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मंगलवार की दशमी पर करें हनुमान जी की विशेष पूजा, बजरंगबली की कृपा पाने का सुनहरा अवसर, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व
मंगलवार का यह दिन रामभक्त हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित है क्योंकि स्कंद पुराण के अनुसार, बजरंगबली का जन्म इसी दिन हुआ था. बजरंगबली को संकटमोचन और मंगल ग्रह के नियंत्रक के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट, भय और चिंताएं दूर होती हैं. साथ ही, मंगल ग्रह से संबंधित ज्योतिषीय बाधाएं भी समाप्त होती हैं.
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आश्विन मास की दशमी तिथि मंगलवार को पड़ रही है. इस दिन आडल और विडाल योग का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता है. ऐसे में आप जो भी नया कार्य शुरु करेंगे उसमें आपको सफलता मिल सकती है.
अभिजीत मुहूर्त कब शुरु होगा?
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दृक पंचांग के अनुसार, सूर्य देव सिंह राशि में और चंद्रमा मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 40 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर के 3 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर 4 बजकर 53 मिनट तक रहेगा.
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हनुमान जी का जन्म कब हुआ था?
मंगलवार का यह दिन रामभक्त हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित है क्योंकि स्कंद पुराण के अनुसार, बजरंगबली का जन्म इसी दिन हुआ था. बजरंगबली को संकटमोचन और मंगल ग्रह के नियंत्रक के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट, भय और चिंताएं दूर होती हैं. साथ ही, मंगल ग्रह से संबंधित ज्योतिषीय बाधाएं भी समाप्त होती हैं.
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हनुमान भक्त जरुर करें ये कार्य
बजरंगबली के भक्तों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है. इस दिन लाल रंग के वस्त्र पहनना, हनुमान चालीसा का पाठ करना और हनुमान जी को लाल सिंदूर व चमेली का तेल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है.
इस दौरान पूजा-अर्चना कैसे करें?
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इस दिन पूजा करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म-स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ करें. फिर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा की सामग्री रखें और उस पर अंजनी पुत्र की प्रतिमा स्थापित करें. इसके बाद, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं और बजरंग बली की आरती करें. इसके बाद आरती का आचमन कर आसन को प्रणाम करके प्रसाद ग्रहण करें. साथ ही इस दिन शाम को भी हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए. व्रत में केवल एक बार भोजन करें और नमक का सेवन न करें. मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से शक्ति और साहस में वृद्धि होती है. इसके साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है.
इस दिन लाल रंग का महत्व क्यों बढ़ जाता है?
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मान्यता है कि लाल रंग मंगल ग्रह का प्रतीक है. इस दिन लाल कपड़े पहनना और लाल रंग के फल, फूल और मिठाइयां अर्पित करना शुभ माना जाता है. ज्योतिषियों का कहना है कि इस दिन हनुमान मंदिर में दर्शन और पूजा से विशेष फल की प्राप्ति होती है. हनुमान जी की कृपा से भक्तों को साहस, शक्ति और आत्मविश्वास मिलता है. इस पावन दिन पर हनुमान जी की आराधना कर जीवन में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करें.