Advertisement
साल 2025: भारत में लगने वाले ग्रहणकाल के बारे में पूरी जानकारी
साल 2025 को शुरु हुए लगभग महीना हो चुका है बढ़ते समय के साल बहुत सारी खगोलीय घटनायें भी देखने को मिलती है और उन्ही में से एक घटना का जिक्र आज इस वीडियो में दिखने को मिलेगा जिसमें आपको साल के पहले और आखिरी सूर्य और चंद्रग्रहण के बारे में देखने को मिलेगा आपको ये जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरुर बताये और नई अपडेट के लिए Subscribe कर लिजिए धर्म ज्ञान ।
Advertisement
2025 यानि नया साल नई उमंग , नये उत्साह , और गुड लक के साथ शुरु हो चुका है अब नया साल शुरु हुआ है तो नई एक्टिवीटी भी शुरु होंगी जो पूरे भारत को एक नया रुख देंगी और आज हम जिस खगोलीय हलचल के बारे में बात करेंगे वो है सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण को लेकर.. आज इस वीडियो में 2025 में लगने वाले ग्रहण के बारे में बात करेंगे। जानेंगे कितने ग्रहण लगेंगे कब-कब लगेंगे और भारत में हम इस बार कितने ग्रहण देख पाएगें तो चलिए आज आपको इन सभी चीजों के बारे डिटेल में बताते है-
Advertisement
Advertisement
पौराणिक महत्तव
तो चलिए जान लेते है सबसे पहले ग्रहण के पौराणिक महत्व के बारे में सनातन धर्म में ग्रहण लगने का पौराणिक महत्व है इससे जुड़ी पौराणिक कथाए बहुत प्रचलित है जो समुंद्र मंथन और राहु-केतु से जुड़ी है और इन कथाओं के अनुसार राहु-केतु दोनों ही चन्द्रमा को अपना शत्रु मानते है।इ सलिए कुछ-कुछ समय के दौरान ही उन पर ग्रहण लगाते रहते है। दुसरी कथा के अनुसार जब समुंद्र मंथन के दौरान समुंद्र से अमृत का कलश निकला तो देवताओं को डर था के ये कलश दानवों के हाथ न लग जाए अगर ये कलश दानवों के हाथ लगता तो वो अमर हो जाएंगें इसलिए भगवान विष्णु ने मोहनी का रुप धारण करके असुरों का ध्यान भटकाया और देवताओं को अमृत ग्रहण करवाया था, लेकिन स्वरभानु नाम के एक असुर ने अमृत को पी लिया और ये बात चंद्र और सूर्य को पता चल गई और उन्होंने भगवान विष्णु को बताया और क्रोध में भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर काट दिया लेकिन राहु ने अमृत पान किया हुआ था जिसके कारण राहु अमर हो गया। जिसके बाद से सिर राहु और धड़ केतु कहलाया। इसी घटना के चलते समय-समय पर सूर्य और चन्द्रमा पर ग्रहण लगता है तो चलिए अब जान लेते है कि इस साल कितने ग्रहण लगने वाले है।
Advertisement
2025 में कितने ग्रहण लगेंगे
ज्योतिषों के अनुसार इस बार चार ग्रहण लगेंगे जिसमें दो सूर्य ग्रहण होंगे और दो चन्द्र ग्रहण होंगे… लेकिन जो लोग खगोलिय विज्ञान में दिलचस्पी रखते है उन्हें शायद थोड़ा सा बुरा लगे क्योंकि ये चार ग्रहण तो लगेंगे ही लेकिन इनमें से सिर्फ एक ही भारत में देखने को मिलेगा अब वो कौन सा ग्रहण होगा जो इस बार सभी भारतीयों को देखने को मिलेगा ये भी आगे आपको पता चलेगा, लेकिन सबसे पहले सभी ग्रहण के बारे में जान लेते है ।
पूर्ण चन्द्रग्रहण
इस साल का ये सबसे पहला चन्दग्रहण होने वाला है और ये चन्दग्रहण 14 मार्च को लगने वाला है लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी की ये चन्दग्रहण भारत में नही देखने को मिलेगा इसके अलावा ये चन्दग्रहण पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका, दक्षिणी अंटलाटिक महासागर और अमेरिका में देखने को मिलेगा क्योंकि ये चन्द्रग्रहण दिन में लगने वाला है इसलिए ये चन्दग्रहण भारत में नही देखने को मिलेगा ।
Advertisement
29 मार्च आंशिक सूर्य ग्रहण
ये सूर्य ग्रहण साल का पहला सूर्य ग्रहण होने वाला है, आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है, जिससे पृथ्वी के लोगों के लिए सूर्य की छवि पूरी तरह से या फिर ज्यादा दिखाई नही देती है… और इस सूर्य ग्रहण को भी भारतीय नही देख पायेंगे.. ये सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तर-पश्चिम रुस और उत्तरी अडलांटिक महासागर, में देखने को मिलेगा।
7-8 सितंबर पूर्ण चन्द्रग्रहण
ये चन्द्रग्रहण भारत के साथ और भी कई देशों में लगेगा और भारत में ये दिखाई भी देगा। वैज्ञानिकों के अनुसार ये चन्द्रग्रहण 7 सितंमबर को रात 8:58 से शुरु होकर सुबह 2:25 बजे तक रहने वाला है । इसमें चन्द्रमा गहरे लाल रंग का हो जायेगा जिसे Blood moon भी कहा जाएगा, और ये चन्द्रग्रहण भारत के साथ एशिया, यूरोप, अंटार्कटिका, पश्चिमी प्रशांत महासागर में भी देखा जा सकेगा ।
Advertisement
यह भी पढ़ें
21-22 सितंबर आंशिक सूर्य ग्रहण
ये सूर्य ग्रहण साल का अंतिम सूर्य ग्रहण होने वाला है और 21-22 को होने वाला ये सूर्य ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण होने वाला है। अब आप सोच रहे होंगे की ये आंशिक सूर्य ग्रहण क्या होता है तो चलिए हम आपको बता देते है जब चंद्रमा सूर्य के चमकीले हिस्से को पूरी तरह से ढक देता है तो उसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहते है इस दौरान चंद्रमा की गहरी छाया पृथ्वी पर नही पड़ती है और ये सूर्य ग्रहण भारत में नही दिखाई देगा बल्कि ये आंशिक सूर्य ग्रहण न्यूजीलैंड, पूर्वी मेलानेशिया, दक्षिणी पोलिनेशिया और पश्चिमी अंटार्कटिका में देखा जाएगा और अगर आप इस ग्रहण को नग्न आखों से देखने की कोशिश करते है तो इससे आपकी आखों पर भी बुरा असर पड़ेगा आपको ये जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके जरुर बताये ।