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कलावा बांधते समय न करें ये 5 गलतियां, वरना आ सकती है जीवन में मुश्किल, हो सकती है अनहोनी
कलावा बांधते समय व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से शुद्ध होना बहुत जरूरी है. इसलिए जब भी आप कलावा बंधवाएं तो स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें. इसके बाद ही कलावा अपने हाथ में बंधवाएं.
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हिन्दू धर्म में कलावे का बहुत महत्व होता है. हिन्दुओं के लिए ये न सिर्फ आस्था का रुप होता है बल्कि रक्षा का प्रतीक भी होता है. मान्यता है कि कलावा न सिर्फ नकारात्मक शक्तियों से बचाता है बल्कि सुख-समृद्धि को भी अपनी ओर आकर्षित करता है. इसलिए हर शुभ कार्य में कलावे को जरूर शामिल किया जाता है. लेकिन कलावे का उपयोग करते समय कुछ बातों का भी ध्यान रखना बहुत जरूरी है, ताकि इसके नकारात्मक प्रभावों से बचा जा सके. इसलिए अगर आप भी कलावे का उपयोग करते हैं तो इन बातों का जरूर ध्यान रखें.
कलावा बांधते समय किन 5 बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
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शुद्धता और पवित्रता का रखें ध्यान
कलावा बांधते समय व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से शुद्ध होना बहुत जरूरी है. इसलिए जब भी आप कलावा बंधवाएं तो स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें. इसके बाद ही कलावा अपने हाथ में बंधवाएं.
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सही दिशा में मुख करना क्यों आवश्यक?
मान्यता है कि कलावा बंधवाते समय अपना मुख उत्तर या फिर पूर्व दिशा में ही करना चाहिए. इसके अलावा आप इसे मंदिर में जाकर ही बंधवाएं. ऐसे में इसका प्रभाव सकारात्मक पड़ता है.
मंत्रों का सही उच्चारण
हमेशा ध्यान रखें कि कलावा बांधते समय ‘ॐ रक्षायै नमः’ मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए. इससे कलावे का सकारात्मक प्रभाव बढ़ जाता है. लेकिन अगर मंत्र याद न हो तो हनुमान जी का नाम जरूर लें.
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कलावे का सही हाथ में होना क्यों जरूरी है?
कलावे का सही हाथ में होना बहुत आवश्यक होता है. पुरुषों और अविवाहित महिलाओं को दाहिने हाथ में कलावा बंधवाना चाहिए और विवाहित महिलाओं को बाएं हाथ में कलावा बंधवाना चाहिए.
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कलावा बांधते समय गांठों का महत्व
कलावा बांधते समय गांठों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है ताकि जीवन में इससे जुड़ी परेशानियां न आ सकें. हमेशा कलावे में दो या तीन से ज्यादा गांठें न लगाएं. दो या तीन गांठें लगाना ही शुभ होता है.