएम मोदी का समर्पण है, जो अमेरिका जाकर भी शानदार रात्रिभोज में लज़ीज़ पकवानों के आगे पीएम मोदी सिर्फ़ नींबू पानी पीकर रह गये। ऐसा इसलिए क्योंकि शारदीय और चैत्र नवरात्रि के व्रत रखने वाले पीएम मोदी देश में हो या फिर विदेश में व्रत से जुड़ी परंपरा कभी छोड़ते नहीं हैं। भूखे रहकर भी उनका जोश हमेशा हाई रहता है। 74 साल के पीएम मोदी आज भी साल में दो बार नौ दिनों तक दिन भर उपवास रखते हैं और ये वो अभी से नहीं बल्कि बीते 44 सालों से रख रहे हैं। व्रत रखने का ये सिलसिला उन्होंने तब शुरु किया , जब वो संघ प्रचारक लक्ष्मणराव इनामदार के संपर्क में हैं..पीएम मोदी ने ख़ुद इस बात का खुलासा किया कि 70 के दशक में मेरा संपर्क राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन प्रांत प्रचारक लक्ष्मणराव इनामदार उर्फ वकील साहब से हुआ। वो  बार-बार उपवास रखा करते थे। जब मैंने उनसे इसका राज पूछा तो वकील साहब ने कहा कि उपवास से मन, मस्तिष्क और शरीर, सबकुछ पवित्र और स्वस्थ रहता है। फिर क्या था, मैंने भी ठान लिया कि अब मैं भी उपवास रखूंगा । इस तरह नौ दिनों तक शक्ति की भक्ति में मैं  अन्न का पूर्ण त्याग करता हूँ और सिर्फ़ फलाहार और गुनगुना नींबू पानी लेता हूँ। 


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मन में शक्ति की भक्ति और दिन भर का उपवास हिंदू हृद्य सम्राट ऐसे वक़्त अपने काम से कभी पीछे नहीं हटते हैं। नवरात्रि के समय उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान, 9 दिनों में 13 राज्यों को छान डाला था। 22 हजार किलोमीटर का सफर करके 23 रैलियों को संबोधित किया था। बहरहाल बीते दिनों पॉडकास्ट में पीएम मोदी ने सबसे पहले उपवास को लेकर अपना दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने उपवास के जरीये इंद्रियों को तेज करने, मानसिक स्पष्टता बढ़ाने और अनुशासन स्थापित करने में इसके लाभों पर जोर दिया। वास्तव में उपवास शुरू करने से पहले, मैं जितना संभव हो उतना पानी पीना सुनिश्चित करता हूं. इसलिए, आप कह सकते हैं कि यह विषहरण प्रक्रिया मेरे शरीर को सर्वोत्तम संभव तरीके से तैयार करने में मदद करती है. और एक बार जब मैं उपवास शुरू करता हूं, तो मेरे लिए यह भक्ति का कार्य होता है. मेरे लिए, उपवास आत्म-अनुशासन का एक रूप है. मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से, जब मैं उपवास के दौरान अपनी दैनिक गतिविधियां करता हूं, तब भी मेरा मन गहराई से आत्मनिरीक्षण करता रहता है और अंदर की ओर केंद्रित रहता है, और यह अनुभव मेरे लिए बहुत ही परिवर्तनकारी है. उपवास का मेरा अभ्यास किताबें पढ़ने, धर्मोपदेश सुनने या किसी परंपरा का पालन करने से नहीं आया है, क्योंकि मेरे परिवार ने इसका पालन किया है. यह मेरे अपने निजी अनुभव से आया है।

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इतना ही नहीं, नवरात्र से जुड़े नौ दिनों की उपासना को लेकर पीएम मोदी ये भी कहते है। "हमारे शास्त्रों में शरीर, मन, बुद्धि, आत्मा और मानवता को ऊपर उठाने पर गहन चर्चा है. वे इसे प्राप्त करने के लिए विभिन्न मार्गों, परंपराओं और प्रणालियों की रूपरेखा तैयार करते हैं, और उपवास उनमें से एक है, लेकिन केवल उपवास ही सब कुछ नहीं है. भारत में, चाहे आप इसे सांस्कृतिक रूप से देखें या दार्शनिक रूप से, कभी-कभी मैं देखता हूं कि उपवास अनुशासन विकसित करने का एक तरीका है।"

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